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हुडा का सहायक पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते दबोचा, तीन माह पहले हुआ था पदोन्नत

Wed, 31 May 2017 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
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 विजिलेंस पानीपत ने हुडा के सहायक एवं क्लर्क को हुडा सेक्टर-18 के एक मकान की फाइल कोर्ट में भेजने की एवज में पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी अशक्त बताया गया है और उसकी करीब तीन माह पहले ही पदोन्नति हुई थी। वह इससे पहले एक्सईएन कार्यालय में बिजली के बिल बांटता था। विजिलेंस टीम ने आरोपी के खिलाफ ट्रैफिक थाना बाबरपुर में भ्रष्टाचार की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
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सेक्टर-18 निवासी भीम सिंह ने विजिलेंस टीम को दी शिकायत में बताया कि उसने 14 साल पहले हुडा में 70 हजार रुपये कीमत का 80 गज का प्लॉट खरीदा था। हुडा ने जिस व्यक्ति के नाम प्लॉट अलॉट किया था। उस व्यक्ति की मौत के बाद उसके बेटे ने हुडा से मिलीभगत कर प्लॉट अपने नाम करवा लिया और वह अब उसे मकान खाली करने की धमकी देता है। ऐसा न करने पर उससे पैसे मांगता था। उसने डेढ़ माह पहले कोर्ट में केस दायर कर दिया। भीम सिंह ने बताया कि मकान की फाइल कोर्ट में दाखिल करवाने के लिए करीब 15 दिन पहले हुडा से फाइल निकलवाने गया तो वहां कार्यरत हरिनगर निवासी सहायक आजाद सिंह ने उससे 20 हजार रुपये की मांग की। इतने पैसे न होने पर मामला पांच हजार रुपये में तय हो गया। भीम सिंह ने बाद में मामले की शिकायत विजिलेंस टीम को दी। विजिलेंस टीम ने भीम सिंह को आजाद सिंह से पैसे देने का समय तय करने की बात कही। मंगलवार को पैसे देने का समय तय होने पर विजिलेंस टीम ने इस बारे में डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे को सूचित किया। डीसी ने नायब तहसीलदार मतलौडा जयसिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट और तहसीलदार के रीडर रणबीर सिंह को शेडो विटनेस बनाया। विजिलेंस इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह ने एसआई सुभाष और एएसआई सतबीर के साथ टीम तैयार की और भीम सिंह को तहसील कार्यालय में बुलाकर पांच-पांच सौ रुपये के पाउडर लगे दस नोट दे दिए। भीम सिंह हुडा कार्यालय में गया और आजाद सिंह को फोन कर बुलाया। आजाद सिंह के बाहर आने पर भीम सिंह ने उसे सौ-सौ रुपये के कुछ नोट देने चाहे, लेकिन आजाद सिंह ने पांच हजार रुपये की मांग की। भीम सिंह ने पाउडर लगे पांच हजार रुपये आजाद सिंह को दिए। तभी विजिलेंस टीम ने छापा मारते हुए क्लर्क कम सहायक को रंगे हाथों काबू कर लिया।   
2003 में अलॉट हुआ था प्लॉट            
सेक्टर-18 निावसी भीम सिंह ने बताया कि कुटानी रोड अशोक विहार कॉलोनी निवासी सुंदरलाल को हुडा में गरीबी रेखा के तहत वर्ष 2003 में प्लॉट अलॉट हुआ था। सुंदरलाल ने इसकी पहली किश्त 1320 रुपये ही भरी थी। बाद में गांव खलीला हाल करनाल निवासी विक्रम को 50 हजार रुपये में जीपीए के तहत फुल पेमेंट एग्रीमेंट कर बेच दिया। भीम सिंह ने बताया कि विक्रम उसकी मौसी का लड़का है। वर्ष 2004 में विक्रम ने इस प्लॉट को 70 हजार रुपये में उसे बेच दिया। प्लॉट खरीदने के बाद हुडा की सभी खानापूर्ति पूरी करने के बाद यहां मकान बनाया था। सुंदरलाल की मौत के बाद उसके लड़के मनोज ने हुडा से मिलीभगत कर प्लॉट अपने नाम करवाते हुए उससे मोटी रकम ऐंठने की सोची थी।           
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बच्चों की फीस तक भरने के नहीं रहे पैसे            
भीम सिंह ने बताया कि हुडा विभाग के सहायक आजाद सिंह ने इस प्लॉट को लेकर उससे कई बार पैसे मांगे। वह जब कभी रास्ते में मिल जाता तभी उसकी जेब में जितने पैसे होते, ले लेता था। भीम सिंह ने बताया कि भ्रष्ट अधिकारी की मांग पूरी करने के बाद उसके पास इतने पैसे भी नहीं बचे थे कि अपने बच्चों की फीस जमा करवा सके। स्कूल से बार-बार नोटिस मिलने के कारण दोनों पति-पत्नी मानसिक रूप से परेशान हो चुके थे।   
सेक्टर 18 निवासी भीम सिंह ने शिकायत दी थी कि हुडा विभाग का क्लर्क कर्म सहायक आजाद सिंह रिश्वत मांग रहा है। शिकायत के आधार पर छापा मारते हुए हुडा के क्लर्क कम सहायक को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ ट्रैफिक थाना बाबरपुर में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।      
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नरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर विजिलेंस, पानीपत।
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