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आ रहे 100 से अधिक मरीज, आधों को दी जा रही तारीख

Tue, 28 Mar 2017 12:17 AM IST
panipat
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पानीपत - फोटो : पानीपत
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अमर उजाला ब्यूरो
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पानीपत। सरकार और स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज का दावा कर रहे हैं, लेकिन सिविल अस्पताल में महिलाओं और दूसरे मरीजों के अल्ट्रासाउंड तक नहीं हो रहे। कभी अल्ट्रासाउंड मशीन खराब रहती है तो कभी डॉक्टर की अन्य ड्यूटी की दुहाई देकर अल्ट्रासाउंड की तारीख दे दी जाती है। सिविल अस्पताल में हाल यह है कि हर रोज करीब 100 मरीज अल्ट्रासाउंड के आते हैं, लेकिन पचास के करीब मरीजों को आगे की तारीख दे दी जाती है। सिविल अस्पताल में अब अल्ट्रासाउंड की 20 से 30 दिन की वेटिंग है। ऐसे में अल्ट्रासाउंड कराने वाली महिलाओं और दूसरे लोगों को परेशानी होती है।
अमर उजाला माई सिटी ने सोमवार को सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड को लेकर लंबे समय से मरीजों को आ रही परेशानी को देखा। सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड रूम के बाहर महिलाओं और मरीजों की लंबी लाइन लगी मिली। सोमवार को मशीन खराब का नोटिस चस्पा मिला। इसके बाद भी महिला लाइन में लगी रहीं।
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बोले मरीज
फोटो कोट्स
एक माह पहले मिली थी तारीख
डाबर कॉलोनी निवासी मानसी ने बताया कि वह गत माह सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए आई थी, लेकिन यहां पर उसके टेस्ट करने के बाद 27 मार्च को आने की बात कही गई। वह सोमवार सुबह पहुंची तो दो दिन बाद आने की बात कही जा रही है। डॉक्टरों की तरफ से बार-बार तारीख मिलने के कारण वे परेशान हैं।
फोटो कोट्स
जान-पहचान वालों का ही होता है अल्ट्रासाउंड्र
महादेव कॉलोनी निवासी वंश ने बताया कि सिविल अस्पताल में केवल उसी मरीज का काम होता है, जिसकी यहां पहचान होती है। बिना पहचान इलाज करवाने वालों को यहां केवल धक्के मिलते हैं। अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए महिलाओं की लाइन लगी है, लेकिन किसी ने यह नहीं बताया कि मशीन कब तक ठीक होगी।
कोट्स फोटो
निजी अस्पतालों का कर रहीं रुख
सेक्टर 11/12 निवासी हिमांशी ने बताया कि सिविल अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को लंबी तारीख मिलती है। वह परेशान हो जाती हैं। डॉक्टर की बताई तारीख पर दोबारा जाने के बाद भी कई बार अल्ट्रासाउंड नहीं होता। अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी बात नहीं बनती मजबूरी में उन्हें निजी अस्पताल जाना पड़ता है।

दो दिन से खराब पड़ी है अल्ट्रासाउंड मशीन
सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 100 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। शनिवार दोपहर को खराब हुई मशीन सोमवार दोपहर पूर्व तक ठीक नहीं हो पाई थी। चंडीगढ़ से पहुंचे कंपनी के इंजीनियर अल्ट्रासाउंड मशीन को ठीक करने में जुटे थे।

संसाधनों का अभाव बढ़ा रहा परेशानी
डॉक्टर की मानें तो सिविल अस्पताल में केवल एक ही अल्ट्रासाउंड मशीन है। एक मरीज का अल्ट्रासाउंड करने में पांच से पंद्रह मिनट लगते हैं। इसके अलावा फार्म पूरा करने में करीब दस मिनट चाहिए। वे लोग नॉन स्टॉप काम करते रहते हैं। फार्म भरने के लिए अस्पताल स्टाफ का सहयोग लिया जाता है, ताकि ज्यादा से ज्यादा अल्ट्रासाउंड किए जा सकें। शनिवार दोपहर को अल्ट्रासाउंड मशीन खराब हो गई थी। रविवार को छुट्टी होने और सोमवार को मशीन ठीक कराने के कारण मरीजों को मंगलवार को आने की बात कही थी, लेकिन मरीज सुबह ही पहुंच गए।
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ऐसे सुधर सकती है व्यवस्था
डॉक्टर गर्भवती महिलाओं का चेकअप करने के बाद ज्यादा जरूरत होने पर ही अल्ट्रासाउंड की सलाह दें।
सिविल अस्पताल में नई अल्ट्रासाउंड मशीन मंगवाई जाए।
आशा वर्करों को निर्देश दिए जाएं कि वे गर्भवती महिलाओं का पांचवें और आठवें महीने या तबीयत ज्यादा खराब होने की स्थिति में ही अल्ट्रासाउंड करवाएं।
अल्ट्रासाउंड करवाने पहुंचे मरीजों के फार्म भरने के लिए अलग से ड्यूटी लगाई जाए।
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सिविल अस्पताल में डबल शिफ्ट में अल्ट्रासाउंड करवाने की व्यवस्था की जाए।


सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन शनिवार को खराब हो गई थी। मशीन को ठीक करवाया जा रहा है। सिविल अस्पताल में ज्यादा से ज्यादा मरीजों का अल्ट्रासाउंड करवाने का प्रयास रहता है, लेकिन मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण ही उन्हें आगामी तारीखें दी जा रही है। मरीजों को भी चाहिए कि निर्धारित समय पर ही अल्ट्रासाउंड करवाएं।
डॉ. आलोक जैन, एमएस, सिविल सर्जन, पानीपत।
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