जीटी रोड पर गांव पट्टीकल्याणा के पास पिकअप वैन पलटने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए। परिजनों ने युवक की हत्या की आशंका जताई है और फैक्ट्री मालिक आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि उसने पूरी वारदात को अंजाम दिया और फिर उसे हादसे में बदलने की कोशिश की। परिजनों ने पुलिस पर भी बयान बदलने के आरोप लगाए। गुस्साए परिजनों ने करीब आठ घंटे बाद शव को शवगृह से उठाया। परिजन पूरे मामले की असलियत जानने की मांग को लेकर अड़े रहे। हादसे में घायल हुए दो अन्य को पीजीआई खानपुर भर्ती कराया गया है। समालखा थाना पुलिस ने गाड़ी मालिक के खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। घायलों में से एक को गंभीरावस्था के चलते पीजीआई खानपुर दाखिल कराया गया है।
सेक्टर-छह गाबा कॉलोनी निवासी श्रवण कुमार (19) बरसत रोड स्थित कपड़े के गोदाम की गाड़ी पर चालक था। बताया जा रहा है बुधवार देर शाम गोदाम से पिकअप वैन में कपड़े लोड कर दिल्ली की तरफ रवाना हुए। पिकअप वैन को गोदाम मालिक दीनानाथ कॉलोनी निवासी दुर्गेश चला रहा था। पिकअप में श्रवण कुमार और एक अन्य कर्मचारी भी था। पिकअप जीटी रोड पर गांव पट्टीकल्याणा से आगे निकली तो सड़क किनारे पलट गई। इस घटना में श्रवण की मौत हो गई, जबकि दुर्गेश और एक अन्य युवक घायल हो गए। पुलिस सूचना मिलते ही पहुंची और शव को शवगृह में रखवाकर घायल दुर्गेश को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया। एक अन्य घायल को पीजीआई खानपुर रेफर कर दिया।
बार-बार बयान बदल रही पुलिस
श्रवण के भाई विक्की ने बताया कि बुधवार शाम करीब छह बजे उसकी श्रवण से फोन पर बात हुई थी। वे उस समय दिल्ली से माल उतारकर आ रहे थे। उसने बताया कि गोदाम से गाड़ी में माल लोड कर दिल्ली फिर जाना है। सुबह करीब सवा चार बजे उनके पास दुर्गेश का फोन आया कि श्रवण का एक्सिडेंट हो गया है। वह सिविल अस्पताल में गंभीर हालत में है। वे तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचे। वहां पता लगा कि श्रवण की मौत हो चुकी है। उस समय दुर्गेश ने बताया कि पिकअप वैन में पंक्चर हो गया और वह पलट गई। हादसे में श्रवण की पिकअप के नीचे दबने से मौत हो गई। शुरुआत में पुलिस ने भी यही बताया था। बाद में पुलिस ने कहा कि पिकअप वैन को ट्रक ने पीछे से टक्कर मारी। इसके बाद पिकअप पलट गई।
हादसे का यह मामला जो शक पैदा कर रहा
खिड़की खुली नहीं, फिर नीचे कैसे दबा
परिजनों का आरोप है कि यदि ट्रक ने टक्कर मारी थी तो पिकअप वैन का कोई हिस्सा टूटा क्यों नहीं। यही नहीं, पिकअप पलटने के बावजूद गाड़ी पर खरोंच नहीं आई। खिड़की भी सही है। फिर श्रवण नीचे कैसे दबा। परिजनों ने बताया कि रात करीब तीन बजे हादसा हुआ। सवा चार बजे वे लोग सिविल अस्पताल में थे, जहां दुर्गेश ठीक-ठाक खड़ा था। हादसे के बाद पिकअप वैन में भरा माल दिल्ली कैसे पहुंचाया गया। आरोप है कि सुबह दुर्गेश ठीक था, लेकिन बाद में उसे निजी अस्पताल की आईसीयू में क्यों दाखिल करवाया गया।
परिजनों ने आरोप लगाए, शव उठाने से इनकार किया
गाबा कॉलोनी निवासी श्रवण के परिजनों ने उसकी हत्या की आशंका जताई है। परिजनों का आरोप है कि फैक्ट्री मालिक ने फैक्ट्री में ही वारदात को अंजाम दिया और देर रात उसे हादसे का रूप दिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस भी इस मामले में बार-बार बयान बदल रही है। पुलिस और परिजनों के बीच दिनभर करीब आठ घंटे तक कार्रवाई और बयानों को लेकर खींचतान चलती रही। पुलिस ने परिजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। विवाद के दौरान सीएमओ डॉ. इंद्रजीत धनखड़ मौके पर पहुंचे और बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया। परिजन शाम को करीब छह बजे शव लेने को तैयार हुए।
पट्टीकल्याणा के पास माल से भरी पिकअप गाड़ी ट्रक की टक्कर लगने से पलट गई थी। इस घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि चालक सहित दो घायल हो गए। परिजनों ने इस मामले में गाड़ी चालक पर लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप लगाए है। परिजनों के बयान के आधार पर गाड़ी चला रहे गोदाम मालिक दीनानाथ कॉनी निवासी दुर्गेश के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है।
एसआई सुरेश, जांच अधिकारी, थाना समालखा