अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जाट समिति और जाट नेता बलिदान दिवस के शांतिपूर्ण और सफल आयोजन पर गदगद हैं। यशपाल मलिक ने रिफाइनरी टाउनशिप में पहुंचे विभिन्न धरनों के लोगों को पगड़ी भेंट की। दूसरे दौर की बैठक में भी अपेक्षाकृत हल न निकलने और जाट नेताओं की चेतावनी के बाद सरकार के माथे पर बल पड़ गए हैं।
सरकार और जाट नेताओं की 11 फरवरी को पहले दौर की बैठक बेनतीजा रही थी। सोमवार को दूसरे दौर की बैठक रिफाइनरी टाउनशिप के सामुदायिक केंद्र में रखी गई। इस बैठक में भी खास सफलता अधिकारियों को नहीं लगी है। यशपाल मलिक ने टाउनशिप में पहुंचते ही सबसे पहले सभी धरनों से पहुंचे लोगों को बलिदान दिवस के शांतिपूर्वक आयोजन की बधाई दी और पगड़ी भेंट की। यशपाल मलिक ने साफ कहा कि हरियाणा के जाटों को यूपी और दिल्ली के जाटों का समर्थन है। दोनों प्रदेशों के जाट दो मार्च को दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए मंगलवार से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया जाएगा। दिल्ली के धरने में सरकार को जाटों की ताकत दिखा दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो होली के बाद जाट अपनी मांगों को लेकर संसद कूच करेंगे। जाटों ने सरकार के सामने मार्च में होने वाले संघर्ष का कार्यक्रम रख दिया है। बैठक में जाटों के तल्ख तेवर देखकर वरिष्ठ अधिकारियों के माथे पर बल पड़ गए।
डीसी को सौंपा जाएगा जिलेवार दर्ज मुकदमों का ब्योरा
सामुदायिक केंद्र के सूत्रों के अनुसार पिछले आंदोलन के दौरान दर्ज हुए पूरे मामलों को विवरण जिलेवार तैयार कर संघर्ष समिति पानीपत के उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे को सौंपेगी। इसके लिए समिति और सरकार के दो-दो वकीलों को शामिल किया जाएगा। जाट समाज के नेताओं के बीच हुई वार्ता के बाद मुख्य सचिव डीएस ढेसी सहित अन्य अधिकारी कुछ बेचैन दिखे।
बैठक का यह रहा समय
11.02 बजे से संघर्ष समिति के सदस्य रिफाइनरी पहुंचना शुरू हुए।
12.22 बजे उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे और पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा रिफाइनरी के अतिथि गृह पहुंचे।
12.46 बजे डीसी और एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों को सामुदायिक केंद्र पहुंचकर आवश्यक निर्देश दिए।
1:20 बजे मुख्य सचिव डीएस ढेसी और अन्य अधिकारी टाउनशिप में पहुंचे।
1.55 बजे संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक अन्य सदस्यों के साथ रिफाइनरी के गेट संख्या एक पर पहुंचे। यहां करीब 10 मिनट तक पत्रकारों से बातचीत की।
2.13 बजे समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक अन्य सदस्यों के साथ सामुदायिक केंद्र पहुंचे।
2.23 बजे कमेटी के मुख्य सचिव डीएस ढेसी अन्य अधिकारियों के साथ सामुदायिक केंद्र पहुंचे।
2.29 बजे सरकार की कमेटी और संघर्ष समिति के बीच पहले दौर की बैठक शुरू हुई।
4.52 बजे बैठक में तल्ख तेवरों के चलते बैठक से कुछ सदस्यों को बाहर बैठाया गया और 11 लोगों की कमेटी गठित करके फिर से वार्ता शुरू हुई।
