पानीपत। स्वास्थ्य विभाग दान में मिली मशीनों के सहारे चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग को पिछले चार साल में सामाजिक संस्थाओं व रिफाइनरी से कई जीवनदायनी मशीन दान में मिली है। अब हड्डी रोगियों की सर्जरी के लिए रिफाइनरी 15 लाख रुपये की सीआर्म मशीन स्वास्थ्य विभाग को दे रहा है। सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने हड्डी रोग विशेषज्ञों से उच्च तकनीक की सी आर्ममशीन की डिमांड लेकर रिफाइनरी को भेज दी है। नवंबर में स्वास्थ्य विभाग को ये मशीन उपलब्ध करवा दी जाएगी। सीआर्म मशीन से हड्डी की वास्तविक स्थिति का पता चलता है। हड्डी की सर्जरी में इस मशीन को काम में लिया जाता है। पिछले लगभग दो साल से सिविल अस्पताल की सीआर्म मशीन खराब है। इसलिए हड्डी सर्जरी के रोगियों को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता है।
स्वास्थ्य विभाग को काफी मशीन दान में मिली है। अस्पताल में 2018 और 2019 में अल्ट्रासाउंड की सेवाएं बंद थीं। विभाग दो साल तक अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध नहीं करवा सका था। सरबत दा भला संस्था ने विभाग को यह मशीन दी थी। रिफाइनरी स्वास्थ्य विभाग को कई मशीन दे चुका है। एक संस्था ने एसएसनीयू वार्ड के लिए भी मशीनें दान दी थी। रिफाइनरी ने स्वास्थ्य विभाग के ब्लड सेपरेटर मशीन भी दी थी। अब सीबी नेट मशीन दी जा रही है। पानीपत में पिछले छह माह से औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की टीबी की जांच की जा रही है। विभाग ने टीबी मुक्त भारत के लिए पहले श्रमिकों को टीबी से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग की तीन टीमों ने पिछले चार माह में साढ़े तीन लाख श्रमिकों की जांच की है। इनमें 250 नए टीबी रोगी मिले हैं। रिफाइनरी की ओर से स्वास्थ्य विभाग को दो सीबी नेट मशीने भी मिली हैं।
रिफाइनरी की मदद से सिविल अस्पताल में सी आर्म मशीन उपलब्ध कराई जा रही है। हड्डी रोग विशेषज्ञों से उच्च तकनीक की मशीन की डिमांड ले ली गई। उनका प्रयास है कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिले।
- डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन