सदानंद पार्क में लावारिस मिली तीन दिन की नवजात
ढाई साल में सात नवजात बेटियों व एक बेटे को अपनों ने फेंका, राई स्थित शिशु गृह में पल रहे हैं बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
जिले में रूढ़िवादी सोच रखने वाले लोगों ने ढाई साल में 7 बेटियों व एक बेटे को दुत्कार दिया और उन्हें लावारिस हालत में खाली प्लॉट, रोड व लोगों के घरों के सामने छोड़ दिया। मंगलवार को भी सदानंद पार्क में तीन दिन की नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। बच्चे को पार्क में फेंका गया था। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना सिटी थाना पुलिस को दी। पुलिस लोगों की मदद से बच्ची को लेकर सिविल अस्पताल में पहुंची, जहां डॉक्टरों ने बच्ची को एनआईसीयू वार्ड में दाखिल कर इलाज शुरू कर दिया है।
पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांचनी शुरू कर दी है। सिविल अस्पताल के डॉक्टरों व स्टाफ ने अपने सराहनीय कार्यों व माता-पिता की तरह लावारिस बच्चों की देखभाल कर उन्हें स्वस्थ किया। उनके लिए अपने पैसों से दूध, कपड़ों व खिलौना की व्यवस्था की। नर्सों ने हर बच्ची को नाम दिया। नवजातों की देखभाल में किसी प्रकार की कमी ना रह जाए सिविल सर्जन व एमएस ने भी एनआईसीयू वार्ड में एक डॉक्टर व अतिरिक्त स्टाफ की ड्यूटी लगा दी। डॉक्टरों ने सभी बच्चों को पूरी तरह से स्वस्थ कर साईं स्थित शिशु गृह में भिजवा दिया। जहां सभी का पालन पोषण किया जा रहा है।
सिविल अस्पताल के 6 बाल रोग विशेषज्ञ शहर में मिली 6 लावारिस नवजात बच्चियों के गवाह रहे हैं। इन डॉक्टरों की यादें भी इन बच्चियों के साथ जुड़ी हैं। जिनको राई शिशु गृह से गोद लेने के लिए दिल्ली, करनाल, चंडीगढ़, जयपुर, सोनीपत समेत विभिन्न जगहों से दंपति पहुंच रहे हैं। बच्चियों को गोद लेने की प्रक्रिया अब भी चल रही है।
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यहां मिली बच्चियां
8 फरवरी 2015 को जाटल रोड पर खाली प्लॉट में, 19 फरवरी 2015 को जाटल रोड पर बाल अनाथालय के सामने, दिसंबर 2015 में सनौली रोड स्थित साईं चौक पर खाली प्लॉट में, 14 सितंबर 2016 को सेक्टर 11-12 में डॉक्टर के मकान के सामने 2 लावारिस बच्चियां मिली, 15 सितंबर को सेक्टर 25 में एक बच्चा व 17 नवंबर 2016 को जीटी रोड पर एसडी कॉलेज के सामने व 22 मई को लावारिस हालत में बच्ची मिली।