अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। मनोहर लाल के वजीर कैप्टन अभिमन्यु के तीसरे बजट में पानीपत को कुछ स्पेशल नहीं मिला। उद्योगपतियों ही नहीं गृहणियों और युवाओं की भी आस टूट गई। हर साल करोड़ों रुपये सरकार के राजस्व में जमा करने वाले औद्योगिक और कामगारों के शहर पानीपत को अलग से कुछ नहीं मिला। वही मिला जो सबको दिया गया। युवा, गृहणी, व्यापारी और उद्योगपति सब आस लगाए बैठे रहे। अर्थशास्त्र के पंडितों ने भी बजट में कुछ नया खास न होने की बात कही है। बजट घुमा फिरा दिया गया और सौर ऊर्जा पर फोकस रहा है।
वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने सोमवार को आम बजट पेश किया। सुबह ही लोग खासकर उद्यमी और गृहणियां टीवी के सामने बैठ गई। कैप्टन के हर बात पर सबकी धड़कन कम व ज्यादा हो रही थी। बजट 2017-18 से रोजगार और ग्रामीण विकास पर ध्यान दिया गया है। प्रदेश में विकास कार्यों के लिए 14,932 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है। कैप्टन ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त शासन बनाने के लिए पढ़ी लिखी पंचायतों का चुनाव बड़ी उपलब्धि है। खेलों को बढ़ावा देने के लिए 535.36 करोड़ का बजट पेश किया। शिक्षा में 14,005 करोड़ और तकनीक शिक्षा के लिए 487.8 करोड़ रुपये दिए। इससे शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कुछ अच्छा किया है। लेकिन इसमेें भी पानीपत के लिए कुछ अलग नहीं दिया। इससे युवाओं में निराशा है।
पानीपत को बसें मिलें तो मिले कुछ राहत
परिवहन को और बेहतर और आराम दायक बनाने के लिए हरियाणा के सभी डिपों में कुल पांच नई बसों की घोषणा की है। इससे पानीपत डिपो में भी बसों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। फिलहाल डिपो में करीबन 150 बसें हैं, जबकि डिपो में 250 बसें होनी चाहिए। नए बजट में बसों की संख्या अपेक्षाकृत मिलती हैं तो कुछ राहत मिल सकती है। यात्रियों के लिए बजट में बसों का आंकड़ा भी कोई सहारा देना वाला नहीं होगा।
योजना में जिले के कितने गांव, नहीं पता
नए बजट में ग्रामीण क्षेत्रों को उद्योगों में आगे लाने की कोशिश की गई है। बजट में शहरी संसाधनों को ग्रामीण क्षेत्रों में बांटने का प्रावधान किया गया है। इससे गांवों को शहर के मुकाबले में लाया जा सके। इसके लिए प्रदेश के 100 गांवों का चयन किया जाएगा। अब देखना है कि इस बजट में जिले के कितने गांव शामिल किए जाते हैं।
पानीपत की यह है खासियत
देश की राजधानी के निकट होने व यातायात के साधनों से पूर्ण रूप से जुड़े जिले का उद्योगों में महत्वपूर्ण स्थान है। यहां हथकरघे की बनी दरियां, बेड कवर, गलीचे, टेबल मैट्स, अचार, सूखी सब्जियों आदि का ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, फ्रांस, स्पेन, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, जर्मनी और खाड़ी देशों के तक में निर्यात होता है। पानीपत के नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड की उर्वरक इकाई की निर्धारित वार्षिक क्षमता 2,36,000 टन है। यहां मुख्य रूप से नाइट्रोजन उर्वरक का उत्पादन होता है। इसके प्रयोग से प्रति वर्ष 20 लाख टन अतिरिक्त खाद्यान्न का उत्पादन होता है। पानीपत में देश का अत्याधुनिक तेलशोधक कारखाना है। इसकी उत्पादन क्षमता प्रतिवर्ष करीब 15 मिलियन मीट्रिक टन है। पानीपत में ही कैप्टिव विद्युत संयंत्र है। इसकी दो यूनिटों में प्रत्येक की उत्पादन क्षमता 15 मेगावाट है।
बजट को लेकर लोगों से बात
फोटो कोट्स
सुखदेव नगर-देवी मूर्ति तहसील रोड मार्केट एसोसिएशन के प्रधान विजय कुमार कक्कड़ ने कहा कि बजट गोल मोल रहा है। नोटबंदी के बाद से पैसा बाजार में आने से देरी हुई। इस कारण बाजार कुछ दिनों तक ठंड़े पड़े रहे थे। अब काम में तेजी आनी शुरू हो गई है।
फोटो कोट्स
दुकानदार हरीश मदन ने कहा कि बजट में पानीपत के लिए कुछ विशेष नहीं है। इससे पानीपत वासी नाखुश है। पानीपत एक उद्योग नगरी है। यहां के लिए कुछ बेहतर घोषणा न करने की बजाय पूरे हरियाणा के उद्योग बजट में ही पानीपत को मिला दिया गया है।
फोटो कोट्स
अंसल सुशांत सिटी में रहने वाली गृहणी सुशीला बैनीवाल ने कहा कि हरियाणा के बजट से गृहणियों को महंगाई से ही लेना होता है। इससे उनके घर का खर्च सही से चल सके। लेकिन, इस बार के बजट में गृहणियों को कुछ भी नहीं दिया गया है।
फोटो कोट्स
यमुना एनक्लेव में रहने वाली गृहणी रवि बाला ने कहा कि इस बार हरियाणा का बजट खास नहीं रहा, जिससे हरियाणा के निवासियों को खुशी हो सके। महंगाई वहीं की वहीं टिकी है। हजार दावों के बाद भी यह नहीं घट रही। गृहणियों को कुछ नहीं मिला है।
फोटो कोट्स
आईसीएआई के चेयरमैन सीए मुकेश मित्तल ने कहा कि बजट में पानीपत के लिए कुछ नहीं दिया। लेकिन, बायोडीजल, सोलर डिवाइस और सोलर में लगने वाले सभी पार्ट्स को टैक्स फ्री किया गया। इससे अब सोलर डिवाइस लगवाना आसान हो जाएगा।
फोटो कोट्स
सीए आदित्य कुमार नंदवानी ने कहा कि पूरे हरियाणा के बजट में ही पानीपत को शामिल किया है। उसको अकेले में न देकर पूरे हरियाणा के 399 करोड़ के बजट में मिलाकर दिया गया है। नया टैक्स न लगाकर कुछ राहत हरियाणा वासियों को दी गई है।
फोटो कोट्स
सेक्टर-11 में रहने वाली युवा गजल ने कहा कि अबकी बार के बजट में शिक्षा के लिए 14,005 करोड़ रुपये दिए है। इससे आने वाले समय में शिक्षा का स्तर बढ़ेगा। इससे हर वर्ग का बच्चा शिक्षा को प्राप्त कर सकता है। शिक्षा में आरक्षण खत्म करना चाहिए।
फोटो कोट्स
तहसील कैंप में रहने वाले युवा नीरज ने कहा कि बजट से तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बजट में कुछ विशेष होना चाहिए। वित्त मंत्री ने तकनीकी शिक्षा के लिए 487.8 करोड़ रुपये दिए हैं। इससे हरियाणा के युवाओं का तकनीकी शिक्षा में रुझान बढ़ेगा।
कोट्स फोटो
बजट अपेक्षाकृत रहा है, हालांकि उद्योगों को कुछ हटकर नहीं दिया गया है। यह उद्योगों के लिए चिंता का विषय है। पानीपत के उद्योग खासकर एक्सपोर्ट हाउस को कुछ नया देना चाहिए था। इससे यहां से निर्यात को बढ़ावा दिया मिलता। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ।
रमेश वर्मा, प्रधान, हैंडलूम एक्सपोर्ट मैन्यूफेक्चरर एसोसिएशन पानीपत।
कोट्स फोटो
नोटबंदी के बाद उद्योगों को सरकार के कुछ सहारे की जरूरत थी, लेकिन केंद्र के बाद प्रदेश के बजट में भी इतना कुछ नहीं दिया गया है। सरकार को उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं को लेकर आना चाहिए था। इससे यहां के हालात बेहतर होते
विकास गोयल, उद्यमी
कोट्स फोटो
प्रदेश के लोगों को प्रदेश सरकार के बजट से उम्मीद थी। वित्त मंत्री के सोमवार को पेश बजट से यह उम्मीद टूट गई। पानीपत जैसे शहर को बजट से दूर रखा गया। यह चिंता का विषय है और सरकार का प्रतिनिधि करने वाले नेताओं की योग्यता को दर्शाता है।
सतबीर सिंह कादियान, पूर्व स्पीकर एवं इनेलो नेता।
कोट्स फोटो
भाजपा का बजट जिले के लिए इतना ठीक नहीं रहा है। जिले को कुछ नहीं मिल पाया है। यहां के व्यापार और उद्योग को सहारा तक नहीं मिल पाया इस बार के बजट से। लोगों की बजट से सब उम्मीद टूट गई हैं।
संजय कादियान, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता।
कोट्स फोटो
केंद्र के बाद प्रदेश सरकार का बजट हर वर्ग के हित में पेश किया गया है। इससे प्रदेश का चहुमुखी विकास होगा। सरकार का कर मुक्त बजट है और इस बार 13.18 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है। इस बजट के बाद प्रदेश विकास की राह पर चलेगा।
प्रमोद विज, जिलाध्यक्ष भाजपा।