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अनुशासित शैली कैंसर के विरुद्ध लड़ाई का कारगर हथियार : डॉ. निधि

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पानीपत। एसडी पीजी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई की ओर विश्व कैंसर दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दिल्ली के आरजीसीआईआरएस दिल्ली से स्त्री रोग संबंधी ऑन्कोलॉजी में फैलोशिप डॉ. निधि नैय्यर ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने गर्भाशय, ग्रीवा, अंडाशय, एंडोमेट्रियल, योनिमुख और स्तन कैंसर होने के कारणों और इससे बचाव के उपायों पर चर्चा की और अपने अनुभव को छात्राओं के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और अनुशासित जीवन शैली कैंसर के विरुद्ध लड़ाई के कारगर हथियार हैं।
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डॉ. निधि नैय्यर ने छात्राओं के मन में व्याप्त कैंसर के भय को दूर कर उनके सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने कैंसर से लड़ने और दूसरों को कैंसर के प्रति जागरूक करने की शपथ भी दिलाई। प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राकेश गर्ग और डॉ. संतोष कुमारी ने मेहमानों का स्वागत किया। डॉ. निधि नैय्यर ने कहा कि हम किसी भी प्रकार के कैंसर से बच सकते है। इसके लिए सबसे पहले महिलाओं को अपनी झिझक को छोड़ना होगा। स्वस्थ जीवनशैली, फाइबर युक्त पौष्टिक भोजन, नियमित व्यायाम और अनुशासित जीवन से हम कैंसर को भी मात दे सकते है। डॉ. अनुपम अरोड़ा ने कहा कि सदा खुश रहने वाले व्यक्ति में कैंसर होने की संभावना कम रहती है। खुशदिल व्यक्ति बेहतर तरीके से कैंसर से लड़कर इस जंग को जीत सकता है। हमेशा खुश रहना कैंसर के खिलाफ सबसे सर्वोत्तम दवाई और इलाज है। डॉ. संतोष कुमारी ने कहा कि कैंसर रोगों का एक वर्ग है। कैंसर का जोखिम उम्र बढ़ने के साथ ज्यादा बढ़ता है। लगभग सभी कैंसर रूपांतरित कोशिकाओं के आनुवंशिक पदार्थ में असमानताओं के कारण पैदा होते हैं। इस मौके पर डॉ. प्रियंका चांदना, डॉ. दीपिका अरोड़ा, डॉ. सुशीला बेनीवाल, प्रो. जुगमती, प्रो. मीतू सैनी, डॉ. इंदु गर्ग व डॉ. एसके वर्मा मौजूद रहे।
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