माई सिटी रिपोर्टर पानीपत। नैत्र नवरात्र के तीसरे दिन वीरवार को मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना की गई। भक्तों ने घरों में माता की पूजा करने के साथ मंदिरों में आरती की। प्राचीन श्री देवी मंदिर में छुट्टी के दिन अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक भक्त दर्शनों के लिए पहुंचे। मंदिर में अल सुबह से दोपहर और फिर सायंं से देर रात तक भक्तों की लंबी लाइन लगी रही। माता की आरती कर आशीर्वाद लिया। माता को दिल्ली समेत अन्य शहरों से लाए गए फूलों से हर रोज सजाया जा रहा है। माता की सजावट देखने लायक रही।
प्राचीन श्री देवी मंदिर में वीरवार अल सुबह चार बजे ही भक्त माता के दर्शनों को पहुंच गए। सुबह के समय ही लंबी लाइन मंदिर में लग गई। दोपहर 12 बजे तक माता के दर्शन किए गए। शाम को चार बजे मंदिर के द्वार फिर से खोले गए। कुछ ही देर में लंबी लाइन लग गई। मंदिर में पुलिस के महिला व पुरुष जवानों के साथ मंदिर प्रबंधन के स्वयंसेवकों ने व्यवस्था संभालने में अपना सहयोग दिया। देर शाम को माता की आरती की गई। इस दौरान भक्तों में उत्साह देखने को मिला। माता के दर्शनों के बाद नौ देवियों के भी दर्शन किए गए। इसके साथ मंदिर परिसर में लगे मेले में भक्तों ने आनंद उठाया।
देवी मंदिर के प्रधान काकू बंसल ने बताया कि माता और मंदिर की सजावट के लिए हर रोज दिल्ली व अन्य शहरों से फूल मंगवाए जाते हैं। सुबह के समय माता के दरबार को फूलों से सजाया जाता है। शाम को शयन आरती के साथ प्रसाद बांटा जाता है। मंदिर में हर रोज सैकड़ों भक्त माता के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर में दर्शनों को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है। किसी को भी धक्का मुक्की नहीं करने दी जाती। यहां ग्रिल सिस्टम लागू होने के बाद भक्त एक लाइन में माता के दर्शन कर रहे हैं।