हरियाणा के पानीपत में आयकर विभाग की रिवेरा व राज ग्रुप में जांच पड़ताल खत्म हो चुकी है। मंगलवार को दोनों ग्रुपों में उत्पादों शुरू हो गया है। वहीं आयकर विभाग की टीमें कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार कर ले जा चुकी है। अब इन दोनों ग्रुपों से लेनदेन करने वाली सहयोगी फर्मों की सूची तैयार की जा रही है।इन फर्मों के अधिकारियों से भी पूछताछ की जाएगी। इन फर्मों के बैंक खाते भी खंगाले जाएंगे।
फिलहाल दोनों फर्मों के 13 बैंक खातों से लेन-देन आयकर विभाग के नए निर्देशों तक बंद रहेगा। आयकर विभाग ने दोनों फर्मों पर कार्रवाई की एक हजार पेज की रिपोर्ट तैयार की है। अब इसकी समीक्षा भी जा रही है। राज ग्रुप के कैशियर के घर से बरामद सोने व नकदी को पंचकूला मुख्यालय में भेज दिया गया है।
आयकर विभाग ने रिवेरा व राज ग्रुप के किसी भी अधिकारी को पानीपत नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। आयकर विभाग ने कार्रवाई के दौरान दोनों फर्माें के करीब 36 लोगों के बयान तक दर्ज किए है।
आयकर विभाग की टीम को राज ग्रुप के एक लेखाकार व कैशियर के आवास से करीब 11 करोड़ रुपये और करीब चार किलोग्राम सोना भी मिला है। ये सोना पानी की टंकी में छिपाकर रखा गया था। इसको बरामद कर आयकर विभाग के मुख्यालय भेजा गया है। आयकर विभाग की टीम को जांच के दौरान कुछ अहम दस्तावेज भी मिले हैं।
इनमें बिलिंग, कैश के लेनदेन और संपत्तियों के कागजात भी शामिल हैं। इनसे भी करोड़ों रुपये के लेनदेन की अहम जानकारी हाथ लगी है। संपत्तियों के ये दस्तावेज करोड़ों रुपये के हैं। जो पिछले कुछ सालों में अलग अलग लोगों के नाम से खरीदी गई थी।
बुधवार से शुरू कार्रवाई सोमवार शाम को खत्म हुई है । इस कार्रवाई के लिए आयकर विभाग चंडीगढ़, गाजियाबाद, पंजाब और दिल्ली से भी स्पेशल टीम के अफसर नियुक्त किए गए थे। टीमों ने एक हजार पेज पर कार्रवाई अंकित की है और काफी साक्ष्य भी जुटाए हैं। ये आयकर विभाग की पानीपत में सबसे बड़ी कार्रवाई है।