तेइस दिन पहले सेक्टर छह-सात के पास धर्मबीर निवासी गढ़ सरनाई को साथी प्रॉपर्टी डीलर ने ही पैसों के लेन-देन में गोली मारी थी। धर्मबीर दिल्ली के एक अस्पताल में कोमा में है। सीआईए-वन ने मामले में आरोपी साथी प्रॉपर्टी डीलर को गांव सिवाह पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सीआईए-वन प्रभारी अजय मोर ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में धर्मबीर को गोली मारकर मोबाइल व बाइक लूट के मामले का पटाक्षेप किया। उन्होंने बताया कि धर्मबीर मूल रूप से गांव गढ़ सरनाई का रहने वाला है और गत सात सालों से तहसील कैंप में रहता है। वह पेशे से प्रॉपर्टी डीलर है। प्रॉपर्टी डीलिंग के दौरान उसकी दोस्ती फारूख निवासी बेरी वाली मस्जिद पानीपत के साथ हुई। धर्मबीर ने फारूख के जानकार दिनेश निवासी सोनीपत को बतरा कॉलोनी में दो सौ गज का प्लॉट दिलवाया था। दिनेश ने फारूख को तीन लाख रुपये पेमेंट दी थी। फारूख ने दो लाख 80 हजार रुपये धर्मबीर को दिए थे। प्लॉट लेने के एक माह बाद दिनेश ने फारूख को फोन कर बताया कि प्लॉट विवादित है। उसको अपने पैसे वापस चाहिए। वह यह प्लॉट नहीं लेगा। फारूख ने धर्मबीर को फोन कर पैसे वापस मांगे। धर्मबीर ने जल्द पैसे देने का भरोसा दिया था, लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी धर्मबीर ने पैसे वापस नहीं किए। दिनेश ने फारूख, बलवान सैनी व महेंद्र कौर के खिलाफ मॉडल टाउन पुलिस थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दी थी। पुलिस ने तीनों को थाने में बुलाकर पूछताछ की। तीनों ने एक सप्ताह के अंदर दिनेश के पैसे देने की बात कही।
फारूख के जानकार सलीम व इकलात उसको उग्रा खेड़ी निवासी राजेश के पास लेकर गए। तीनों ने मामले में राजेश से मदद मांगी। राजेश ने फारूख को ढाई लाख रुपये दिए। फारूख ने राजेश से पैसे लेकर दिनेश को दे दिए। फारूख ने धर्मबीर को फोन कर जल्द पैसे वापस मांगे। धर्मबीर ने इस दौरान फारूख का फोन उठाना बंद कर दिया। इससे फारूख काफी आहत था। तीन जुलाई को फारूख की पत्नी हिना उर्फ रीना धर्मबीर के घर पैसे लेने को गई। इस वक्त धर्मबीर घर पर नहीं था। हिना व धर्मबीर की पत्नी अनीता के साथ पैसों को लेकर मारपीट हो गई थी। अनीता ने हिना, नूरसाद व सानिया पर घर में घुसकर मारपीट करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। कुछ दिनों के बाद तीनों जमानत पर छूट गए। फारूख इससे काफी खफा था। फारूख ने इस बारे में दिलशाद नाम के व्यक्ति से मुलाकात की और पूरा मामला बताया। दिलशाद ने धर्मबीर से पैसे वापस दिलाने के लिए ढाई लाख में से एक लाख 80 हजार रुपये अपने लिए मांगे। दिलशाद ने कहा कि एक लाख 80 हजार रुपये पैसे रिकवर कराने वालों को देने पड़ेंगे। फारूख इस पर राजी हो गया।
23 सितंबर को फारूख ने धर्मबीर की लोकेशन की जानकारी दिलशाद को दी। दिलशाद ने सोनू के पास फोन कर सेक्टर छह-सात के पास बुलाया। तीनों ने फारूख से पैसे मांगे। पैसों के लेन-देन को लेकर तीनों में कहासुनी हो गई। फारूख ने गुस्से में धर्मबीर के सिर में गोली मार दी और उसकी बाइक लेकर फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वारदात स्थल का जायजा लेकर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। सीआईए-वन ने मामले की जांच के बाद फारूख को मंगलवार को गांव सिवाह के पुल के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस फरार बाकी दो आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।