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मेयर की गुगली: मंडलायुक्त से मिल किया बहुत का दावा

Sat, 05 Nov 2016 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत
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पानीपत - फोटो : bureau
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मेयर ने भाजपा नेता और वार्ड-तीन पार्षद हरीश शर्मा के रूप में गुगली फेंक भाजपा के साथ पुलिस-प्रशासन को झटका दिया है। मेयर सुरेश शर्मा ने शुक्रवार को रोहतक मंडलायुक्त के सामने सतपाल राणा मामले में खुद को निर्दोष बताया और 12 पार्षदों के साथ अपना बहुमत भी पेश कर दिया।
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दो दिन में मेयर का यह प्रशासन, पुलिस और भाजपा के लिए दूसरा झटका है। इससे पहले मेयर गिरफ्तारी रुकवाने में सफल रहे हैं साथ ही पुलिस जांच में शामिल हो गए। सीआईए-टू ने ढाई घंटे तक उनसे पूछताछ की। उन्हें शनिवार को फिर पूछताछ के लिए बुलाया है।

उधर, सतपाल राणा के समर्थन में सामाजिक संस्थाओं ने मेयर सुरेश और कांग्रेसी नेता बुल्ले शाह का पुतला फूंक एसडीएम को मांग पत्र सौंपा। मेयर सुरेश वर्मा शुक्रवार को मंडल आयुक्त चंद्र प्रकाश के सामने पेश हुए। उन्होंने सतपाल राणा पर जानलेवा हमले के मामले को साजिश करार दे खुद को निर्दोष बताया।
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मेयर ने कहा कि कुछ पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक बुलाने की मांग कर रखी है। मेयर को एक तिहाई बहुमत पेश करना होता है। उसके साथ नगर निगम के 24 में से 12 पार्षद हैं। इस हिसाब से बहुत एक तिहाई से भी अधिक है। उनके साथ गए पार्षदों ने मेयर सुरेश वर्मा की कार्यप्रणाली पर संतोष जताया। 

उनके नेतृत्व में ही काम करने की मांग की। मंडलायुक्त ने पूरे मामले में नियमानुसार काम करने का आश्वासन दिया।


इन पार्षदों ने जताया भरोसा
मेयर सुरेश वर्मा में भरोसा जताने वालों में भाजपा नेता और वार्ड-तीन पार्षद हरीश शर्मा समेत कांग्रेस समर्थित पार्षद शामिल हैं। इनमें सीनियर डिप्टी मेयर और वार्ड-एक पार्षद काजल बठला, वार्ड-दो पार्षद कमलेश मजोका, वार्ड-छह पार्षद संजीता, मेयर एवं वार्ड सात पार्षद सुरेश वर्मा, वार्ड-14 पार्षद मंजू कादियान, वार्ड-16 पार्षद सुशील शर्मा, वार्ड-17 पार्षद सुनील वर्मा, वार्ड-20 पार्षद सुखविंद्र कौर, वार्ड-21 पार्षद बृजभूषण धींगड़ा, वार्ड-22 से प्रवेश नैन व वार्ड-23 पार्षद शीला शामिल रहे।  


रंजिश निकाल रहा है राणा
कोर्ट के आदेश के बाद मेयर सुरेश वर्मा ने शुक्रवार को सीआईए-टू में पहुंचकर बयान दर्ज कराए। ढाई घंटे तक सीआईए ने मेयर वर्मा से सवाल जवाब किए। मेयर वर्मा ने दर्ज कराए अपने बयानों में खुद को बेकसूर बताया। मेयर सुरेश वर्मा ने कहा कि मुझे साजिश के तहत फंसाने का प्रयास किया जा रहा है।

16 अक्तूबर को जिस वक्त सतपाल राणा पर हमला हुआ तो वह उस वक्त वह एक शादी में था। इस बात के कई गवाह हैं। सतपाल राणा रंजिश रखता है। इसलिए उसे मामले में घसीट रहा है। मेयर पद संभालने के बाद सतपाल राणा ने उन्हें चोर बताया था। इस पर सतपाल राणा व जोगिंद्र स्वामी पर एक करोड़ का मानहानि का केस कर रखा है।

