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डीजल किया जा रहा शॉर्ट, बीपीसीएल डीलरों ने किया हंगामा

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रिफाइनरी की बीपीसीएल कंपनी के गेट पर धरना प्रदर्शन करते हुए पैट्रोलियम डीलर वेलफेयर एसोसिएशन हर - फोटो : Panipat
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पानीपत। रिफाइनरी में भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के सप्लाई डिपो से डीजल शॉर्ट किए जाने का आरोप लगाते हुए बीपीसीएल पेट्रोलियम डीलर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को हंगामा कर दिया। उन्होंने दावा किया कि ट्रांसपोर्टर रंगे हाथ डीजल शॉर्ट करते पकड़ा गया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि डीजल सप्लाई करने वाले ट्रांसपोर्टर के टैंकर से करीब 200 लीटर डीजल शॉर्ट पकड़ा है। इसके सभी सबूत जुटाए और बीपीसीएल को इसकी शिकायत दी। कार्रवाई नहीं हुई तो शुक्रवार को बीपीसीएल के अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान महज आश्वासन दिए जाने डीलर संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने शाम को सप्लाई डिपो के गेट के बाहर हंगामा कर दिया। इस पर कंपनी ने कार्रवाई करते हुए ट्रांसपोर्टर को ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
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दूसरी ओर प्रदेश भर से एकजुट हुए एसोसिएशन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि इस तेल के खेल में सिर्फ ट्रांसपोर्टर ही जिम्मेदार नहीं है बल्कि कंपनी के अधिकारी भी शामिल हैं। कंपनी के टर्मिनल से लेकर ट्रांसपोर्टर की गाड़ियों में लगे मैकेनिज्म की वजह से उनका तेल शॉर्ट हो रहा है। ये खेल पिछले काफी दिनों से चल रहा है। जब उन्हें इसका पता चला तो तय रणनीति के तहत से पूरे प्रकरण का भंडाफोड़ किया। प्रदेश के पेट्रोल पंप डीलरों को हर माह लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है।
शनिवार को बीपीसीएल के साथ एचपीसीएल में जाकर इनके मैकेनिज्म की जांच करवाएंगे। इस मौके पर डीलर एसोसिएशन सोनीपत के जिला प्रधान परमिंद्र खत्री, विनोद गुलिया, यमुनानगर से आ देश पाल, राजेंद्र कलेर समेत कई जिलों से पेट्रोल पंप डीलर मौजूद रहे।
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ऐसे पकड़ा शॉर्ट डीजल का टैंकर-
पेट्रोलियम डीलर वेलफेयर एसोसिएशन के सोनीपत जिला प्रधान परमिंद्र खत्री ने बताया कि यमुनानगर के गांव गोलनपुर स्थित दलेल फीलिंग स्टेशन पर बीपीसीएल की ओर से ट्रांसपोर्टर प्रिंस का एक टैंकर 13 सितंबर को डीजल लेकर गया। मैनेजर ने इसकी जांच की तो टैंकर में किसी प्रकार का मैकेनिज्म फिट होने का शक हुआ। इसके बाद डीजल भरा गया तो इससे 195 लीटर डीजल शॉर्ट मिला। इसकी शिकायत बीपीसीएल से की गई। बीपीसीएल ने कार्रवाई का आश्वासन दिया लेकिन उनको एक दिन बाद बुलाया गया जबकि एक दिन पहले टैंकर को ठीक करवा दिया गया। जिससे उनमें रोष है। उन्होंने कहा कि तेल घोटाला एक जिले के डीलरों का नहीं बल्कि प्रदेश भर के डीलरों के साथ हो रहा है।
ऐसे लगाते रहे हैं तेल का चूना:
पेट्रोलियम डीलर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष संजीव चौधरी ने बताया कि बीपीसीएल तेल कंपनी से एक प्रिंस नाम के ट्रांसपोर्टर को तेल ट्रांसपोर्ट का टेंडर मिला हुआ है। इसके पास दस टैंकर हैं, जिनमें यह कंपनी से पेट्रोल पंप तक तेल की सप्लाई करता है। ये ट्रांसपोर्टर मिलीभगत से हर टैंकर में 250 से 300 लीटर डीजल शॉर्ट कर देता रहा है। या तो इनके टैंकरों में कुछ खास प्रकार का मैकेनिज्म लगा हुआ है या जहां से गाड़ियों में डीजल भरा जाता है उस टर्मिनल पर गड़बड़ है। दोनों ही सूरतों में कंपनी के अधिकारियों की इसमें मिलीभगत है। उन्होंने समझाते हुए बताया कि एक टैंकर से अगर 300 लीटर डीजल कम हुआ तो दस टैंकरों से रोजाना 30 हजार लीटर डीजल घट जाता है। जोकि करीब 90 रुपये के हिसाब से करीब 80 लाख रुपये तक हो जाता है। कंपनी और ट्रांसपोर्टर की इस मिलीभगत से हर माह लाखों करोड़ों रुपये का खामियाजा डीलरों को भुगतना पड़ रहा है।
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