फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब एक और डाक्टर ने पोस्टमार्टम से खड़े किए हाथ, दलील-कोर्ट में मामले को स्पष्ट करना होगा मुश्किल

Fri, 10 Jun 2016 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
डा. - फोटो : ब्यूरो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

पानीपत। सिविल अस्पताल में एक डॉक्टर ने महिला रेणु गोयल के शव का पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया। महिला की बुधवार को कृष्णा नगर में गला रेत कर हत्या की गई थी। डॉक्टर का कहना था कि महिला का गला बुरी तरह से रेता गया है, कोर्ट में मामले को स्पष्ट करना मुश्किल होगा। बाद में सीएमओ के हस्तक्षेप से तीन डाक्टरों के बोर्ड ने कई घंटे बाद डेढ़ बजे मृतका का पोस्टमार्टम किया जा सका। पिछले सप्ताह गांव बांध में हुए तीहरे हत्याकांड में महिला डाक्टर ने भी कुछ इसी तरह की दलील देकर शवों के पोस्टमार्टम से इंकार कर दिया था। तब डॉक्टर ने परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार की भी नहीं सुनी थी। पोस्टमार्टम से इंकार करने का दूसरा मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य अधिकारी अब लीपा पोती में लग गए हैं।
 
जाटल रोड पर कृष्णा नगर निवासी लकवाग्रस्त महिला रेणु गोयल की तेजधार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए रात को ही सिविल अस्पताल भेज दिया गया था। पोस्टमार्टम डयूटी के दौरान करीब 12 बजे डाक्टर ने मृतका के शव का पोस्टमार्टम करने से इनकार करते हुए इसे पीजीआई रोहतक रेफर करने को कह दिया। गुस्साए परिजनों ने इस पर डाक्टर से बात की। परिजन पहले डिप्टी सीएमओ डॉ. नवीन सुनेजा से मिले, लेकिन समाधान नहीं हुआ तो सीएमओ डॉ. इंद्रजीत धनखड़ के यहां पहुंच गए। परिजनों की बात सुन कर सीएमओ डॉ. इंद्रजीत धनखड़ ने शव को देखा और उसके बाद डॉ. प्रदीप पांचाल, डॉ. श्यामलाल व डॉ. प्रीति पर आधारित एक मेडिकल बोर्ड बनाकर पोस्टमार्टम कराया। परिजनों को दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे शव मिल सका।
विज्ञापन


विधायक के हस्तक्षेप से पोस्टमार्टम
सीएमओ व डिप्टी सीएमओ मृतका रेणु के शव का पोस्टमार्टम करने से इनकार करने वाले डॉक्टर के पक्ष में दिखे। डिप्टी सीएमओ ने कहा कि हत्या के मामले में कोर्ट में पूरा मामला स्पष्ट कर पाना मुश्किल हो जाता है। सिविल अस्पताल से डॉक्टर शवों को पीजीआई रोहतक रेफर कर देते हैं। वहीं सीएमओ परिजनों को पाठ पढ़ाने लग गए। उन्होंने कहा कि छुट्टी के दिन या छुट्टी के समय किसी पर भी काम के लिए दबाव नहीं बनाया जा सकता। महिला के शव का पोस्टमार्टम न करने पर मामला जनप्रतिनिधियों तक पहुंचे गया। विधायक द्वारा बात करने के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों का रवैया कुछ नर्म पड़ा।
 
महिला की गर्दन पर हुए थे कई वार
पोस्टमार्टम के दौरान सामने आया कि महिला रेणु की हत्या बड़ी बेरहमी के साथ की गई। उसकी गर्दन पर एक नहीं बल्कि तीन-चार वार किए गए। पुलिस का मानना है कि हमलावर को डर सता रहा था कि कहीं महिला जीवित ने रह जाए। उसकी गर्दन रेतने के बाद एक के बाद कई और वार गर्दन पर किए। गर्दन के अलावा महिला के शरीर पर कहीं भी चोट के निशान नहीं मिले। डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम के बाद विसरा जांच को भेज दिया।

पोस्टमार्टम से इनकार का दूसरा मामला
सिविल अस्पताल में आए शव के पोस्टमार्टम से इनकार का यह दूसरा मामला है। इससे पहले गांव बांध में दलबीर, उसकी पत्नी सरोज व बेटे अंकित की हत्या के बाद इनके शवों का पोस्टमार्टम करने से एक महिला डाक्टर ने मना कर दिया था। महिला डॉक्टर की पोस्टमार्टम ड्यूटी थी, लेकिन वह एक साथ तीन शवों के पोस्टमार्टम को देखकर पीछे हट गई। उसने खुद को ईएनटी बताकर पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया था। मंत्री कृष्णलाल पंवार के अस्पताल में मौजूद रहते यह मामला काफी गर्मा गया था।
------
बोले डाक्टर- कोर्ट में गवाही देना मुश्किल
डॉ. प्रदीप पांचाल ने बताया कि महिला रेणु की गर्दन बुरी तरह से रेती गई है। इस तरह के मामले में आम तौर पर सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में शव को पीजीआई रोहतक रेफर किया जाता है। वीरवार को महिला के शव के मामले में भी यही हुआ। परिजन यहीं पर पोस्टमार्टम कराने पर अड़े थे। इस तरह के मामलों में डॉक्टर द्वारा कोर्ट में गवाही दे पाना और साबित करना मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन


मामला बड़ा पेचीदा, इसलिए दिक्कत
रेणु की हत्या का मामला बड़ा की पेचीदा था। सिविल अस्पताल में कई सीनियर डॉक्टरों की सलाह ली गई। उन्होंने भी शव को देखा है। डाक्टर ने शहरी विधायक को भी पोस्टमार्टम न करने की बात कही है, इसमें सच्चाई नहीं है। शव को रेफर नहीं किया गया। यहीं पर डॉक्टरों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया है।
डॉ. इंद्रजीत धनखड़, सीएमओ, पानीपत।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें