वेस्ट उद्यमी को अपनी गाड़ी खुद ही चोरी कर पुलिस में गाड़ी चोरी का मुकदमा दर्ज करा नुकसान की भरपाई करने का दाव उल्टा पड़ गया। थाना चांदनी बाग पुलिस व स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीम ने आरोपी उद्यमी को गिरफ्तार कर लिया और आरोपी के कॉटन वेस्ट के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित किराए के गोदाम से गाड़ी बरामद कर ली।
पुलिस ने आरोपी उद्यमी के खिलाफ धोखाधड़ी व पुलिस को गुमराह करने समेत कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।
डीएसपी मुख्यालय सुरेंद्र सिंह व थाना चांदनी बाग प्रभारी इंस्पेक्टर रामकुमार ने वीरवार को एसपी कार्यालय में उद्यमी की मित्तल मेगा मॉल से चोरी पोलो गाड़ी के मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पानीपत के रामपुरा कॉलोनी निवासी प्रमोद ने पोलो गाड़ी मित्तल मेगा मॉल से चोरी होने की शिकायत दी थी।
पुलिस ने उसकी शिकायत पर गाड़ी चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया था। थाना चांदनी बाग प्रभारी इंस्पेक्टर रामकुमार व स्पेशल स्टाफ प्रभारी सब इंस्पेक्टर छबील सिंह की संयुक्त टीम ने बीती देर रात को उद्यमी प्रमोद को इंडस्ट्रियल एरिया स्थित उसके वेस्ट गोदाम से गाड़ी समेत काबू कर लिया।
संयुक्त टीम ने यहां से गाड़ी को भी बरामद कर लिया और आरोपी प्रमोद के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा गाड़ी चोरी की वारदातों को लेकर काफी गंभीर हैं और इनको रोकने के लिए स्पेशल स्टाफ का भी गठन किया गया है।
थाना चांदनी बाग प्रभारी इंस्पेक्टर रामकुमार ने बताया कि पुलिस ने उद्यमी प्रमोद की शिकायत पर चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया था। वह गाड़ी का इंश्योरेंस क्लेम करने को लेकर अनट्रेस रिपोर्ट को लेकर बार-बार जांच अधिकारी से मिल रहा था।
थाना पुलिस ने उसकी मांग पर नियमानुसार कार्रवाई भी शुरू कर दी थी। उसने जांच अधिकारी के सामने कई बार अपनी समस्याओं को भी रखा। जिसके बाद जांच अधिकारी ने प्रमोद पर नजर रखनी शुरू कर दी। थाना पुलिस ने एक समय पूरा होने के बाद अनट्रेस रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी।
प्रमोद को कोर्ट से सर्टिफिकेट भी मिल गया। इसी बीच पुलिस ने चोरी हुई गाड़ी प्रमोद के पास ही होने की सूचना मिल गई। थाना पुलिस ने स्पेशल स्टाफ प्रभारी सब इंस्पेक्टर छबील सिंह के साथ दबिश देकर चोरी हुई गाड़ी को बरामद कर लिया।
प्रमोद ने अपनी ही गाड़ी चोरी करने के लिए पूरी प्लानिंग की और अपने शातिर दिमाग को पूरा घुमाया। पुलिस अधिकारियों की माने तो उसने सीसीटीवी की फुटेज पर पूरा ध्यान दिया और 28 फरवरी की देर रात को मित्तल मेगा मॉल में पहुंचा। उसने सीसीटीवी के सामने से अपनी गाड़ी को तो पार्क कर दिया और उसके सामने से अंदर भी चला गया।
वह कुछ ही देर में बाहर आ गया और सीसीटीवी से बचाकर दूसरे रास्ते से अपनी गाड़ी निकाल ले गया। वह प्लान के मुताबिक कुछ देर बाद फिर से मॉल में वापस आ गया और फिर सीसीटीवी के सामने से होता हुआ गाड़ी के स्थान पर पहुंचा। उसने यहीं से पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी।
मैं 2001 में मेरठ के गांव चिरौड़ी से पानीपत आया था। पानीपत में आकर कॉटन वेस्ट का काम शुरू कर दिया। उसका काम अच्छा चला और परिवार को भी पानीपत ले आया। उसने 2013 में पोलो गाड़ी खरीद ली और उसकी किस्त भी लगातार जमा कराई। उसने एक भी किस्त टूटने नहीं दी। इसी बीच 2013 में उसके कॉटन वेस्ट गोदाम में आग लग गई। जिसमें काफी नुकसान हो गया। वह इस नुकसान की पूर्ति नहीं कर सका।
उसने इसको लेकर अपनी साढ़े पांच लाख रुपये में खरीदी गाड़ी को बेचने का प्रयास किया, लेकिन गाड़ी को सवा तीन से साढ़े तीन लाख रुपये ही लगाए गए। उसने कई अन्य जगह भी गाड़ी बेचने का प्रयास किया, लेकिन कहीं पर भी इससे ज्यादा दाम नहीं लग सके। उसने इससे पार पाने के लिए अपनी ही गाड़ी चोरी कर इंश्योरेंस के क्लेम से कुछ घाटा पूरा करने का फैसला लिया। वह कुछ हद तक इसमें सफल भी रहा, लेकिन उसकी चोरी आखिर में पकड़ी गई।
थाना चांदनी बाग प्रभारी इंस्पेक्टर रामकुमार ने बताया कि रामपुरा कॉलोनी निवासी प्रमोद की पोलो गाड़ी मित्तल मेगा मॉल के बाहर से 28 फरवरी को चोरी हुई थी। उसने उसी वक्त कंट्रोल रूम में इसकी जानकारी दी थी। पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई थी। प्रमोद ने थाना पुलिस को दो मार्च को लिखित शिकायत दी। थाना चांदनी बाग पुलिस ने इसके आधार पर गाड़ी चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया।