पानीपत। गेहूं का सीजन समाप्त होने के लगभग डेढ़ माह बाद जिले में अब धान की बिजाई शुरू हो गई है। धान रोपाई के लिए खेतों में किसानों द्वारा धान की नर्सरी तैयार की जा रही है। 15 जून के बाद खेतों में धान रोपाई का कार्य शुरू होगा। हालांकि अधिकतर किसान धान रोपाई के लिए मानसून के आने का इंतजार कर रहे हैं। अधिकतर किसानों द्वारा जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के प्रथम सप्ताह में धान रोपाई की जाएगी। कृषि विभाग के अनुसार पानीपत जिले में हर वर्ष 75 से 80 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई की जाती है। इसमें से करीब 80 प्रतिशत क्षेत्र में किसानों का रूझान धान की बासमती किस्म पर होता है।
वहीं, कृषि विभाग धान की सीधी बिजाई पर जोर देता आ रहा है। धान की सीधी बिजाई करने से जहां पानी की 20 प्रतिशत तक बचत होती है वहीं देरी से सिंचाई करने से खरपतवार की समस्या भी कम आती है। कृषि विशेषज्ञों ने तरबतर खेत में बिजाई के बाद पहला पानी 21 दिन बाद लगाने की सलाह दी है। देरी से पानी लगाने से पौधों की जड़ें गहरी चली जाएंगी। वहीं पौधे का जमीन से ऊपर का भाग कम बढ़ेगा।
धान के पौधे की पानी देरी से लगाने पर जड़ों में अधिक वृद्धि होती है जिससे वे आसानी से भूमि से पोषक तत्व ले सकते हैं। जमीन की ऊपरी सतह सूखी रहने से खरपतवार कम उगते हैं। सीधी बिजाई वाली धान की फसल अगर बारिश के कारण उगने से पहले करंड हो जाती है तो खुरपे से करंड को खत्म कर दें।
इस अवस्था में भी पहली सिंचाई 21 दिन बाद ही करें। पहली सिंचाई के बाद अगला पानी पांच से सात दिनों के अंतराल पर दे सकते हैं। सीधी बिजाई वाले धान में खेत में पानी खड़ा करने की जरूरत नहीं है। केवल खेत में नमी बनाए रखें।
समय पर करें खाद का प्रबंधन
सीधी बिजाई वाली परमल धान की किस्मों में 130 किलोग्राम यूरिया को तीन बराबर भागों में बिजाई के चार, छह और नौ हफ्ते के बाद डालें। बासमती धान की किस्मों में 54 किलोग्राम यूरिया को बिजाई के तीन, छह और नौ हफ्ते के बाद खेत में डालें। लौह तत्व की कमी आने पर एक किलोग्राम फेरस सल्फेट को 100 लीटर पानी में घोलकर खेत में एक सप्ताह के अंतराल पर छिड़काव करें। पोटाश और फास्फोरस तत्वों का प्रयोग मिट्टी की जांच के आधार पर करें।
खरपतवारों का करें नियंत्रण
कृषि उपनिदेशक डॉ. आदित्य डबास ने बताया कि धान में खरपतवार नियंत्रण के लिए बिजाई के बाद 1300 मिली लीटर पैंडीमेथेलिन दवा को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ से हिसाब से छिड़काव करें। तर-बतर खेत में इस दवा का छिड़काव बिजाई के तुरंत बाद करें। जहां पर धान की सूखी बिजाई की है, वहां पर सिंचाई के बाद जब खेत में पैर रखने लायक मिट्टी हो जाए तो दवा का छिड़काव करें। 20 दिनों के बाद घास जाति वाले खरपतवारों की रोकथाम के लिए डिस पायरी बैंक सोडियम का छिड़काव कर सकते हैं। स्प्रे करते समय खेत में पानी न खड़ा रहने दें। इसके दो-तीन बाद खेत में पानी लगा दें।