ब्लैकमनी को व्हाइट में एक्सचेंज करने के लिए लोग 60:40 के अनुपात का खेल खेल रहे हैं। यानी कुल राशि का 60 प्रतिशत मालिक व 40 प्रतिशत एक्सचेंज करने वाले का। इस खेल में बिचौलिए ही नहीं सब्जी व अनाज मंडियों के आढ़तियों से लेकर दूसरे बड़े घरानों के लोग भी शामिल हैं। ये लोग आसानी के साथ ब्लैकमनी को व्हाइट में एक्सचेंज कर देते हैं। पुलिस द्वारा समालखा में 23.40 लाख की मोटी रकम के साथ पकड़ा गया आरोपी रमन मलिक आढ़ती राजकुमार मलिक का लड़का है। राजकुमार मलिक की पानीपत अनाज मंडी में आढ़त की दुकान है। पुलिस अब इन मामलों के सामने आने के बाद गंभीर हो गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आठ नवंबर को पांच सौ व एक हजार के नोट का चलन बंद कर दिया था और लोगों को पुरानी करैंसी जमा कराने को 31 दिसंबर तक का समय दिया है। पहले लोग पैसे एक्सचेंज कराने के लिए तरीके अपनाते रहे, लेकिन अब बैंकों में पैसे एक्सचेंज होने बंद कर दिए गए। ब्लैकमनी रखने वालों की अब नींद उड़ गई और इन लोगों ने अपनी ब्लैकमनी को व्हाइट में बदलने के लिए बिचौलियों व सीधे व्यक्ति की तलाश करनी शुरू कर दी।
पानीपत में पकड़े ये दो मामले बयां करते हैं दलीली की पूरी कहानी
मामला नंबर-एक
डीएसपी मुख्यालय जगदीप दूहन के अनुसार सीआईए-टू पानीपत ने समालखा में जीटी रोड स्थित छौक्कर पेट्रोल पंप के पास एक करेटा गाड़ी से 23.40 लाख रुपये बरामद किए। गाड़ी में रमन मलिक निवासी राजा खेड़ी हाल निवासी मलिक एंक्लेव पानीपत व उसका चाचा कुलवंज निवासी राजा खेड़ी सवार थे। रमन मलिक ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह सलारजंग गेट पर मेडिकल स्टोर चलाता है और उसके पिता राजकुमार मलिक का नई अनाज मंडी में आढ़त की दुकान है। उसके पिता राजकुमार मलिक ने न दिल्ली में एक व्यक्ति से पैसे लेकर आने की कही थी। वह अपने चाचा कुलवंत को गाड़ी में साथ लेकर दिल्ली चला गया। नया बाजार दिल्ली में रास्ते पर ही एक व्यक्ति ने उसको बैग पकड़ा दिया। वह बैग लेकर पानीपत की तरफ आ गया था।
मामला नंबर-दो
मॉडल टाउन थाना प्रभारी अमित कुमार व असंध नहर चौकी प्रभारी कृष्ण सरोहा के अनुसार गोहाना रोड बाईपास की तरफ से दिल्ली से आ रही काले रंग की दिल्ली नंबर की एक गाड़ी को शक के आधार पर रुकवाया। गाड़ी में मालिक राजेश जैन निवासी शालीमार बाग दिल्ली व ड्राइवर शैलेंद्र कुमार हाल निवासी रेलवे रोड आजादपुर दिल्ली सवार थे। पुलिस की प्राथमिक जांच में गाड़ी में कुछ नहीं मिला। डिक्की की बारीकी से जांच की गई तो स्टेपनी के नीचे लाल रंग का बैग मिला। जिसमें करीब 16 लाख रुपये बरामद किए। वे दोनों दिल्ली से आए थे और पुरानी करैंसी को नई में एक्सचेंज कराने की कोशिश में थे। राजेश जैन ने बताया कि उनकी सफीदों में आढ़त की दुकान है और वे यह रकम लेकर सफीदों जा रहे थे।
पुलिस सीआरपीसी के तहत कर सकती है जब्त
पुलिस किसी तरह की ब्लैकमनी को पकड़ सकती है और सीआरपीसी की धारा 102 के तहत राशि को जब्त किया जा सकता है। पुलिस इसको लेकर मालिक को पूछताछ के बाद छोड़ सकती है और उसको उक्त राशि के बारे में जानकारी देनी होती है। इसमें आयकर विभाग की भी कार्रवाई बनती है। आयकर विभाग संबंधित लोगों की पूरी जानकारी निकालती है।
आयकर विभाग की रिपोर्ट पर क्रिमिनल केस
आयकर विभाग को इस तरह की राशि को ब्लैकमनी या भी हवाला कारोबार से जोड़कर देखता है। इसकी पूरी जांच की जाती है और आयकर विभाग सबूत पेश न करने पर इसकी रिपोर्ट बनाकर पुलिस को देता है। पुलिस आयकर विभाग की रिपोर्ट के आधार पर आईपीसी की धारा 379, 411 व 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर लेती है और बाद में रकम को सरकारी खजाने में जमा करा दिया जाता है।
पुलिस पहले दिन से ही नोटबंदी के मामले को लेकर गंभीर है। इस मामले में मंगलवार रात व बुधवार को दो बड़ी सफलता मिली हैं। पुलिस ने दोनों जगहों से 39.40 लाख की ब्लैकमनी पकड़ी है। समालखा में ब्लैकमनी के साथ पकड़ा गया रमन मलिक आढ़ती राजकुमार मलिक का लड़का है। रमन मलिक ने पूछताछ में बताया कि वह अपने पिता राजकुमार मलिक के कहने पर दिल्ली से पैसे लेकर आया था। दूसरे मामले में भी आरोपी मोटी रकम दिल्ली से लेकर आए थे।
जगदीप दूहन, डीएसपी मुख्यालय, पानीपत।