चोर गिरोह का सरगना विजय उर्फ बैंग उर्फ डंग बेशक पांच जमात ही पढ़ा हो लेकिन वह कानून की जानकारी में पीएचडी था। उसको हर धारा का पता है और धारा के तहत सजा व उससे बचने की भी पूरी जानकारी थी। यहीं कारण रहा है कि सरगना विजय ने स्नेचिंग के आरोप को गैरजमानती घोषित करते ही इसको छोड़कर चोरी के धंधे में लग गया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि खटीक बस्ती में रहने वाला गैंग का सरगना मात्र पांच कक्षा पास है। पुलिस की बातों पर यकीन करें तो विजय उर्फ बैंगन पहले स्नेचिंग करता था। उस पर करनाल और कैथल में सबसे ज्यादा स्नेचिंग के ही मुकदमें दर्ज हैं। वह एक झटके में स्नेचिंग की वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाता था। पहले स्नेचिंग के आरोप में जमानत मिल जाती थी लेकिन स्नेचिंग की धारा को गैर जमानती करने के बाद वह स्नेचिंग का रास्ता छोड़कर चोरी के धंधे में घुस गया।
सरगना पर 20 मुकदमे दर्ज
विजय उर्फ बैंगन उर्फ डंग गिरोह का सरगना था। गिरोह पानीपत के अलावा करनाल और कैथल में भी चोरी, लूट व स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम देता था। सरगना पर तीनों जिलों में लूट, चोरी व स्नेचिंग के करीब 20 मुकदमें दर्ज हैं।
छोटी गैंग से देता था बड़ी वारदात अंजाम
विजय उर्फ बैंगन अपने धंधे को लंबे समय से चलाना चाहता था। इसलिए वह अपनी गैंग को बढ़ाना भी नहीं चाहता था। वह दो अन्य साथियों के साथ चोरी की पूरी वारदात को अंजाम दे देता था। वह वारदात को आसानी से अंजाम दे देता था। विजय उर्फ बैंगन दिसंबर माह में ही जेल से जमानत पर आया था और बाहर आते ही फिर से वारदातों को अंजाम देने लग गया था।