पानीपत। शहर में पर्यावरण प्रदूषण लगातार बिगड़ता जा रहा है। पिछले पांच दिन से एयर क्वालिटी इंडेक्स रेड जोन में है। वहीं हवा में पीएम-2.5 की मात्रा चार गुना तक बढ़ गई है। मंगलवार को शहर का एक्यूआई 330 दर्ज किया गया है। मंगलवार को पीएम 2.5 न्यूनतम 226 औसतन 327 और अधिकतम 350 रहा। पीएम-10 न्यूनतम 145 औसत- 260 और अधिकतम 321 रहा। ये स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। इससे दमा रोगियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल दिवाली और उसके बाद भी प्रदूषण से राहत की उम्मीद नहीं है। स्मॉग के चलते रात और अल सुबह की दृश्यता घट गई है। बढ़ते प्रदूषण संग विभागीय लापरवाही भी शहरवासियों पर भारी पड़ रही है। स्थिति यह है कि एक्यूआई रेड जोन में पहुंच गया है, लेकिन नगर निगम, पीडब्ल्यूडी व एनएचएआई ने सड़कों के किनारे पानी का छिड़काव शुरू नहीं किया है। इस कारण पीएम- 2.5 की मात्रा चार गुना तक बढ़ी है। माना जा रहा है कि एक्यूआई अगर 400 से ऊपर पहुंचा तो सख्त पाबंदियां लागू हो सकती है, जिसके तहत स्कूलों को भी बंद किया जा सकता है। उद्योगों के संचालन पर रात को रोक लगाई जा सकती है। इससे टेक्सटाइल नगरी को करोड़ों का नुकसान होगा। फिलहाल प्रशासन स्कूलों की छुट्टी नहीं कर रहा है। प्रशासन इसको लेकर अन्य कदम उठा रहा है।
पिछले छह दिन का एक्यूआई-
दिन- एक्यूआई-
दो अक्टूबर- 295
तीन अक्टूबर- 301
चार अक्टूबर- 306
पांच अक्टूबर- 340
छह अक्टूबर - 346
सात अक्टूबर- 330
आने वाले दिनों में और खराब हो सकती है शहर की आबोहवा : डॉ. राजेंद्र
हवा का दबाव बढ़ रहा है। तापमान में गिरावट आ रही है। स्मॉग की चादर बनने का ये बड़ा कारण है। बरसात में स्मॉग की परत टूटेगी। आने वाले दिनों में एक्यूआई और अधिक बढ़ेगा। दिवाली के बाद एक्यूआई में बढ़ोतरी होगी तो सांस लेने व आंखों में दिक्कत और बढ़ेगी। प्रशासन को एक्यूआई कंट्रोल करने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।
डॉ. राजेंद्र सिंह, विशेषज्ञ पर्यावरण संबंधी मामले
बढ़ता प्रदूषण दमा रोगियों के लिए बना संकट : डॉ. त्यागी
बढ़ता प्रदूषण दमा रोगियों के लिए बड़ा संकट बन गया है। यही कारण है कि सांस रोगियों की ओपीडी में तेजी से इजाफा हो रहा है। यह पहले की अपेक्षा दोगुनी से भी अधिक हो गई है। बुजुर्ग इससे बहुत अधिक परेशान हैं। लोगों से अपील है कि वो आवश्यक एहतियात बरतें और सुबह-शाम सैर करने से बचें।
डॉ. जितेंद्र त्यागी, सीनियर कंसल्टेंट स्वास्थ्य विभाग
वर्जन :
प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी तय है। नगर निगम को पेड़ पौधों और सड़कों पर पानी का छिड़काव करना है। इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। लापरवाही बरतने वाले विभागों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त।