5.12 बजे मुख्य सचिव डीएस ढेसी सहित अन्य अधिकारियों ने 15-20 मिनट का समय संघर्ष समिति को दिया और मांगों बारे में अलग बैठकर विचार किया।
5.27 बजे दोबारा से तीसरे चरण में बैठक शुरू हुई। इसमें समिति के बाहर बैठे छह अन्य सदस्यों को भी वार्ता में शामिल किया।
5.56 बजे तक चली इस वार्ता को अंतिम समय दिया।
6.48 बजे मुख्य सचिव डीएस ढेसी रिफाइनरी के गेट संख्या एक पर पहुंचे और 15 से 20 मिनट तक पत्रकारों से बातचीत करते रहे।
पानी की पेटियों से बुझाई प्यास
रिफाइनरी के सामुदायिक केंद्र में संघर्ष समिति के बीच चल रही वार्ता के दौरान यशपाल मलिक के आदेशानुसार पहले से ही पीने के पानी की उचित व्यवस्था थी। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्य सोमवार दोपहर एक बजे के करीब रिफाइनरी की कैंटीन पहुंचे और पानी की तीन पेटियों को लेकर जाट नेताओं तक पहुंचाई। इन्हें सामुदायिक केंद्र के मीटिंग हाल में रखवाया गया था।
सुरक्षा घेरे में चली मीटिंग
रिफाइनरी के सामुदायिक केंद्र में मीटिंग सुरक्षा घेरे में चली। मीटिंग हॉल के दरवाजों को बंद रखा गया। पूरी सुरक्षा डीएसपी मुख्यालय जगदीप दूहन ने अपने हाथ में ले रखी थी। मीटिंग हॉल के चारों तरफ पुलिस कर्मचारियों की टुकड़ी तैनात की गई। उन्हें अधिकारी बार-बार निर्देश देते रहे। पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा मीटिंग हॉल के अंदर-बाहर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। दंगा नियंत्रण वाहन भी केंद्र से 50 कदम दूरी पर खड़ा रहा।
खुफिया तंत्र देते रहे जानकारी
सामुदायिक केंद्र में चल रही बैठक को लेकर प्रशासन के साथ खुफिया तंत्र चौकस दिखा। खुफिया विभाग के कुछ कर्मचारियों के मोबाइल की घंटी बार-बार बजती रही। वे अंदर चल रही बैठक के बारे में अपने परिचित लोगों को देते रहे। समिति के अनुसार खुफिया विभाग हमेशा से उनके धरनों की गलत रिपोर्ट देता आया है।
पत्रकारों को नहीं जाने दिया
प्रशासन ने पत्रकारों को रिफाइनरी के मीटिंग हाल में प्रवेश नहीं करने दिया। मीडिया के छायाकार और पत्रकार रिफाइनरी के गेट संख्या एक के बाहर खड़े रहे। प्रशासनिक अधिकारियों की सख्त हिदायत के बाद पुलिस वाले भी परेशान दिखे। इसके बाद मीडियाकर्मी मुख्य सचिव डीएस ढेसी की टाउनशिप में पत्रकार वार्ता के बुलावे पर भी नहीं गए। इसके बाद मुख्य सचिव डीएस ढेसी करीब आधे घंटे बाद खुद चलकर आए और टाउनशिप रोड के दूसरी तरफ खड़े मीडियाकर्मियों से वर्ता की।
सेल्फियों में उलझी महिला पुलिस
रिफाइनरी के सामुदायिक केंद्र में चल रही कमेटी के दौरान सुरक्षा के लिए तैनात महिला पुलिस की कर्मचारी केंद्र के सामने बने पार्क में सेल्फिया लेती रहीं। चार महिला पुलिस कर्मी सेल्फियों के साथ तीन घंटे तक बातचीत में उलझी रहीं। दस कदम की दूरी पर पांच पुलिस वाले भी गपशप करते रहे। डीएसपी या उच्च अधिकारियों को देखकर बीच-बीच में खड़े हो जाते थे।
कमांडों लेते रहे जानकारी
सामुदायिक केंद्र में वार्ता के दौरान 20 से 25 बुजुर्ग केंद्र के सामने पार्क में आकर बैठ गए। वे सरकार के प्रति नाराजगी के बारे बातचीत करने में लगे। इसी दौरान सुरक्षा में तैनात तीन कमांडो आए और बुजुर्गाें से जानकारी लेते रहे।