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Panipat: करंट से युवक की मौत के मामले में एक्सईएन, एसडीओ व जेई पर केस, झुलस गए थे दो युवक

Wed, 06 Mar 2024 06:14 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)

सार

23 फरवरी को गांव सिठाना में यात्रा के दौरान पालकी की स्टील की तार हाईटेंशन तारों के संपर्क में आ गई थी। घटना में एक युवक की मौत हुई थी व दो युवक झुलस गए थे। ग्रामीणों ने झूलती तारों की कई बार निगम को शिकायत दी थी। 
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शमशेर का फाइल फोटो - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हरियाणा के पानीपत में सिठाना गांव में रविदास जयंती पर आयोजित पालकी यात्रा में करंट लगने से हुई युवक की मौत के मामले में सदर थाना पुलिस ने 12 दिन बाद बिजली निगम के एक्सईएन, एसडीओ व जेई के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस की बिजली निगम के खिलाफ यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले कुटानी रोड पर ढाई साल के बच्चे की मौत के मामले में मुकदमा दर्ज कर चुकी है।

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पुलिस जांच में इस मामले में बिजली निगम के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों ने झूलती हाईटेंशन तारों की शिकायत कई बार बिजली निगम के संबंधित अधिकारियों को दी थी, लेकिन निगम के अधिकारियों ने इसमें लापरवाही बरती और पालकी यात्रा के दौरान स्टील की पाइप तारों के संपर्क में आने से एक युवक की मौत हो गई थी व दो युवक झुलस गए थे। अब बिजली निगम के अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है।

सिठाना गांव निवासी अश्वनी ने बताया कि 23 फरवरी को गांव में गुरु रविदास जयंती पर पालकी यात्रा निकाली जा रही थी। पालकी यात्रा को उसका भाई शमशेर (31) खींच रहा था। जिस रास्ते से यात्रा निकल रही थी। वहां गली में बिजली की हाईटेंशन की तार काफी नीचे झूल रही थी।
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यहां तारे 12 फीट की ऊंचाई पर थी जबकि नियमानुसार ये 18 फीट की ऊंचाई पर होनी चाहिए। यहां पालकी की स्टील की पाइप बिजली की हाईटेंशन तारों के संपर्क में आ गई थी। इसमें शमशेर, दिनेश व वीरपाल झुलस गए थे। तीनों को निजी अस्पताल में भेजा गया, यहां डॉक्टरों ने शमशेर को मृत घोषित कर दिया था।

इस घटना के अगले दिन बिजली निगम के कर्मचारी गांव में गए और तारों को ठीक करने लगे। इसका ग्रामीणों ने विरोध किया था। ग्रामीणों का आरोप था कि बिजली निगम के अधिकारी सबूत मिटाना चाहते थे। यहां जमकर हंगामा हुआ था।ग्रामीणों ने इस हादसे का जिम्मेदार बिजली निगम को ठहराया था। शमशेर एक बेटी का पिता था।

उसकी पत्नी छह माह की गर्भवती थी। ग्रामीणों ने इस मामले में सदर थाना पुलिस को बिजली निगम के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दी थी। अब 12 दिन बाद मामले में बिजली निगम के एक्सईएन, एसडीओ व जेई पर केस दर्ज किया गया है।

बिजली निगम की मिली है लापरवाही
कार्यकारी थाना प्रभारी संदीप सिंह ने बताया कि मामले में बिजली निगम की लापरवाही मिली है। सिठाना गांव में बिजली की तार झूल रही थी। ग्रामीणों ने कई बार इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन समय पर इसकी सुध नहीं ली गई। इसलिए ये हादसा हुआ है। इस मामले में बिजली निगम के एक्सईएन, एसडीओ व जेई पर केस दर्ज किया गया है।

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