जिला योजनाकार रविंद्र ढुल पर भाजपा नेता अंग्रेज मलिक ने एनओसी के नाम पर 30 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप लगे हैं। सीएम विंडो पर शिकायत आने के बाद पूरे महकमे में हड़कंप है। हालांकि ढुल ने आरोपों को निराधार बताते हुए तर्क दिया है कि शिकायतकर्ता उनसे कभी मिला ही नहीं। फिलहाल भाजपा नेता भी शिकायत पर कार्रवाई न होने से आहत है।
सीएम विंडा पर दी शिकायत में कुटानी निवासी भाजपा के मंडल अध्यक्ष अंग्रेज मलिक ने बताया कि वह 18 जुलाई को कृषि भूमि का ब्याना पंजीकृत करवाने के लिए जिला योजनाकार रविंद्र ढुल के कार्यालय में गया था। एनओसी जारी करने के लिए ढुल ने उनसे तीस हजार रुपये की मांग की। उन्होंने रिश्वत देने से मना कर दिया तो उनके काम को रोक दिया। 18 जुलाई को उसने सीएम विंडो में शिकायत दी, लेकिन अब तक मामले में किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी काम के लिए सरेआम पैसों की मांग करते हैं। गरीब लोग पैसों के अभाव में काम करवाने के लिए धक्के खा रहे है, लेकिन रिश्वत न दे पाने के कारण उनके भी काम नहीं हो रहे।
भाजपा नेता का आरोप है कि जिस अधिकारी के खिलाफ उसने सीएम विंडो में शिकायत दी, अधिकारियों ने उसे ही मामले का जांच का जिम्मा सौंप दिया। जांच को लेकर गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने चेताया कि योजनाकार के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे उनके खिलाफ भाजपा के नेताओं को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलेंगे।
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उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार है। उन्होंने कभी किसी से रिश्वत नहीं मांगी। अंग्रेज मलिक नाम का व्यक्ति कभी उनके दफ्तर आया ही नहीं। उनके दफ्तर में एनओसी बेचने वाले आते है खरीदने वाले नहीं। उनके खिलाफ साजिश हो सकती है।
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