कस्बे में गायों की तस्करी में लगे तस्करों ने पकड़े जाने पर पहले ग्रामीणों को डराने के लिए हवाई फायरिंग की और फिर पुलिस के साथ भिड़ गए। एसएचओ ने एक तस्कर को कट्टे में कारतूस लोड करते दबोच भी लिया, लेकिन अन्य तस्कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग गए।
एसएचओ से छूटाकर फरार हो गए। इस दौरान तस्करों ने करीब चार राउंड फायर किए। जिसमें पुलिसकर्मी और ग्रामीण बाल-बाल बच गए। ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह गांव के अड्डे पर ही तस्करों को दबोच लिया। वे यहां से अपने आपको छुड़ाकर खेतों में जा छुपे। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद तस्करों को पकड़ लिया। इस दौरान आरोपियों की पिकअप गाड़ी को ग्रामीणों ने तोड़ दिया। पुलिस ने मौके से तीन हथियार बरामद किए हैं।
कस्बे की गलियों एवं सार्वजनिक स्थानों से
जानकारी के अनुसार कस्बे की गलियों व सार्वजनिक स्थानों से बेसहारा गायों को तस्कर निशाना बनाते थे और गत 15 दिन से इसी काम में लगे हुए थे। गोरक्षकों ने मामले की जानकारी लगने के बाद नाकेबंदी कर रखी थी। प्रत्यक्षदर्शी गोरक्षक बिजेंद्र, गोविंद, विनीत व मोनू ने बताया कि वह सोमवार रात सब्जी मंडी की दुकानों की छत पर छिपकर बैठे थे। रात करीब एक बजे महेंद्रा पिकअप गाड़ी में लगभग दस गोस्तकर आए और गायों को गाड़ी में भरने लगे। उन्होने शोर मचाया और तस्करों को भगाने के लिए पर पत्थर फेंके। तस्कर दो गायों को गाड़ी में डालकर भाग निकले।
इसके बाद भी तस्कर शहर की गलियों से घूमते हुए केएसडी स्कूल के पास पहुंचे और वहां बैठी गायों को लोड करने लगे। गोरक्षकों की सूचना पर पुलिस व गोरक्षा दल हरियाणा के प्रदेश उपाध्यक्ष आचार्य आजाद सिंह आर्य मौके पर पहुंचे। शोर शराबा सुनकर लोग भी जाग चुके थे। तस्करों ने चारों तरफ से अपने आप को घिरा देख पुलिस व गोरक्षकों पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस के सामने गायों व जनता को बचाने और तस्करों को पकडने की चुनौती थी। थाना प्रभारी ने एक तस्कर को बंदूक में गोली लोड करते हुए दबोच लिया। इस दौरान दोनों के बीच काफी देर तक झड़प चली। तस्कर बंदूक को छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते भाग गया।
गोलियां बरसी को सब दुबके, तीन ही थे पुलिसकर्मी
आरोपी दस थे और पुलिस कर्मी मात्र तीन। गोलियां बरसती देख गोरक्षक भी इधर-उधर दुबक गए। अंधेरे का फायदा उठाते हुए सभी तस्कर हथियार और अपनी गाड़ी मौके पर छोड़कर भागने में सफल हो गए। इनमें से एक आरोपी तालाब में कूद गया और अंधेरे में दूसरी और निकल कर छुप गया। बाद में गुस्साएं लोगों की भीड़ ने तस्करों की गाड़ी को तोड़ दिया। पुलिस ने मौके से 315 बोर की दो पिस्तौल और एक 12 बोर की बंदूक व कुछ जिंदा कारतूस बरामद कर लिए और तस्करों की गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया।
रातभर चला सर्च अभियान सुबह अड्डे पर पहचाने गए
पुलिस ने रातभर तस्करों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन उनका कोई नहीं लगा। सुबह करीब 11 बजे कुछ गोरक्षकों ने स्थानीय बस अड्डे के पास उनमें से दो तस्करों को घूमते हुए। उन्होंने उनकी धुनाई कर दी और थाने ले जाने लगे। दोनों आरोपी हाथ छुड़वाकर कॉलोनी के रास्ते खेतों की ओर भाग निकले। पुलिस सरसों के खेत में सर्च ऑपरेशन चलाती रही। भीड़ के डर के मारे दोनों आरोपी थाने के अंदर जाकर आम आदमी की तरह बैठ गए, जबकि थाने में तैनात कर्मियों को उन पर कोई शक नहीं हुआ। सर्च आपरेशन के बाद थाने लौटे लोगों ने उन्हें पहचान लिया। हालांकि पुलिस का दावा है कि उन्होने मतलौडा बस अड्डे से दोनों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों की पहचान रिजवान व काला निवासी बन्नत जिला शामली (यूपी) के रूप में की।
तीन माह से किराए पर रह रहे थे तस्कर
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे तीन महीने से गांव कवी में किराए के मकान में रहते हैं और दिन में बाइक से इलाके में घूमकर गायों की रैकी करते थे। फिर इसकी सूचना फोन से गोतस्करों को देकर उन्हें बुलाते थे। इसके बदले उन्हें अच्छा कमीशन मिलता है। पुलिस पूछताछ में जुटी है।
वर्जन
पुलिस को बीती रात को गाय तस्करी करने की सूचना मिली थी। पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई। इस दौरान तस्करों ने पुलिस पार्टी व ग्रामीणों पर फायरिंग भी की। पुलिस ने दो तस्करों को काबू कर लिया है और उनसे तीन हथियार बरामद किए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी काबू कर लिया जाएगा।
राजेंद्र सिंह, प्रभारी, थाना मतलौडा।