फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीआईए और वन विभाग की टीम पर खैर तस्करों ने ट्रक चढ़ा किया जान से मारने का प्रयास

Fri, 03 Feb 2017 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
विज्ञापन
पानीपत - फोटो : पानीपत
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

यमुनानगर/खिजराबाद। खैर तस्करों ने शुक्रवार तड़के सीआईए-2 और वन विभाग की टीम पर ट्रक चढ़ा जान से मारने का प्रयास किया। टीम में शामिल कर्मियों ने एक तरफ भाग कर जान बचाई। बाद में टीम ने आरोपियों को पीछा कर एक खैर तस्कर को काबू कर लिया, जबकि तीन तस्कर भागने में कामयाब रहे। तस्कर यूपी से हरियाणा के रास्ते खैर की तस्करी कर रहे थे। तस्करों के कब्जे से करीब छह लाख रुपये की कीमत की लगभग 80 क्विंटल खैर की लकड़ी बरामद की गई। खिजराबाद पुलिस ने चार खैर तस्करों के खिलाफ हत्या के प्रयास, चोरी, वन विभाग के विभिन्न एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
सीआईए-2 व वन विभाग ने मिलकर क्षेत्र में हो रही खैर तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया हुआ है। कलेसर वन अधिकरी हरिकांत शर्मा ने खिजराबाद पुलिस को दिए बयानों में कहा कि शुक्रवार सुबह उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि यूपी से खैर का भरा ट्रक हरियाणा में ताजेवाला के लाल टोपी घाट के नीचे की साइड से प्रवेश करेगा और ताजेवाला से होते हुए बिक्री के लिए खिजराबाद की तरफ जाएगा। इस पर कार्यवाही करते हुए वन विभाग और सीआईए-2 की टीम का गठन किया। टीम में वन रेंज अधिकारी हरिकांत शर्मा, दरोगा रामेश्वर, वन कर्मी सोनू  व अनुज वन और सीआईए से इंचार्ज नरेश शर्मा, एएसआई राय सिंह को शामिल किया गया। सूचना मिलते ही टीम ने ताजेवाला के ग्यारह हजार घाट के नजदीक नाकाबंदी कर जांच शुरू कर दी। सुबह लगभग सात बजे यमुना के रास्ते यूपी की ओर से एक ट्रक आते हुए दिखाई दिया। जब टीम सदस्यों ने चालक को ट्रक रोकने का इशारा किया तो आरोपी ने कर्मियों पर ट्रक चढ़ाने का प्रयास किया। कर्मियों ने एक साइड में भाग कर जान बचाई। इसके बाद कर्मियों से ट्रक का पीछा किया। वन कर्मी सोनू पीछा करते हुए ट्रक पर चढ़ गया। वन कर्मियों को पीछे आते देख खैर तस्करों ने ट्रक को रोक लिया। इस दौरान ट्रक में सवार चार तस्करों में से दो तस्कर ड्राईवर साइड से उतर का भाग निकले। जबकि दो तस्करों को वन कर्मी सोनू ने पकड़ लिया, लेकिन जब तक अन्य कर्मी उसके पास आते उनमें से एक तस्कर सोनू से धक्कामुक्की करके गाड़ी छोड़कर भाग निकला। एक तस्कर को पकड़ लिया गया। कर्मी पकड़े गए तस्कर और खैर की लकड़ी से भरे ट्रक को खिजराबाद थाने लेकर पहुंचे। ट्रक में से खैर की लगभग 80 क्विंटल लकड़ी बरामद की गई। जिसकी मार्केट कीमत लगभग छह लाख रुपये बताई जा रही है। पकड़े गए खैर तस्कर ने अपनी पहचान टिबडिय़ां निवासी इकराम के रूप में बताई। पुलिस ने चारों खैर तस्करों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
विज्ञापन

बॉक्स
आए दिन जंगलों में हो रही खैर तस्करी :
क्षेत्र से खैर तस्करी रुकने का नाम नहीं ले रही और आए दिन खैर तस्कर कहीं ना कहीं से जंगलों से खैर तस्करी के कारनामे को अंजाम दे रहे हैं और वन विभाग इन पर अंकुश लगाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। हालांकि वन विभाग की ओर से खैर तस्करों पर मामले दर्ज करवाए गए हैं लेकिन कितने मामलों पर कार्यवाही अंतिम छोर तक पहुंची यह जांच का विषय है। किसी भी खैर तस्करी के मामले में खैर तस्कर विभाग के काबू में नहीं आते विभाग के हाथ सिर्फ सबूत के रूप में कटी हुई लकड़ी के अवशेष लगते है।  विभाग कई टीमें हर समय जंगल में तैनात रहती है तो फिर खैर तस्कर विभाग के हत्थे क्यों नहीं चढ़ते।
बॉक्स
विभाग के हाथ लगते है केवल खैर के अवशेष
पिछले कुछ महीनों से जंगल से खैर चोरी ओर तस्करी के दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं। अधिकतर केसों में विभाग के हाथ केवल सबूत ही लगते हैं और कई मामलों में तो खैर तस्करों और वन विभाग के कर्मचारियों की मुठभेड तक हो चुकी है और विभाग के कर्मचारी हमले भी सहन कर चुके हैं।
बॉक्स
चार घंटें की जद्दोजहद के बाद खाली लौटा यूपी प्रशासन :
शुक्रवार तड़के हुई कार्यवाही में वन विभाग यूपी से भी वन विभाग के कर्मी मौके पर पहुंच गए थे लेकिन वन विभाग हरियाणा और सीआईए की कड़ी कार्यवाही के चलते यूपी वन विभाग की एक ना चली और यूपी वन विभाग को खाली हाथ ही लौटना पड़ा। यूपी वन विभाग पकड़ी गई खैर की गाड़ी को अपने साथ ले जाना चाहते थे और इसके लिए सुबह से ही हरियाणा में ताजेवाला के पास यूपी वन विभाग के कर्मियों का जमावड़ा लग गया गया था और लगभग चार घंटे की जद्दोजहद के बाद यूपी वन विभाग को खाली हाथ ही लौटना पड़ा।
बॉक्स
खैर तस्करी के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान :
सीआईए-2 के जांच अधिकारी एएसआई राय सिंह ने बताया कि खैर तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग के साथ मिलकर खैर तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत आज एक खैर से भरे ट्रक को पकडने में सफलता हासिल की है। भविष्य में भी खैर तस्करों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
बॉक्स
खैर तस्करी के लिए यूपी से प्रवेश करते है तस्कर :
कलेसर वन अधिकरी हरिकांत शर्मा ने बताया कि यूपी के खैर तस्कर गाड़ियों में खैर भरकर हरियाणा में प्रवेश करते हैं जिसमें तस्कर स्थानीय जंगलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं और तस्करी करते हैं। इसी कारण यूपी से आने वाले खैर पर भी सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा। टीम द्वारा खैर तस्करों के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान कई तस्करों को पकड़ा और उनके पास से   लाखों की खैर लकड़ी बरामद की गई।
विज्ञापन

बॉक्स
दो माह में हुए खैर तस्करी के मामले :
- ताजेवाला जंगल से दो दिसंबर को तस्करों ने खैर के बारह पेड़ काटे गए।
- सात दिसंबर को ताजेवाला से पांच क्विंटल खैर की लकड़ी के साथ एक तस्कर काबू किया।
-नौ दिसंबर को जिला वन अधिकारी ने गश्त के दौरान जंगल में घूमती अंजान गाड़ी को काबू में लिया।
-11 दिसंबर को ताजेवाला के पास फैजपुर बीट से खैर से भरे दो कैंटर और एक ट्रक को पकड़ा।
- 13 दिसंबर को खान्नूवाला बीट से खैर तस्करों ने खैर के चार पेड़ काटे।
-17 दिसंबर को मलिकपुर बांगर की पंचायती जमीन से खैर तस्करों ने लगभग तीन सौ खैर के पेड़ काट लिए गए। -18 दिसंबर को भी कलेसर विश्राम गृह के सामने से खैर तस्करों ने खैर के दर्जनों पेड़ों पर कुल्हाडा चलाया।
-26 दिसंबर को बिलासपुर की एक पंचायती जमीन से खैर के पेड़ों को काटा। पेड़ काटने का विरोध करने पर खैर तस्करों ने सरपंच को घायल कर दिया था।
- 27 दिसंबर को वन दरोगा कमल सैनी ने खैर से भरा कैंटर पकड़ा और वन दरोगा की खैर तस्करों के साथ मुठभेड़ भी हुई।
-19 जनवरी को बेरी बाडा में बाबा पर हुए हमले में भी बाबा ने बताया था कि ये लकडी तस्करों की करतूत हो सकती है।
- 23 जनवरी को पुलिस से बचने के चक्कर में एक खैर से भरा कैंटर अराईयांवाला के पास पलट गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें