पानीपत। शहर में संचालित डेयरियों को बाहर शिफ्ट करने के लिए 21 साल पहले सर्वे कराया गया, डेयरियों के लिए प्लॉट तक आवंटित किए गए लेकिन अब तक इनको शहर से बाहर शिफ्ट नहीं किया जा सका है। इस पर अब डीसी वीरेंद्र दहिया ने संज्ञान लेते हुए मंगलवार को उप निगम आयुक्त को 15 दिन के भीतर शहर की डेयरियों को बाहर शिफ्ट कराने के आदेश दिए हैं। डीसी ने कहा कि इस काम में कोताही नहीं बरती जाए। मंगलवार को डीसी समाधान शिविर में लोगों की समस्याओं की सुनवाई कर रहे थे। निगम के रिकॉर्ड अनुसार 2003 में सर्वे में शहर में 197 डेयरियां मिली। 2020 में शहर का सर्वे कराया तो 381 डेयरियां मिली। अब डेयरियों की संख्या ज्यादा हो सकती है। इसके लिए निगम की ओर से फिर से सर्वे कराएगा।
गौरतलब है कि शहर में संचालित डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करने के लिए निगम ने 21 साल पहले बिंझौल गांव में जमीन खरीद कर 147 प्लॉट आवंटित किए गए थे। इनमें 250 गज के 125 प्लॉट, 350 गज के 12 प्लॉट और 500 गज के भी 10 प्लॉट शामिल किए गए। जिनमें से सिर्फ 56 प्लॉट में ही डेयरी शिफ्ट हुई। 55 प्लॉट के आवंटन पर अब गड़बड़झाला मिला। इनमें 55 में से 19 प्लाट खाली और 36 का आवंटन रद्द हो चुके हैं लेकिन इनमें डेयरियों की शिफ्टिंग की बजाए अवैध कब्जे हो चुके हैं। जिन लोगों को डेयरियों के नाम पर प्लॉट दिए गए थे उनमें से अधिकतर आज भी खाली पड़े हैं, वहां या तो मकान बने हैं या दूसरी गतिविधियां चल रही हैं। गांव बिंझौल की डेयरियों के प्लॉट को लेकर निगम की स्वच्छता समिति की हर बैठक में ये मामला उछला लेकिन इसका हल आज तक नहीं हो सका।
करीब डेढ़ साल पहले नगर निगम की स्वच्छता समिति की बैठक में निगम अधिकारियों और शहर के नेताओं ने फैसला लिया था कि शहर की डेयरियों को गांव बिंझौल में शिफ्ट करने के लिए आवंटित प्लॉट में से अब तक खाली पड़े 19 प्लॉट के मालिकों को नगर निगम नोटिस भेजेगा। इसके बाद इन प्लॉट की नीलामी होगी। अन्य विवादित 36 प्लॉट के कोर्ट केस या अन्य विवादों की अधिकारियों को स्टेट्स रिपोर्ट सौंपनी होगी।बिंझौल में डेयरियों के प्लॉट पर पशुओं के लिए निगम की ओर से मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी लेकिन अब तक इनमें से कोई काम पूरा नहीं हो सका।
वर्जन:
शहर में डेयरियों से होने वाली परेशानी को देखते हुए उप निगम आयुक्त को 15 दिन के भीतर शहर से बाहर डेयरियों को शिफ्ट करने के आदेश दिए गए हैं। इसमें कोताही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
वीरेंद्र दहिया, डीसी, पानीपत।