असम के जिला मोरी गांव की चार लड़कियों को स्थानीय पुलिस ने पानीपत के शिवनगर से बरामद किया है। इनमें से दो को गांव के ही दो युवक शादी का झांसा देकर ले आए थे। दो अन्य लड़की पहले ही अपने चचेरी बहन के पास रह रही थीं। असम पुलिस चारों लड़कियों को बरामद कर मेडिकल कराने के बाद अपने साथ ले गई। आरोप है कि इनको बंधक बनाकर रखा गया था। थाना चांदनी बाग पुलिस ने लड़कियों को बंधक बनाने के आरोपों को निराधार बताया है।
थाना चांदनी बाग पुलिस के अनुसार, असम के जिला मोरी गांव स्थित बेराचपुरी थाना के सब इंस्पेक्टर सदर मणिक बुधवार को पानीपत पहुंचे। वे पुलिस अधीक्षक से मिले और पानीपत के शिवनगर में असम की चार लड़कियों के होने की जानकारी दी। एसपी के आदेश पर थाना चांदनी बाग पुलिस के साथ सब इंस्पेक्टर सदर मणिक शिवनगर पहुंचे। पुलिस ने यहां पर राजेश के मकान से रेणु बाला, काजोल शिखा, होनी मोहर्रम और मरियम को बरामद किया। पुलिस ने चारों का सिविल अस्पताल में मेडिकल कराया। इसके बाद सभी को असम पुलिस अपने साथ ले गई। बताया जा रहा है कि असम निवासी रिंकू की शादी राजेश निवासी शिवनगर के साथ हुई थी। रिंकू की चचेरी बहन मरियम और होनी मोहर्रम भी पानीपत उसके पास आकर रहने लग गईं। आरोप है कि जिला मोरी गोव के थाना बरोचपुरी के अंतर्गत गांव बेलागुड़ी की रहने वाली रेणु बाला और काजोल शिखा को गांव के ही दो युवक बहला फुसलाकर ले आए थे। वे उनको लेकर पानीपत में रिंकू के घर ही पहुंचे। यहां पर उन दोनों को रखा गया। आरोप है कि रेणु बाला और काजोल शिखा ने असम पुलिस को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी और खुद को बंधक बनाने की बात कही। असम पुलिस बुधवार को सूचना के आधार पर पानीपत पहुंची थी।
असम पुलिस के एक अधिकारी ने थाना पुलिस ने शिवनगर में चार लड़कियों को बरामद करने में मदद मांगी थी। पुलिस ने उनकी मदद की और यहां से चारों लड़कियों को बरामद कर लिया। चारों लड़कियों ने बताया कि वे यहां पर अपनी मर्जी से रह रही थी। पुलिस चारों का मेडिकल कराकर असम पुलिस के अधिकारियों को सौंप दिया है।
जसपाल सिंह, प्रभारी, थाना चांदनी बाग, पानीपत।