पानीपत। नगर निगम ने पार्कों के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। लोगों को आज तक इनकी सुविधा नहीं मिल पाई है। नगर निगम रेलवे से उधारी जमीन लेकर यहां करोड़ों रुपये से पार्क बनवा दिए। लेकिन अब यहां पार्क की बजाए सिर्फ बंजर जमीन बची है। निगम ने रेलवे से पांच साल तक (एमओयू यानी मैमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेंडिंग) करार किया था। जिसका समय पूरा हो चुका है। अब यहां न तो टेंडर राशि के मुताबिक पेड़-पौधे हैं और न ही झूले-फुटपाथ हैं।
शहर में कई पार्क तो ऐसे भी हैं जिनका निगम ने करोड़ों रुपये से जीर्णोद्धार तो करवाया। इसके बाद फिर से निगम अधिकारियों ने इनके सुंदरीकरण और जीर्णोद्धार के नाम पर टेंडर लगवा दिए। कुछ पार्कों के टेंडरों को कई गुना तक इन्हांस कर दिया गया। कई बार तो खुद पार्षदों ने इन पार्कों की जांच करवानी चाही लेकिन अधिकारियों ने उस जांच रिपोर्ट को आज तक सार्वजनिक नहीं किया। अब यह मामला विजिलेंस तक पहुंच चुका है।
वार्ड 15 में निगम ने पांच साल के लिए रेलवे की जमीन लेकर यहां लाखों रुपये से पार्क बनवाया। उसी दौरान इसमें बड़ा घोटाला किया गया। इसकी शिकायतें खुद पार्षद ने की लेकिन अधिकारियों ने जांच-रिपोर्ट तक को दबा दिया। आज ये पार्क सबसे ज्यादा खस्ताहाल है।
वर्ष 2017-18 में मॉडल टाउन एरिया में तीन पार्कों का जीर्णोद्धार हुआ। इनमें से दो पार्कों का काम 35-40 लाख से इन्हांस कर करीब एक करोड़ तक पहुंचाया गया। वहीं, तीसरे पार्क में करीब 15 लाख की इन्हांसमेंट हुई। करीब छह माह पहल वार्ड 23 की दत्ता कॉलोनी में करीब 32 लाख रुपये से पार्क बनाया गया। निगम ने हाल ही में इसके लिए करीब 32 लाख का फिर से टेंडर लगा दिया। वार्ड 14 के अंतर्गत आने वाले सेक्टर 24 के एरिया में भी कृष्णा पार्क में गोलमाल हुआ। इसकी शिकायत मंत्री तक पहुंची।
इस गड़बड़झाले को दबाने के लिए निगम अधिकारियों ने फिर से करीब 35 लाख रुपये का टेंडर लगा दिया। वार्ड 24 में भी एक ऐसा पार्क है, जिसको बनाने के लिए निगम ने 50-50 लाख रुपये के तीन बार टेंडर लगाए। बता दें कि निगम क्षेत्र में करीब 147 पार्क हैं। इनमें से ज्यादातर का निगम ने टेंडर लगाकर जीर्णोद्धार करवा दिया है। वहीं, कुछ पार्काें के जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण के नाम पर टेंडर लगाए गए हैं। फिलहाल भी निगम ने कई वार्डों में पार्कों के सुंदरीकरण के टेंडर लगाए हैं तो कुछ पर काम चल रहा है।
वार्ड 15 की पार्षद सुमन छाबड़ा ने कहा कि वार्ड में रेलवे लाइन के साथ वाली जमीन पर निगम ने पार्क बनाया था। इसमें बड़ा गोलमाल हुआ था। इसकी शिकायत देकर जांच करवाई थी लेकिन आज तक अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट तक नहीं दी है।
निगम क्षेत्र में आवश्यकता अनुसार पार्कों के जीर्णोद्धार के टेंडर लगाए जाते हैं। वहीं,अभी तक निगम कार्यालय में पार्कों की विजिलेंस संबंधित कोई जांच नहीं आई है।
प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम।