महिला आयोग की चेयरपर्सन कमलेश पांचाल ने सिविल अस्पताल का दौरा कर एक महिला की सोमवर सुबह फर्श पर डिलीवरी होने के मामले की सच्चाई को जाना। इस दौरान उन्होंने मरीजों और डिलीवरी के लिए आईं महिलाओं से बातचीत की। चेयरपर्सन को इस दौरान पीड़ित महिला नहीं मिली। बताया जा रहा है कि वह इसकी भनक लगते ही उठकर चली गई। स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने महिला की डिलीवरी के मामले की सीसीटीवी की फुटेज दिखाकर महिला के परिजनों की तरफ से डिलीवरी के दौरान लापरवाही बरतने की बात कही। चेयरपर्सन ने महिला की फर्श पर डिलीवरी की घटना की सीसीटीवी फुटेज देखते हुए अस्पताल स्टाफ को क्लीन चिट दे दी। सिविल अस्पताल में महिला आयोग की चेयरपर्सन के दौरे की सूचना के बाद अस्पताल प्रशासन के हाथ-पांव फूले रहे। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि गांव रसलापुर निवासी साजिदा सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा के चलते एक अन्य महिला के साथ सिविल अस्पताल में पहुंची थी। आरोप है कि स्ट्रेचर की मांग की गई। वह नहीं मिली तो गर्भवती महिला को पैदल ही अस्पताल लाया गया। कुछ देर बाद महिला ने अस्पताल की गैलरी में ही खड़े-खड़े बच्चे को जन्म दे दिया। बाद में स्टाफ नर्स ने महिला और बच्चे को डिलीवरी कक्ष में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया।
मामले का संज्ञान लेते हुए महिला आयोग की चेयरपर्सन कमलेश पांचाल मंगलवार दोपहर 2:40 बजे सिविल अस्पताल पहुंची और सीधे प्रथम मंजिल पर स्थित प्रसूति गृह में महिलाओं का हाल-चाल जानने पहुंची। डीएसपी विद्यावती और महिला थाना प्रभारी मीना भी उनके साथ थी। कमलेश पांचाल ने प्रसूति गृह में दाखिल महिलाओं से बातचीत की। उनके साथ स्टाफ नर्स के व्यवहार के बारे में पूछा। किसी भी महिला ने स्टाफ नर्स या चिकित्सकों के बारे में कोई शिकायत नहीं की। कमलेश पांचाल ने स्टाफ नर्स से महिलाओं को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में पूछा। स्टाफ नर्स ने बताया कि प्रसूति गृह में दाखिल प्रत्येक महिला को प्रतिदिन 100 रुपये की डाइट दी जाती है। इसके बाद कमलेश पांचाल ने अस्पताल की गैलरी में लिखे चिकित्सकों के पुराने नंबरों को हटवाकर नए नंबर लिखवाने के निर्देश दिए।
एमएस को लगाई फटकार
महिला आयोग की चेयरपर्सन के प्रसूति गृह में पहुंचने के बाद भी सिविल सर्जन डॉ. इंद्रजीत धनखड़ और मेडिकल सुपरिटेंडेट डॉ. आलोक जैन नहीं पहुंचे। वे कुछ समय बाद आए तो डॉ. ऑलोक जैन को देरी से आने पर फटकार लगाते हुए सिविल सर्जन के बारे में पूछा। इसी बीच सिविल सर्जन डॉ. इंद्रजीत सिंह धनखड़ और डॉ. कर्मबीर भी वहां पहुंच गए। कमलेश पांचाल ने प्रसूति गृह की सफाई पर असंतोष जाहिर किया। उन्होंने कहा कि नवजात बच्चों में रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसलिए यहां साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिया जाए।
बिना बताए चली गई महिला
महिला की फर्श पर डिलीवरी होने के मामले की जांच करने पहुंचीं चेयरपर्सन के सिविल अस्पताल पहुंचने से करीब एक घंटे पहले ही साजिदा अस्पताल स्टाफ को बिना बताए चली गई। कमलेश पांचाल बेड नंबर चार पर पहुंचीं तो वहां साजिदा की जगह कोई और महिला लेटी मिली।
एमएस कार्यालय में देखी सीसीटीवी फुटेज
कमलेश पांचाल प्रसूति गृह का दौरा करने के बाद एमएस डॉ. आलोक जैन के कार्यालय में पहुंची। वहां पूरी सीसीटीवी फुटेज देखी। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. इंद्रजीत धनखड़ ने सीसीटीवी फुटेज के बारे में बताया।
सीसीटीवी फुटेज में ऐसे चला घटनाक्रम
-9:38 बजे : दो महिलाएं गर्भवती महिला को लेकर इमरजेंसी में दाखिल होती हैं और बिना किसी से बात किए दूसरी तरफ निकल जाती हैं।
-9:43 बजे : करीब 25 मीटर की दूरी तय कर दूसरी गैलरी में जाती हैं।
-9:44 बजे : बिना किसी से बात किए रूम नंबर 11 के पास पहुंचती हैं और एक मिनट तक वहीं खड़ी रहती है। वहां उसे प्रसव पीड़ा होती है।
-9:47 बजे : स्टाफ नर्स और अन्य स्ट्रेचर लेकर वहां पहुंचते हैं और महिला को स्ट्रेचर पर लिटाते हैं। इसी बीच महिला बच्चे को जन्म दे देती है।
-9:51 बजे : महिला को प्रसूति गृह में दाखिल कर दिया जाता है। जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया जाता है।
समय पूर्व हुई डिलीवरी
सिविल सर्जन डॉ. इंद्रजीत धनखड़ ने बताया कि महिला की प्री-मेच्योर डिलीवरी हुई है। महिला का इलाज पहले से मेडिकल कॉलेज खानपुर में चल रहा था। रिपोर्ट में भी हालत ठीक न होने के बारे में दर्शाया गया है। महिला के परिजनों को भी इसका पूर्ण आभास था। बच्चा मृत पैदा हुआ था। मंगलवार दोपहर पूर्व महिला सिविल अस्पताल में बिना किसी को सूचना दिए चली गई। उन्होंने जांच के लिए पहुंची महिला आयोग की चेयरपर्सन को कहा कि पूर्ण रूप से जांच करें, अगर हम दोषी मिलते हैं तो हमारे ऊपर, नहीं तो जिसकी गलती उस पर कार्रवाई की जाए।
चेयरपर्सन से लगाई कार्रवाई की गुहार
महिला आयोग की चेयरपर्सन कमलेश पांचाल के सिविल अस्पताल के दौरे का पता लगने के बाद जाटल रोड सौंधापुर चौक निवासी जाहिद अली अपनी पत्नी के साथ सिविल अस्पताल पहुंचा। उसने चेयरपर्सन को दी शिकायत में बताया कि उसकी नाबालिग लड़की 13 दिसंबर 2016 को घर से चली गई थी। उन्होंने आरोपी को पकड़कर पुलिस को भी सौंप दिया, लेकिन पुलिस ने पूछताछ के बाद लड़के को छोड़ दिया। बाद में मामला सीआईए टू के पास भेजा गया। वहां भी आरोपी को बुलाया गया, लेकिन उसको छोड़ दिया गया। दो माह से वे लोग लड़की को ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कहीं पता नहीं लग रहा। कमलेश पांचाल ने डीएसपी विद्यावती को तुरंत कार्रवाई करने की बात कही। डीएसपी विद्यावती ने मामले में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
प्राथमिक जांच मेें नहीं मिली गलती
महिला आयोग की चेयरपर्सन कमलेश पांचाल ने कहा कि सिविल अस्पताल का दौरा किया गया। प्रसूति गृह में दाखिल महिलाओं से बात की गई है। उन्होंने किसी प्रकार की शिकायत नहीं दी है। महिला की फर्श पर डिलीवरी के घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज भी देखी हैं। यह सारा घटनाक्रम 13 मिनट तक चलता है। इसमें स्टाफ की कहीं गलती प्रतीत नहीं हो रही। महिला अस्पताल से बिना बताए चली गई है। अस्पताल प्रशासन को प्रसूति गृह में सफाई रखने और अस्पताल में लिखे पुराने नंबरों को हटवाकर नए नंबर लिखने की हिदायत दी गई।