फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुरादनगर में हो रही थी भ्रूण लिंग जांच, तीन दबोचे

Fri, 07 Oct 2016 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
विज्ञापन
h - फोटो : h
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चौथी बार यूपी में लिंग जांच का भंडाफोड़ किया है। स्वास्थ्य विभाग ने गाजियाबाद के मुरादनगर में एक क्लीनिक में छापा मारकर झोलाछाप डॉक्टर और तहसील कैंप निवासी एक महिला समेत दो मध्यस्थों को लिंग जांच करते हुए दबोच लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने डिकोय (फर्जी ग्राहक) को भेजकर पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। आरोपी महिला ने लिंग जांच के लिए 12 हजार रुपये लिए थे। स्वास्थ्य विभाग ने अल्ट्रासाउंड मशीन को कब्जे में लेकर झोलाछाप डॉक्टर और दो मध्यस्थता कर रहीं महिलाओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है। मुरादनगर थाने की पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वीरवार सुबह गाजियाबाद के मुरादनगर स्थित क्लीनिक पर छापा मारकर झोलाछाप डॉक्टर मोहम्मद आसिफ, मध्यस्थता कर रही महिला रेणु निवासी मोदीनगर, गोबिंदपुरी, गाजियाबाद और पानीपत के तहसील कैंप क्षेत्र निवासी सीमा को भ्रूण की लिंग जांच करते हुए दबोच लिया। तीनों कई सालों से मुरादनगर में लिंग जांच कर रहे थे। गत दिनों स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि तहसील कैंप क्षेत्र निवासी सीमा लिंग जांच कराती है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसकी जानकारी डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे को दी थी। डीसी ने छापेमारी के लिए जितेंद्र शर्मा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया।

स्वास्थ्य विभाग ने एक डिकोय तैयार कर सीमा के पास लिंग जांच कराने के लिए भेजा था। सीमा ने लिंग जांच की एवज में 12 हजार रुपये मांगे। सौदा तय होने पर सीमा को लिंग जांच के लिए मंगलवार का समय दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार सुबह डिकोय को एक गाड़ी उपलब्ध कराई। डिकोय गाड़ी से सीमा के पास पहुंची। यहां से सीमा डिकोय के साथ कार से लिंग जांच कराने चल दी। इस पर इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनका पीछा शुरू कर दिया। सीमा ने गाजियाबाद के गोबिंदनगर में कार को रुकवाई। वहां से रेनू नामक महिला कार में सवार हो गई। दोनों महिलाएं डिकोय को साथ लेकर मुरादनगर स्थित जीवन ज्योति क्लीनिक पहुंचीं।
विज्ञापन


इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गाजियाबाद पुलिस से संपर्क किया। सूचना पर गाजियाबाद पुलिस पहुंच गई। दोनों महिलाओं ने क्लीनिक के संचालक मोहम्मद आसिफ से डिकोय के भ्रूण की लिंग जांच करने के लिए कहा। मोहम्मद आसिफ डिकोय को क्लीनिक के पीछे किराये के मकान में ले गया। जैसे ही मोहम्मद आसिफ ने डिकोय को लिंग जांच के लिए बेड पर लेटाकर अल्ट्रासाउंड मशीन चालू की, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मोहम्मद आसिफ, मीडियेटर महिला रेणु और सीमा को दबोच लिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मोहम्मद आसिफ से उसकी योग्यता के कागज मांगे, लेकिन वह नहीं दिखा सका।

स्वास्थ्य विभाग ने आरोपी मोहम्मद आसिफ के कमरे से अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद कर ली। आरोपी महिला सीमा ने बताया कि उसने पहले भी कई बार लिंग जांच करवाई है। वह रेणु के जरिये लिंग जांच कराती थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम में डॉ. सुधीर बत्तरा, ड्यूटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र शर्मा, डीसीओ परविंद्र मलिक, डॉ. शालिनी मेहता और डॉ.सुखदीप कौर शामिल थीं।

स्वास्थ्य विभाग को तहसील कैंप की महिला के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। उन्होंने एक महिला को फर्जी ग्राहक बनाकर तहसील कैंप में महिला के पास भेजा था। महिला ने लिंग जांच कराने के लिए 12 हजार रुपये मांगे। महिला डिकोय को लेकर गोबिंदपुरी गई। वहां से एक अन्य महिला उनके साथ शामिल हो गई। दोनों महिलाएं डिकोय को लेकर मुरादनगर में एक झोलाछाप डॉक्टर के पास पहुंची। वहां तीनों को लिंग जांच कराने के आरोप में पकड़ लिया गया। मुरादनगर थाने में तीनों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है। वहां की पुलिस ने तीनों पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन

डॉ. सुधीर बत्तरा, डिप्टी सीएमओ पानीपत।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें