अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आरसी डिमरी की अदालत ने दहेज हत्या के आरोप में गांव गांजबड़ निवासी दो महिलाओं सहित चार लोगों को दोषी करार दिया है। आरोप है कि दहेज के लालच में विवाहिता को जबरन जहर दे दिया था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मरने से पहले विवाहिता ने मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान दर्ज करवाए थे। दोषियों की सजा पर सात फरवरी को बहस होगी।
उल्लेखनीय है कि गांव गांजबड़ निवासी मनीषा पत्नी सुरेश ने शहर के एक निजी अस्पताल में मजिस्ट्रेट के सामने दिए अपने बयान में बताया था कि उसकी शादी करीब चार साल पहले गांव गांजबड़ निवासी सुरेश के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही सास संतोष, ससुर धर्मबीर, जेठ सुरजीत व जेठसानी सोनिया दहेज के लिए उसे परेशान करते थे। आरोप है कि 2 अक्टूबर 2014 को उसका पति सुरेश अपनी ड्यूटी पर गया था। पीछे से सास, ससुर, जेठ व जेठानी ने उसे जबरन जहर दे दिया। मनीषा को गंभीर हालत में शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया था।
मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करवाने के कुछ समय बाद मनीषा की मौत हो गई थी। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर केस दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चारों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। लंबे समय तक चली कानूनी कार्रवाई के बाद चारों आरोपियों को वीरवार को जिला सत्र न्यायाधीश आरसी डिमरी की अदालत में पेश किया गया। जहां अदालत ने चारों को दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया। आरोपियों की सजा पर बहस सात फरवरी की होगी।