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‘माता-पिता मारते हैं और कोठियों में करवाते हैं काम’

Mon, 17 Apr 2017 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
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 माता-पिता मुझे मारते हैं और कोठियों में काम करवाते हैं। कोठियों में काम न करने से मना करने पर खाना भी नहीं देते। यह आरोप वार्ड-24 की एक कॉलोनी में रहने वाली एक नाबालिग लड़की ने अपने माता-पिता पर लगाए हैं। दूसरी तरफ थाने पहुंची मां ने बेटी पर चोरी की नीयत होने का आरोप लगाते हुए उसे घर ले जाने से इनकार कर दिया। जीआरपी ने लड़की को सामान्य अस्पताल में मेडिकल करवाकर शोंधापुर स्थित बाल अनाथालय में छोड़ दिया।
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शहर की एक कॉलोनी में रहने वाली एक नाबालिग लड़की शनिवार शाम को करीब छह बजे अपने घर से बिना बताए निकल आई। वहां से वह करीब सात बजे पानीपत के रेलवे स्टेशन पहुंची और पुल पर बैठी भीख मांगने वाली महिला सपना के पास पहुंच गई। लड़की ने सपना से कहा कि वह उसे अपने बेटी की तरह अपने पास रख ले। इसके बदले में वह जो कहेगी, करेगी। सपना ने बताया कि लड़की उसके पास शनिवार को शाम करीब सात बजे आई थी। वह लड़की को अपने घर महावीर कॉलोनी ले गई और रात को खाना खिलाकर वहीं सुलाया। रविवार सुबह उसे जीआरपी थाने पहुंचा दिया। यहां पर जीआरपी ने पूछताछ के बाद लड़की के परिजनों को बुला लिया। पहले बच्ची की मां नहीं आई, लेकिन पुलिस का दबाव पड़ने पर रेलवे स्टेशन पर आई। मां सुशीला ने बच्ची को अपनाने से इनकार कर दिया।
मां ने लड़की पर घर में पैसे चुराने का लगाया आरोप
मां सुशीला ने लड़की पर घर में रखे हुए पैसे चुराने का आरोप लगाया। कहा कि अगर पैसे चुराएगी तो थोड़ा बहुत तो मारना ही पड़ेगा या फिर ऐसे ही छोड़ दें। मां ने बताया कि लड़की इससे पहले घर से दो बार भाग चुकी है। जब भी भागी है, घर के पास में ही या कॉलोनी के किसी भी घर में जाकर माता-पिता के मारने-पीटने की बात कहकर ही वहीं सो जाती थी। अगले दिन घर पर आ जाती थी।       
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थाना जीआरपी पुलिस ने नाबालिग लड़की का शहर के सामान्य अस्पताल से मेडिकल करवाकर शोंधापुर अनाथालय भेज दिया है। लड़की के माता-पिता को लड़की को कोर्ट से लेने के लिए कहा है। लड़की अपने घर जाने के लिए तैयार नहीं है।       
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बृजपाल राणा, प्रभारी, थाना जीआरपी पानीपत।
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