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दिल्ली पुलिस के एएसआई के हत्यारोपी सहित दो इनामी दबोचे

Tue, 31 Jan 2017 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
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पानीपत - फोटो : पानीपत
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अमर उजाला ब्यूरो
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समालखा। एसपी स्पेशल टीम ने हत्या, डकैती, मारपीट आदि मामलों में वांछित दो कुख्यात बदमाशों को दबोच लिया है। इनमें से एक बदमाश पर दिल्ली पुलिस के एक एएसआई और महिला की उसी के फ्लैट में हत्या करने का आरोप भी है। इस पर दिल्ली पुलिस ने पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है। दूसरा आरोपी लूट और डकैती के मामलों में वांछित है। उस पर जींद पुलिस ने पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। दोनों इनामी बदमाशों को पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों से काबू किया। उनसे असलाह भी बरामद किए गए हैं।
एसआईटी इंचार्ज राज सिंह ने बताया कि उनको सूचना मिली थी कि भापरा मोड़ और खलीला मोड़ के पास अलग-अलग वारदातों के आरोपी बदमाश किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। उन्होंने सूचना के आधार पर दो टीम बनाईं। एएसआई अंग्रेज की टीम में एएसआई राजकुमार, तैन सिंह, कांस्टेबल सुनील ने भापरा मोड़ के पास से बदमाश विजय निवासी बिदलाहन, सोनीपत को दबोच लिया। पुलिस की दूसरी टीम एएसआई महावीर, हेडकांस्टेबल सतीश, सिपाही कीर्ति और अमित शामिल थे। इस टीम ने खलीला मोड़ से संदीप कुमार उर्फ सोला निवासी एचरा खुर्द, सफीदों जींद को काबू किया। एसआईटी इंचार्ज ने बताया कि दोनों बदमाशों से एक-एक 315 बोर का तमंचा और एक-एक कारतूस बरामद हुआ है।
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ये हैं आपराधिक मामले
1. भापरा मोड़ से गिरफ्तार बदमाश विजय पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोप है कि उसने दिसंबर 2016 में रोहिणी के दीप विहार में दिल्ली पुलिस के एएसआई जोगिंद्र और एक महिला मुनेश की उसी के फ्लैट में गोली मारकर हत्या कर दी थी। दिल्ली पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ है। इस मामले में छह आरोपी थे। इनमें दो पहले पकड़े जा चुके हैं। विजय इस वारदात का मुख्य आरोपी है। दिसंबर 2016 में मारे गए दिल्ली पुलिस के एएसआई जोगिंद्र को हाल ही में गणतंत्र दिवस पर मरणोपरांत राष्ट्रपति अवार्ड दिया गया है। उनकी पत्नी भी दिल्ली पुलिस में हैे। उन्होंने ही राष्ट्रपति से यह अवार्ड प्राप्त किया था।
2 खलीला मोड़ से काबू किया गए संदीप कुमार उर्फ सोला ने 2013 में अपने ही गांव के एक युवक की हत्या कर दी थी। 2011 में सफीदों में उस पर आर्म्स एक्ट और लड़ाई-झगडे़ के केस दर्ज हुए। 2011 में ही उस पर सोनीपत में गिरोहबंदी का केस दर्ज हुआ। लेकिन, इसमें वह बरी हो गया। वर्ष 2012 में करनाल में आर्म्स एक्ट का केस दर्ज हुआ। इसी वर्ष उसका नाम पानीपत में वरना कार लूट में आया। वर्ष 2011 में लड़ाई झगड़े के मामले में वह वांछित है। 2013 में उसने इंद्री, करनाल से कार लूटी। वर्ष 2016 में करनाल में उस पर आर्म्स एक्ट का केस दर्ज हुआ। इसमें वह बेल जंपर है। जींद पुलिस ने उस पर पांच हजार रुपये का इनाम भी रखा हुआ है।
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दस दिन पहले भी एसआईटी को मिली थी सफलता
 एसआईटी ने दस दिन पहले भी एक इनामी बदमाश विशाल उर्फ माया को गढ़ी छाजू मोड़ से पकड़ा था। आरोपी से पुलिस ने दो पिस्टल, चार गोली और एक खोल बरामद किया था। आरोपी उस समय यूपी भागने की फिराक में था। गिरफ्तारी के समय वह अपने एक साथी का इंतजार कर रहा था। पकड़े जाने से पहले उसने पुलिस पर फायर कर दिया था।

वर्जन
एसआईटी ने भापरा और खलीला मोड़ से दो इनामी बदमाशों को काबू किया है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। इनको कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
राज सिंह, इंचार्ज, एसआईटी  समालखा।
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