पानीपत। मुल्तान भवन में भागवत कथा के चौथे दिन रविवार को नंद महोत्सव और बालकृष्ण पूजा की। मुल्तान भवन को फूलों, गुब्बारों और सुंदर लाइटों से सजाया। माखन-मिश्री का प्रसाद वितरण किया। मुल्तान भवन हाथी-घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने नंद महोत्सव पर जमकर नृत्य किया।
पंडित राधे-राधे महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा करते हुए बताया कि परमात्मा बड़े दयालु और कृपालु हैं। दीन-दुखियों की सेवा का भाव स्वयं भगवान ने निर्मित किया। सीधे अर्थों में कहें ताे मानव जाति के कल्याण के लिए खुद स्वयं ब्रह्मांड नायक मानव रूप धारण करके धरती पर अवतरित हुए। दुष्टों के संहार के बाद वे देवलोक को गमन कर गए।
इस धरा पर जो आया है, सो जाएगा। फिर चाहे वो राजा, रंक या फकीर इनमें से कोई भी हो। उसको भगवान द्वारा निर्मित सुंदर नगरी पृथ्वी लोक से जाना ही पड़ेगा। भगवान भक्तों के अधीन होते हैं, ऐसा स्वयं भगवान ने अपने मुख से गीता एवं भागवत में भी कहा है।
भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि संसार के बड़े से बड़े दुख, कष्ट या विघन को आसानी से खत्म कर देती है। एक घड़ी, आधी घड़ी, आधी में पुनि आध। तुलसी संगत साधु की, हरे कोटि अपराध यानि आधी से भी आधी घड़ी का सत्संग यानी साधु संग करोड़ों पापों को हरने वाला है। कार्यक्रम में पधारे अवध धाम मंदिर के अध्यक्ष पंडित दाऊजी महाराज पधारे दाऊजी महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। समाजसेवी धीरज छाबड़ा, नंद किशोर छाबड़ा ने नंद महोत्सव पर 56वें भोग एवं भंडारे का आयोजन किया।
व्यास पूजन में ये यमजान की लंबी लाइन
कथा में यजमान बनें समाजसेवी रमेश नांगरू, प्रधान तिलकराज मिगलानी, ओमप्रकाश विरमानी, पं. वेद पराशर, प्रधान विपिन चुग, कपिल गुप्ता, रामरखा मनुजा, डीबी गोयल, अनिल मदान, प्रमोद आहूजा, प्रताप मदान, दिलेर शर्मा, सुरेश काबरा, रमेश खन्ना, केसी अनेजा, कृष्ण-गोपाल शेट्टी, विपिन चुघ, विनोद शर्मा, वेद गोस्वामी, सुरेश गोयल, प्रवीण गोयल ने व्यास पूजन किया।
मुल्तान भवन में आयोजित कथा के दौरान मौजूद श्रद्धालु।