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दोस्त ने ही की थी केबल ऑपरेटर की हत्या

Sun, 25 Sep 2016 10:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत
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- फोटो : demo pic
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डकैती के केस की सही तरह से पैरवी न करने से नाराज एक दोस्त ने ही गांव नारा निवासी केबल ऑपरेटर की तीन माह पहले हत्या की थी। वारदात से पहले आरोपी दोस्त ने नौकर के साथ मिलकर पहले केबल ऑपरेटर को शराब पिलाई फिर उसकी ईंट मार-मारकर हत्या कर दी। आरोपी दोस्त ने यह कबूलनामा रोहतक पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद किया है।
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स्पेशल स्टाफ टीम ने आरोपी को दो दिन के प्रोडक्शन रिमांड पर ले लिया है। स्पेशल स्टाफ ने आरोपी नौकर को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त बाइक बरामद कर ली है।\ स्पेशल स्टाफ प्रभारी प्रवीण कुमार ने रविवार को बताया कि 26 मई को केबल ऑपरेटर सुरेंद्र निवासी नारा की समालखा के गांव ढोड़पुर के पास खेतों में हत्या कर दी गई थी।

सुरेंद्र का वधावाराम कॉलोनी में केबल का दफ्तर था। पिछले साल जनवरी में सुरेंद्र को मतलौडा थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। सुरेंद्र ने सुभाष के साथ मिलकर डकैती डाली थी। पुलिस पूछताछ में सुरेंद्र ने सुभाष का नाम उगल दिया। इस पर सुभाष को भी गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद सुभाष ने इसका जिम्मेदार सुरेंद्र को ठहराया।
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सुरेंद्र ने जमानत पर आने के बाद सुभाष को उसके केस की अच्छी तरह से पैरवी करने का आश्वासन दिया था। लेकिन, सुभाष अपने दोस्त सुरेंद्र की पैरवी से नाखुश था। इसलिए साजिश के तहत 26 मई की शाम को सुरेंद्र ने सुभाष को फोन कर शराब पीने के लिए कहा। सुभाष ने सुरेंद्र के नौकर संजीत उर्फ सोनू को फोन कर सुरेंद्र को बाइक पर गांव जौरासी खास लाने के लिए बोला।

संजीत बाइक पर सुरेंद्र को बैठाकर गांव जौरासी खास ले आया। तीनों ने पहले गांव जौरासी खास के खेतों में शराब पी और फिर गांव ढोड़पुर के खेतों में चले गए। वहां पर तीनों ने साहब सिंह के खेतों में बैठकर फिर शराब पी। धुत हो जाने पर पर सुभाष ने संजीत के साथ मिलकर सुरेंद्र की ईंटों से पीट-पीटकर हत्या कर दी।

दोनों सुरेंद्र की हत्या कर उसकी जेब से कागज पर भी ले गए। पुलिस ने सुभाष के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था और उसकी तलाश में थी।

नौकर को लेना था थप्पड़ का बदला
सुरेंद्र का वधावाराम कॉलोनी में केबल का दफ्तर था। संजीत दफ्तर में नौकर था। संजीत ने पुलिस को बताया कि उसने एक बार सुरेंद्र से काम करने के 500 रुपये मांगे थे। सुरेंद्र ने इस पर उसे थप्पड़ मार दिए थे। वह सुरेंद्र से थप्पड़ों का बदला लेने के लिए सुभाष का साथ देने के लिए राजी हुआ। पुलिस ने संजीत के घर से राशन कार्ड की फोटो कॉपी और सुरेंद्र के फोटो बरामद किए हैं।

इतनी बेरहमी से हत्या पहले कभी नहीं देखी
स्पेशल स्टाफ प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि सुरेंद्र की हत्या बहुत बेरहमी से की गई थी। हत्या के समय नौकर संजीत ने सुरेंद्र के पैर पकड़े थे। सुभाष ने पहले सुरेंद्र के दोनों हाथ तोड़ दिए। दोनों हाथों को बुरी तरह से मरोड़ दिया था। इसके बाद सुभाष ने सुरेंद्र का गला दबाया और ईंट से पीट-पीटकर सुरेंद्र की हत्या कर दी। मौत के बाद भी सुभाष ईंटों से सुरेंद्र के शव को पीटता रहा था।

खुद शराब पीने का नाटक करते रहे
सुरेंद्र की हत्या के आरोपी सुभाष ओर संजीत ने बताया कि उनकी फोन पर ही सुरेंद्र को मारने की बात हो गई थी। उन्होंने सुरेंद्र को अधिक शराब पिलाने की रणनीति बनाई थी। वह दोनों बस शराब पीने का नाटक कर रहे थे। उन्होंने सुरेंद्र को पहले बहुत अधिक शराब पिलाई और फिर हत्या कर दी।
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