पानीपत। शहर में लगने वाली करीब 80 हजार रुपये से लगने वाली प्रत्येक फैंसी लाइटों को लेकर नगर निगम एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। इनसे शहर के लोगों को फायदा तो नहीं हुआ लेकिन ये जानलेवा जरूर बन गई। दूसरी ओर जहां जरूरत है वहां पर साधारण लाइटें तक नहीं और जहां जरूरत नहीं वहां फैंसी लाइटों पर करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं।
निगम ने ऐसा ही एक फैंसी लाइटों का टेंडर वार्ड 16 के विकास नगर की गुरुद्वारा मार्केट का लगवाया है। यहां करीब 29 लाख रुपये से फैंसी पोल और डेकारेटिव लाइटें लगाई जाएंगी। जबकि विकास नगर के सीआईएसएफ, नांगल खेड़ी को जाने वाले मुख्य मार्ग पर एक भी लाइट चालू नहीं है। शहर का सबसे बड़ा एरिया, सबसे ज्यादा आबादी होने और मुख्य एकमात्र रास्ता होने के बाद भी यहां के करीब 40 हजार लोग रात को मुख्य सड़क पर अंधेरा रहने की वजह से परेशान है। यहां शहरी विधानसभा के एरिया में करीब दस हजार वोटर हैं और करीब नौ हजार वोट ग्रामीण विधानसभा के अंतर्गत है। विकास नगर के सीआईएसएफ रोड पर अंधेरा होने की वजह से यहां हर दूसरे दिन कोई न कोई हादसा होता ही रहता है। कई बड़े हादसों में तो लोग गंभीर रूप से चोटिल तक हो चुके हैं तो कई हादसों में लोग अपनी जान तक गंवा चुके हैं। बावजूद निगम ने जरूरत को न देखते हुए पहले सुंदरीकरण पर ध्यान दिया है। दूसरी ओर निगम ने वार्ड नौ के अंतर्गत आने वाले देवी मंदिर रोड पर भी करीब 40 लाख रुपये से फैंसी लाइटों को प्लान बनाकर टेंडर लगा दिया है।
वार्ड 16 के पूर्व पार्षद पति रामचंद्र कादियान का कहना है कि विकास नगर में सबसे पहले लाइटें सीआईएसएफ रोड पर लगनी चाहिए थी। यहां से रोजाना करीब 20 हजार लोग आवागमन करते हैं। रात को अंधेरा रहने की वजह से कई बार बड़े हादसे हो चुके हैं। वहीं, रात के समय आपराधिक घटनाओं का लोगों को डर सताने लगता है। शहर का सबसे बड़ा एरिया होने के बाद भी इसके मुख्य रोड पर एक भी लाइट काम चालू नहीं है। जिससे होने वाली परेशानियों से लोगों को रोजाना जूझना पड़ रहा है। फैंसी लाइटों को लगवाने में करोड़ों रुपये खर्च कर दिए हैं लेकिन जहां पर जरूरत होती है वहां एक साधारण लाइट तक नहीं लगी।
दो दिन पहले गई एक जान
दो दिन पहले रात को गोहाना रोड पर एक मजदूर की इन्हीं फैंसी लाइटों के करंट की वजह से जान चली गई। हालांकि इससे पहले कई बार बेसहारा पशु इनके करंट की चपेट में आने से मर चुके हैं। इन लाइटों में जगह जगह करंट है। इनकी तारों को सही तरीके से ढका तक नहीं गया है। इन पर तिरंगा रंग की एलईडी लाइटें लगी हैँ। जिनके कनेक्शन भी सही तरीके से नहीं किए गए हैं।
वर्जन:
शहर में एलईडी स्ट्रीट लाइटें भी लगवाई जाएंगी। इसके अलावा डेकोरेटिव पोल और फैंसी लाइटें भी लगवाई जा रही हैं।
गौरव कुमार, जेई, इलेक्ट्रिकल, नगर निगम।