वार्ड-9 के अंतर्गत इंसार बाजार लैय्या बिरादरी की धर्मशाला के निर्माण कार्य का चार माह पहले नारियल फोड़कर नेताजी ने शुभारंभ किया था। हालांकि आज तक यह काम शुरू नहीं हो सका है। निर्माण शुरू हो या नहीं, शहर में शुभारंभ लगातार हो रहे हैं। लैय्या बिरादरी के प्रधान ने बताया कि धर्मशाल की पुरानी इमारत को तोड़ने की एनओसी के लिए निगम में आवेदन किया था, जो अभी मिली नहीं है।
इस पर शहरवासियों का सवाल है कि जब निगम को ही एनओसी देनी तो निर्माण कार्य में देरी क्यों। बगैर एनओसी मिले ही नई इमारत के निर्माण का चार माह नेताओं से शुभारंभ ही क्यों किया। गत 27 मई को लैय्या बिरादरी की धर्मशाला के शुभारंभ के दौरान शिलापट्ट पर शहरी विधायक प्रमोद विज समेत महापौर अवनीत कौर, आयुक्त यशेंद्र सिंह और पार्षद मीनाक्षी नारंग का नाम अंकित है। हालांकि शुभारंभ के मौके पर आयुक्त और महापौर नहीं पहुंची थीं ।
किसी भी विकास कार्य के शुभारंभ के कार्यक्रम पर कम से कम 50 हजार से एक लाख रुपये की मार पड़ती है। इस खर्च को ठेकेदार पर ही डाला जाता है, इसका खर्च निगम नहीं उठाता है। निगम की भाषा में इस खर्च को बगार कहा गया है, जो किसी खाते में ही आता है। खर्च में ईंट, पत्थर, टाइल और शिलापट्ट के खर्च के साथ ही जलपान का खर्च होता है। टेंट, दरी और मैट का खर्च भी शामिल होता है।
इमारत का शुभारंभ तो हो गया लेकिन पुरानी इमारत को ध्वस्त करने के लिए कुछ दस्तावेज चाहिए थे। जिनके लिए नगर निगम में एनओसी के लिए आवेदन किया है। जैसे ही दस्तावेज मिलेंगे काम शुरू हो जाएगा।
- गजेंद्र सलूजा, प्रधान, लैय्या बिरादरी
इस धर्मशाला का शुभारंभ हो चुका है लेकिन कुछ कारणों की वजह से अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है।
- मीनाक्षी नांरग, पार्षद वार्ड नंबर 9
अब किसी भी विकास कार्य का शुभारंभ का कार्यक्रम तब होगा, जब इसकी लिखित सूचना निगम को दी जाएगी। इसके लिए सभी को सूचित किया जा रहा है।
- रमेश कुमार, एसई, नगर निगम