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कविता डीएनए टेस्ट को नहीं गई, सास बोली चंडीगढ़ से कराएंगे डीएनए

Sat, 05 Sep 2015 12:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला पानीपत
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सिविल अस्पताल में पल रही परी व महिला कविता का डीएनए टेस्ट नहीं हो सका। बात कविता पर आकर अटक गई। वह मधुबन लैब में डीएनए के सैंपल देने को राजी नहीं हुई और अपने पति समेत ससुरालियों के साथ कही चली। पुलिस पूरा दिन कविता व उसके ससुरालियों से संपर्क साधते रहे। पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में तुरंत तारीख लेकर अगली कार्रवाई करने की बात कही है। यह डीएनए टेस्ट की तीसरी तारीख टली है।
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विदित है कि सिविल अस्पताल में पल रही परी व रामनगर निवासी महिला कविता को आज डीएनए जांच के लिए मधुबन लेकर जाना था। पुलिस द्वारा मधुबन से तारीख लेकर पूरी तैयारी कर ली गई थी। पुलिस बीती रात को रामनगर में पहुंचकर कविता व उसके ससुरालियों को डीएनए जांच को कराने की जानकारी देने गई थी, लेकिन पुलिस को कविता, उसका पति अमित व ससुर राजबीर नहीं मिले।

घर पर कविता की सास कमला मिली। उसने पुलिस को बताया कि उनका मधुबन लैब पर बिलकुल विश्वास नहीं है। वे चंडीगढ़ में अपनी जांच कराना चाहते हैं। पुलिस देर रात तक उनको समझाने में लगी रही, लेकिन कोई भी नहीं माना। पुलिस शुक्रवार सुबह फिर से उनके घर पर पहुंची। कविता व उसके पति समेत सुसरालियों में से कोई भी घर पर नहीं मिला। पुलिस ने परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास किया और पास पड़ोस के लोगों से भी जानकारी ली, लेकिन वे पुलिस को नहीं मिले।
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डीएनए को लेकर तीसरी तारीख टली
कविता व उसका पति अमित समेत बाकी परिजन पहले दिन से ही डीएनए कराने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने 29 जून को डीएनए की तारीख ली, लेकिन कविता के पेट में इंफेक्शन बन गया। उसने डॉक्टरों पर देखभाल न करने के आरोप लगाए। पुलिस ने इसके बाद 12 अगस्त की तारीख ली, लेकिन परिजन इस बार मधुबन में डीएनए कराने से साफ इनकार कर गए। पुलिस ने फिर चार सितंबर की तारीख डीएनए के सैंपलों को लेकर मिली थी।

प्रशासन व पुलिस पर भी सवाल
कविता व अस्पताल में पल रही परी के डीएनए को लेकर परिजनों व प्रशासन में ठनी हुई है। परिजन मधुबन लैब पर विश्वास न होने की बात कह रहे हैं और चंडीगढ़ में जांच कराने को राजी हैं। कविता का ससुर राजबीर गत दिनों एसपी राहुल शर्मा से भी मिला था। उन्होंने एसपी के सामने भी इसी बात को रखा था। एसपी राहुल शर्मा ने भी इसको मना कर दिया था। अब सवाल है कि परिजनों को मधुबन लैब पर विश्वास नहीं है तो प्रशासन व पुलिस चंडीगढ़ में जाने को क्यों नहीं तैयार हैं। विभागीय जानकार इसको तकनीकी कारण होना भी बता रहे हैं, लेकिन प्रशासन व पुलिस के लिए यह सब इतना मुश्किल नहीं है।

यह है मामला
सिविल अस्पताल में 17 जून को परी का जन्म हुआ था। उसको रामनगर निवासी कविता की बताया गया था। कविता व उसका पति अमित पहले को बेटी होना मान रहे थे, लेकिन 18 जून को नर्सिंग स्टाफ द्वारा लड़के को दूध पिलवाने के बाद तेवर तल्ख कर गए। उन्होंने बेटी को अपनाने से इनकार कर दिया और डॉक्टर व स्टाफ पर बच्चा बदलने का आरोप लगाया। थाना शहर पुलिस ने कविता की शिकायत पर मुकदमा भी दर्ज कर लिया। परिजनों ने उनका डीएनए टेस्ट कराने की मांग की। पुलिस भी इसको लेकर राजी हो गई, लेकिन इस मामले में किसी का भी डीएनए नहीं हो सका और न ही सैंपल लिए जा सके हैं।

महिला कविता व बच्ची के डीएनए के सैंपल नहीं लिए जा सकें है। पुलिस की इसको लेकर पूरी तैयारी थी, लेकिन महिला कविता व उसके परिजन घर पर नहीं मिले। पुलिस बीती रात व दिनभर उनसे संपर्क साधती रही। अधिकारियों को इस विषय में अवगत करा दिया गया है। इस मामले में अधिकारियों के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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भीम सेन, प्रभारी, बस अड्डा चौकी पानीपत।
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