एक्सप्रेस ट्रेनों में बेटिकट यात्रियाें से वसूली के चक्कर में 21 साल का युवक नकली टीटीई बन गया। मंगलवार रात सवा 10 बजे नेताजी एक्सप्रेस में रौब के साथ यात्रियों का टिकट चेक करने लगा। असली टीटीई ने यात्री से टिकट मांगी तो यात्री ने बार-बार चेकिंग कर नींद में खलल न डालने की बात कही। पूछताछ करने पर पांच मिनट पहले ही टिकट दिखाने की बात कही। टीटीई ने यात्री को साथ लेकर तलाश शुरू की और नकली टीटीई को पकड़ लिया। मुख्यालय में सूचना देकर आरोपी को जीआरपी को सौंप दिया।
शिकायत में टीटीई नवीन कुमार ने बताया कि वह मंगलवार को नेताजी एक्सप्रेस में एस-6 से एस-8 बोगियों की चेकिंग कर रहे थे। तभी एक लड़के के द्वारा पहले ही एस-8 बोगी में चेकिंग कर लेने के बारे में पता चला। आरोपी युवक ने टीटीई की ही तरह सफेद कमीज, काली पैंट पहन रखी थी। उसके गले में एक फर्जी आईकार्ड भी था।
उन्होंने आरोपी को आरपीएफ के हवाले कर दिया। आरपीएफ के जवानों ने पानीपत स्टेशन पर आरोपी युवक को जीआरपी के सुपुर्द कर दिया। आरोपी ने अपनी पहचान रंजीत कुमार निवासी गांव सियाबुलपुर, जिला फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश के रूप में बताई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
ढाई महीने से कर रहा था चेकिंग
पूछताछ में पता चला कि आरोपी रंजीत महीने में 10 दिन ट्रेन में सफर करता था। वह पहले ट्रेन में स्लीपर क्लास में अपनी टिकट बुक कराता, फिर उस बोगी के आसपास के चार से पांच डिब्बों में चेकिंग करता। अगर बोगी में टीटीई या अन्य कोई रेलवे कर्मचारी दिखाई देता तो आईडी कार्ड छिपाकर अपनी टिकट दिखाते हुए सीट के बारे में पूछने लगता। वह पिछले ढाई महीने से ट्रेन में चेकिंग कर रहा था। जीआरपी थाना प्रभारी सूरतपाल ने बताया कि आरोपी युवक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।