आसाराम और नारायण साईं के खिलाफ दुष्कर्म के मामले में मुख्य गवाह महेंद्र चावला उनके भाई और भतीजे पर एक मामले में पक्ष में गवाही के लिए 70 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप हैं। पानीपत पुलिस ने सेक्टर-12 निवासी भगत सिंह की शिकायत पर महेंद्र चावला, उनके भाई देवेंद्र चावला और भतीजे राम को गिरफ्तार कर लिया है। सीआईए की टीम ने शनिवार शाम को उन्हें गिरफ्तार किया। सभी को रविवार को अदालत के सामने पेश किया जाएगा।
भगत सिंह ने थाना चांदनीबाग में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि महेंद्र और सनौली गांव के सरपंच संजय त्यागी का अदालत में केस चल रहा है। महेंद्र चावला मां ने कहा कि अगर वो सरपंच संजय से उनका समझौता करा देगा तो संजय के पक्ष में गवाही दे देंगे। इस पर भगत सिंह ने संजय से संपर्क किया। वहीं सनौली के पूर्व सरपंच सुरेंद्र शर्मा का भी एक मुकदमा चल रहाहै। उनमें भी महेंद्र चावला की गवाही होनी थी। उस मामले में भी समझौते की बात तय हो गई। पक्ष में गवाही देने के लिए 70 लाख रुपये एक मार्च को महेंद्र चावला को सौंप दिए। उनके भाई और भतीजे घर से 70 लाख रुपये ले गए।
भगत सिंह ने बताया कि दो मार्च को महेंद्र चावला ने सरपंच के पक्ष में गवाही दी। उस समय उसने कोर्ट में अपने ही परिचितों को पहचानने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने और रुपए हड़पने की प्लानिंग शुरू की। 5 मार्च को अगली तारीख पर पेश न होने के लिए झूठा मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करा दिया और 80 लाख रुपये की मांग करने लगे। अगले ही दिन पंचायत से ये प्रस्ताव पास हो गया, लेकिन इसके बाद महेंद्र ने 18 मार्च को 80 लाख रुपये और देने की डिमांड की।
धमकी दी कि अगर ये पैसे नहीं मिले तो कोर्ट में वह झूठी गवाही देगा। इसके बाद महेंद्र चावला ने अदालत में गवाही नहीं दी। चांदनीबाग थाना पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। इसकी जांच सीआईए की टीम को दी गई। शनिवार शाम को सीआईए की टीम ने आरोपी महेंद्र चावला, उनके भाई और भतीजे को गिरफ्तार कर लिया। डीएसपी सतीश वत्स ने बताया कि महेंद्र चावला और उनके भाई और भतीजे को गिरफ्तार कर लिया गया है। आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।