उसके बाद सतपाल राणा रंजिश रखता है और बार-बार आरटीआई लगाकर परेशान करता है। मेयर सुरेश वर्मा अपने वकील रमेश गुप्ता और कांग्रेस समर्थित पार्षदों के साथ बयान दर्ज कराने के लिए सीआइए-टू में पहुंचे। सीआइए-टू ने पार्षदों और वकील को गेट के बाहर ही रोक दिया।

मां से मारपीट का बदला लेने को किया हमला
सीआइए-टू प्रभारी मनोज वर्मा के मुताबिक दलबीर नगर निवासी अतर सिंह सैनी, रविंद्र सैनी, विपिन सिंह व रमेश ने संजय वर्मा की मां के साथ मारपीट की थी। संजय वर्मा ने इसकी शिकायत 14 सितंबर को थाना शहर में दर्ज कराई थी। सतपाल राणा मामले में अतर सिंह सैनी का सहयोग कर रहा था।

संजय वर्मा इससे काफी नाराज था। संजय वर्मा ने मेयर के भाई आजाद वर्मा व अपने भाइयों के साथ मिलकर सतपाल राणा पर जानलेवा हमले की साजिश रची थी। मेयर ने मीटिंग में नहीं होने की बात कही है। अगर वह हमला करने की प्लानिंग वाली मीटिंग में नहीं थे तो सबूत पेश करें।  

राणा के समर्थन में फूंका पुतला
पानीपत ग्रामीण विकास मोर्चा के अध्यक्ष सतपाल राणा पर जानलेवा हमले के मामले में सामाजिक संस्था उनके समर्थन में उतर आई है। शुक्रवार को सामाजिक संस्था, समर्थकों और उनके परिजनों ने एसडीएम विवेक चौधरी को सरकार के नाम ज्ञापन सौंप कर मेयर सुरेश वर्मा की पद से निलंबन की मांग की।

संस्थाओं ने मेयर सुरेश वर्मा व कांग्रेसी नेता वीरेंद्र सिंह उर्फ बुल्ले शाह का पुतला फूंका।

हरीश शर्मा बोले मेयर को फंसाया
भाजपा नेता एवं वार्ड-3 पार्षद हरीश शर्मा ने कहा कि मेयर सुरेश वर्मा पर लगे आरोप निराधार हैं और उन्हें जबरदस्ती फंसाया गया है। मैंने मेयर का मंडलायुक्त को सौंपे ज्ञापन में अपना समर्थन खुद दिया है। पुलिस के पास मेयर के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। मेयर के भाइयों ने सतपाल राणा के साथ मारपीट की तो उन्हें सजा मिले। मेयर को लपेटना गलत है।

मुझे राजनीतिक षड्यंत्र में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। मेरा इस मामले से दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं है। मामले के आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह पूरे मामले में पुलिस का पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को सीआइए-टू पहुंचकर अपने बयान दर्ज करा दिए है। शनिवार को भी पुलिस की जांच में शामिल होंगे।
 सुरेश वर्मा, मेयर पानीपत।

मेयर सुरेश वर्मा के ढाई घंटे तक तीन पेज के बयान दर्ज किए हैं। मेयर ने पूरे मामले में खुद को बेकसूर बताया है और उन्हें साजिशन फंसाने की बात कही है। मेयर पुलिस जांच में पूरी तरह सहयोग नहीं कर रहे हैं। वह पुलिस से कुछ बातें छुपाने का प्रयास कर रहे है। शनिवार को उनसे गहनता से पूछताछ की जाएगी।
मनोज वर्मा, प्रभारी सीआइए-टू पानीपत।

यह है मामला
16 अक्तूबर की रात डाबर कॉलोनी से वाल्मीकि जयंती के कार्यक्रम से लौटते वक्त पानीपत ग्रामीण मोर्चा के प्रधान सतपाल राणा पर जानलेवा हमला हुआ था। सतपाल राणा का आरोप था कि उसे गोली मारने की भी कोशिश की गई। पुलिस में दी शिकायत देकर मेयर सुरेश वर्मा और उसके पांच भाइयों के साथ 7-8 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज कराया था।

पुलिस ने मेयर सुरेश वर्मा व उसके भाइयों दलबीर वर्मा, आजाद वर्मा, धनपत वर्मा, विक्रम वर्मा, विक्की व अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस अब तक आजाद वर्मा, संजय वर्मा, विक्की, सुखविंद्र उर्फ सूखा और पिंटू को गिरफ्तार कर चुकी है।
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