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अध्यापिका आत्महत्या मामले में स्कूल के छह अध्यापकों पर मुकदमा

Sat, 21 May 2016 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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 अध्यापिका मंजुबाला सुसाइड मामले में जीआरपी ने तीन महिला अध्यापिकाओं समेत छह अध्यापकों पर आत्महत्या को उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। जीआरपी ने स्कूल प्रिंसिपल रमेश कुमार को जांच के दायरे में रखा है। मृतका के परिजनों ने आत्महत्या के अगले दिन मंजुबाला का तीन पेज का सुसाइट नोट जीआरपी को सौंपा। सुसाइट नोट में मंजु बाला की परेशानी स्कूल के अध्यापकों की आपसी राजनीति प्रतीत हो रही है। मृतका अध्यापिका के परिजनों ने भी मामले में जीआरपी पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
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जीआरपी की कार्रवाई से आक्रोशित परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव को लेने से मना कर दिया। परिजनों ने जीआरपी पर तुरंत आरोपियों को गिरफ्तार करने का दबाव बनाया। परिजनों की मांग व जीआरपी के आश्वासन के चलते पोस्टमार्टम के करीबन दो घंटे बाद शव परिजनों को नहीं सौंपा जा सका। जीआरपी के कड़े आश्वासन के बाद परिजन शव लेने का राजी हुए।

जीआरपी ने परिजनों को अध्यापिका का शव सौंपकर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है।
विदित है कि काबड़ी स्कूल में तैनात प्राइमरी अध्यापिका मंजू बाला निवासी हरिनगर ने लघु सचिवालय के पीछे अपने दो बच्चों के साथ ट्रेन के आगे कूद गई थी। जिसमें दोनों बच्चे बाल-बाल बच गए और मंजू बाला की मौत हो गई थी। जीआरपी ने शव को शवगृह में रखवा दिया था। जीआरपी ने शुक्रवार को परिजनों के बयान दर्ज किए।
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परिजनों ने मंजू बाला का तीन पेज का सुसाइड नोट जीआरपी को सौंपा। जीआरपी ने इसके आधार पर काबड़ी गांव स्थित राजकीय स्कूल के अध्यापक मुकेश, धर्मबीर, तारा, सुमन, अंजु व सिंपल पर मंजुलता को आत्महत्या को उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। जीआरपी ने स्कूल के प्रिंसिपल रमेश कुमार को भी जांच के दायरे में रखा है। सुसाइट नोट सामने आने के बाद सभी आरोपी अध्यापक फरार हो गए है। स्कूल प्रबंधन ने अध्यापिका मंजुलता की मौत के बाद शोक जताते हुए शुक्रवार को स्कूल की छुट्टी कर दी।


जीआरपी की कार्यशैली पर उठाए सवाल
सिविल अस्पताल में शव के पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे परिजनों ने जीआरपी की कार्रवाई पर जमकर सवाल उठाए। परिजनों का आरोप था कि जीआरपी मामले में अध्यापकों को बचाने का प्रयास कर रही है। परिजनों ने जीआरपी पर आरोपी अध्यापकों को तुरंत गिरफ्तार करने का दबाव बनाया।

परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए और इससे पहले शव को लेने से मना कर दिया। परिजनों की मांग के चलते शव के पोस्टमार्टम के बाद दो घंटे शव परिजनों को नहीं सौंपा जा सका। जीआरपी के आश्वासन के बाद परिजनों ने शव को लिया। जीआरपी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है।

सुसाइट नोट पर शक
मंजू बाला ने वीरवार दोपहर बाद रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के आगे कूदकर जान दी थी। मंजू बाला के दो बच्चे बाल-बाल बच गए थे। शुक्रवार को मंजू बाला के परिजनों ने जीआरपी प्रभारी रमेश चंद्र को सुसाइट नोट लाकर दिया था। तीन पेज के सुसाइट नोट में स्कूली के अध्यापकों की आपसी राजनीति ही मंजू बाला की परेशानी का कारण लग रहा है। जीआरपी ने सुसाइट नोट को बरामद कर जांच के लिए लैब में भेज दिया है। एक दिन बाद सुसाइट नोट मिलने की बात जीआरपी के गले नहीं उतर रही है।


स्कूल की राजनीति से परेशान थी अध्यापिका
अध्यापिका मंजू बाला के घर से सुसाइट नोट मिला है। तीन पेज के इस सुसाइड नोट में मंजू बाला ने स्कूल के अध्यापकों मुकेश, धर्मबीर, तारा, सुमन, अंजु व सिंपल के नाम लिखे हैं। सुसाइट नोट में मंजू बाला ने सभी आरोपी अध्यापकों के बीच हुई बातचीत व उसके बारे में की गई बातों को भी लिखा। स्कूली अध्यापकों के बीच चल रही खींचतान से मंजू बाला काफी परेशान थी।


अध्यापिका मंजू बाला के परिजनों ने घर से लाकर शुक्रवार को सुसाइट नोट दिया है। पुलिस ने सुसाइट नोट कब्जे में ले लिया है। नोट को जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। जीआरपी ने फिलहाल अध्यापक मुकेश, धर्मबीर, तारा व अध्यापिका सुमन, अंजू व डिंपल के खिलाफ मंजू बाला को आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। सभी आरोपी अध्यापक अभी फरार हैं। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी को छापेमारी कर ऊरही है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले में प्रिंसिपल से भी पूछताछ की जाएगी।
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रमेश चंद्र,प्रभारी जीआरपी पानीपत।
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