पानीपत। डीसी कार्यालय में तैनात शिक्षा विभाग के पीअन ने कार एसेसरीज का काम करने वाले एक व्यक्ति को ना परीक्षा दिलवाई और ना ही इंटरव्यू। कुछ पैसों मात्र में शिक्षा विभाग में पीअन पद का ज्वाइनिंग लेटर दे दिया। इज्जर विजिलेंस ने नटवरलाल पीअन को दस हजार रुपये रिश्वत की पहली किश्त लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मामले में कई बड़े अधिकारियों के नाम सामने आ सकते हैं।
मनाना गांव निवासी जोगिंद्र राठी ने बताया उसकी समालखा में कार एसेसरीज की दुकान है। छह जनवरी को सनौली कलां गांव निवासी सुरेश कुमार उसके पास बाइक पर इलेक्ट्रिक नंबर लिखवाने आया। बातों ही बातों में दोनों में दोस्ती हो गई। सुरेश ने जोगिंद्र से कहा कि उसकी ऊपर तक सेटिंग है और वह उसकी कुछ ले देकर सरकारी नौकरी लगवा देगा। नौ जनवरी को सुरेश उसके पास चार फॉर्म लेकर आया। तीन फॉर्मों पर सुरेश ने उसके फोटो पर क्रॉस साइन करवा लिए। एक फॉर्म खुद बाद में भरने की बात कही।
अब वह हर शनिवार या रविवार को उसके पास आता और मिठाई तैयार रखने की बात कहता। एक दिन सुरेश ने उससे पक्की सरकारी नौकरी के लिए 30 हजार रुपये देने की बात कही। उसने सुरेश को गरीबी का हवाला देकर पैसे कम करने की गुजारिश की। इस पर सुरेश ने उससे दस हजार रुपये पहले और बाकी रकम ज्वाइनिंग के बाद देने की कही। सुरेश ने 21 अप्रैल को फोन कर उससे दस हजार रुपये मांगे। जोगिंद्र ने शनिवार तक पैसे देने की बात कही।
इसके बाद जोगिंद्र ने विजिलेंस झज्जर से संपर्क किया। उन्होंने एडीसी राजीव मेहता को पूरे मामले से अवगत कराया। मामले में नायब तहसीलदार पानीपत राजबीर सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया। विजिलेंस ने जोगिंद्र से सुरेश को शनिवार सुबह बुलाने के लिए कहा। जोगिंद्र के फोन करने पर सुरेश ने उसे दस हजार रुपये लेकर टोल प्लाजा पर आने की बात कही। शनिवार सुबह जोगिंद्र अपने साथी की कार लेकर टोल प्लाजा के समीप पहुंचा। वहां जोगिंद्र ने पहले से खड़े सुरेश को गाड़ी में बुलाकर दस हजार रुपये दे दिए। सुरेश ने जैसे ही जोगिंद्र को शिक्षा विभाग में पीअन पद का ज्वाइनिंग लेटर दिया, वैसे ही विजिलेंस ने सुरेश कुमार को दबोच लिया।
पकड़े जाने पर बोला ब्याज पर लिए हैं पैसे
सुरेश ने विजिलेंस टीम को बताया कि वह तो जोगिंद्र से ब्याज पर पैसे ले रहा है। टीम ने उसकी एक नहीं सुनीं और गाड़ी में बिठाकर ले गई। इससे पहले सुरेश ने भागने का भी प्रयास किया। विजिलेंस टीम सुरेश कुमार से उसके आकाओं के बारे में गहनता से पूछताछ कर रही है। मामले में कई और बड़े अधिकारियों के नाम सामने आ सकते हैं।
पानीपत विजिलेंस ब्यूरो फिर फेल
जोगिंद्र ने बताया कि उसने शुक्रवार को पूरे मामले की जानकारी पानीपत विजिलेंस ब्यूरो को दी थी। पानीपत विजिलेंस ने उसको पीअन के बारे में पूरी जानकारी लाने को कहा। उसे कहा गया कि वह पता करे कि वह कच्चा कर्मचारी है या पक्का। मामला हमारे लेवल का है या नहीं। इसके बाद उसने झज्जर विजिलेंस में फोन कर मामले की सूचना दी। झज्जर विजिलेंस ने तुरंत पानीपत के एडीसी राजीव मेहता को मामले की जानकारी दी।
दूसरे अधिकारियों को भी देने हैं
शिकायतकर्ता जोगिंद्र ने बताया कि वह जब सुरेश को नौकरी के लिए पैसे कम करने के लिए कहता था तो सुरेश उसको अन्य उच्च अधिकारियों को भी पैसे देने का हवाला देता था। सुरेश कहता था कि अधिकारी बिना पैसे के नहीं मानेंगे। दस हजार रुपये अब दे देना और 15 हजार रुपये डायरी में नंबर लगने के बाद दे देना।
पूछताछ की जा रही
पानीपत में शिक्षा विभाग के एक पीअप के सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर रिश्वत लेने की जानकारी मिली थी। आरोपी को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा है। आरोपी से उसके आकाओं के बारे में पूछताछ की जा रही है।
ओमप्रकाश शर्मा, प्रभारी, हरियाणा स्टेट विजिलेंस ब्यूरो, झज्जर।