अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने युवती को बहला-फुसलाकर घर से भगाकर गहने ऐंठने के दोषी जौरासी गांव निवासी सगे भाइयों को 18-18 माह की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
जौरासी गांव निवासी एक व्यक्ति ने समालखा थाने में दो वर्ष चार दिसंबर 2014 को मामला दर्ज कराया कि उसकी छोटी बेटी कॉलेज के लिए घर से निकली थी।
वह लड़की देर शाम तक घर नहीं लौटी। घर से 15 तोले सोने के गहने और 30 तोले चांदी गायब थी। बाद में पता लगा कि गांव का ही रोहित उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया। इसे पूरे काम में रोहित का साथ उसके छोटे भाई मोहित ने भी दिया। पुलिस ने युवती के पिता की शिकायत पर दोनों भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने नौ दिसंबर को युवती को शिमला से बरामद कर लिया।
बाद में रोहित को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने रोहित की निशानदेही पर उसके छोटे भाई मोहित को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उन्होंने युवती से सोने-चांदी के आभूषण ऐंठने के लिए युवती को अपने जाल में फंसाने के लिए रणनीति बनाई थी। सवा साल चली मामले की सुनवाई के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरसी डिमरी की अदालत ने मामले में फैसला सुनाया। अदालत ने दोनों सगे भाइयों को 18-18 माह की कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।