हरियाणा के पानीपत में टीजीटी परीक्षा में धरे गए सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड व रेलवे क्लर्क कपिल की निशानदेही पर सीआईए ने हिसार, जींद, रोहतक समेत कई ठिकानों पर दबिश दी। इस दौरान पुलिस के हाथ कई सबूत लगे, लेकिन कोई आरोपी हाथ नहीं लगा।
कपिल से पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसका साथी क्लर्क भी उसके साथ शामिल हैं, उसे ऐप की ज्यादा जानकारी है, इसलिए अमृतसर की लैब में उसने ऐप डाली थी। ऐसे में पुलिस कपिल की निशानदेही पर जींद पहुंची और उसके साथी की तलाश में कई जगह दबिश दी गई, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा।
वहीं कपिल को अभ्यर्थी मुहैया कराने वाले कांस्टेबल के पति सत्यव्रत को लेकर सीआईए की टीम ने सोनीपत समेत कई जगह पर दबिश दी, ताकि परीक्षा पास करने के लिए रुपये देने वाले अभ्यर्थियों पर शिकंजा कसा जा सके।
सूत्रों के अनुसार सत्यव्रत भी सॉल्वर के संपर्क में था, वह भी अपने पास से सॉल्वर कपिल को मुहैया कराने वाला था, लेकिन इससे पहले ही कपिल अपने साथी हरिकेश के माध्यम से प्रदीप और आनंद को लेकर आ गया था। ऐसे पुलिस सत्यव्रत से भी कमीशन के रुपयों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
लैपटॉप का डाटा मांगा, एमी या एनी डेस्क ऐप में से एक
पुलिस ने लैब में भेजे 17 लैपटॉप का डाटा मांगा है, ताकि पता चले कि आरोपी किस प्रकार से पूरा नेटवर्क जोड़कर परीक्षा प्रश्नपत्र को सॉल्व करा रहे थे। आशंका है कि आरोपियों ने एएमएमवाईवाई या एनी डेस्क ऐप में से कोई एक ऐप कंप्यूटर में डाउनलोड कर सिस्टम को रिमोट एक्सेस पर लिया और पेपर साल्व कराना शुरू कर दिया।
अंबाला में पानीपत का आरोपी गिरफ्तार, बिहार से संपर्क रहे साध
अंबाला में पुलिस ने पीजीटी की परीक्षा सॉल्व करते हुए करीब 11 आरोपी दबोचे हैं, जिनमें पानीपत के गांव पाथरी निवासी अनिल मलिक भी शामिल है। आरोपियों के तार पानीपत में पकड़े जाने वाले गैंग से है या नहीं, इस पर भी दोनों जिलों की पुलिस जांच कर रही है। इसके अलावा बिहार में भी केवीएस की परीक्षा के प्रश्नपत्र साॅल्व करते आरोपी पकड़े गए हैं, ऐसे में बिहार राज्य की पुलिस से भी हरियाणा पुलिस संपर्क साध रही है।
मनबीर का उस्ताद मंदीप, धरपकड़ में जुटी सीआईए
अमृतसर में लैब संचालक मनबीर थिंद से पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसके उस्ताद मंदीप ने परीक्षा कराने का ठेका लिया था। ऐसे में पुलिस ने मनबीर को जेल भेजने के बाद आरोपी मंदीप की धरपकड़ में विभिन्न ठिकानों पर दबिश देनी शुरू कर दी है। जांच में सामने आया कि मंदीप ने पहली बार ही परीक्षा कराने के लिए लैब का ठेका लिया था, आरोपियों के साथ सांठगांठ करने के लिए उसकी दो लाख रुपये में डील हुई थी। जबकि कपिल ने अभ्यर्थी से 10 लाख रुपये लिए।