सिमरन के साथ अपने दोस्त की भी करनी थी हत्या
- कृष्ण और ज्योति अक्सर मंदिर के ऊपर कमरे में ही मिलते थे, मंदिर प्रबंधन पर शक गहराया
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
गोशाला परिसर स्थित कमरे में छात्रा की हत्या जितनी खतरनाक तरीके से की गई थी, इसकी कहानी उससे ज्यादा खौफनाक मिली।
एसडी कॉलेज में बीए थर्ड ईयर में पढ़ने वाले कृष्ण व आर्य कॉलेज में थर्ड ईयर में ही पढ़ने वाली ज्योति ने अपने प्यार की मंजिल पाने के लिए हत्या की। वे दोनों एक अन्य छात्र की हत्या करने की साजिश में थे। यह छात्र की किस्मत मानें या फिर प्रेमी युगल की बदकिस्मती। वे दोनों दो हत्याएं कर खुद को लोगों की नजरों में मरा साबित कर अपने प्यार की पींगें बढ़ाना चाहते थे। वे कुछ हद तक अपने प्लान में कामयाब भी हो गए, लेकिन बाद में वे अपनी ही चाल में फंसते चले गए। सीआईए-थ्री ने दोनों आरोपियों को शिमला में एक होटल से अर्धनग्न हालत में गिरफ्तार कर लिया है और लड़की को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया है।
बताया जा रहा है कि कृष्ण निवासी अटावला व बराना निवासी ज्योति अक्सर जीटी रोड स्थित गोशाला के मंदिर के पीछे कमरे में मिलते थे। दोनों ने अपने प्यार को परवान चढ़ाने के लिए सबसे बेहतर जगह चुनी और यहीं पर फिल्मी स्टाइल में हत्या की वारदात को अंजाम देने का फैसला लिया। कृष्ण व ज्योति ने पहले इसकी पूरी स्क्रिप्ट लिखी।
सिमरन को गोशाला लाया कृष्ण
कृष्ण निवासी अटावला व ज्योति निवासी बराना शहर के अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ते हैं। बताया जा रहा है कि ज्योति वारदात के दिन सुबह ही घर से कॉलेज के लिए आ गई थी। उसने पानीपत में आकर कृष्ण से मुलाकात की। वह उसके कहे अनुसार वापस अपने गांव करीब 20 किलोमीटर गई और घर से अपने सारे डॉक्यूमेंट लेकर आई। वह इसके बाद सीधे कृष्ण से मिली। कृष्ण ने यहां पर उससे पूरे मामले के बारे में समझाया। कृष्ण अपने कॉलेज में सेकंड ईअर में पढ़ने वाली सिमरन को फुसलाकर गोशाला के कमरे में ले आया। यहां पर सिमरन को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिला दिया और उसके बाद ज्योति ने अपने कपड़े सिमरन को पहना दिए। दोनों ने सिमरन की आसानी से हत्या कर दी और सिमरन के चेहरे पर एसिड डाल दिया। जबकि वे दोनों कृष्ण के दोस्त के आने का इंतजार कर रहे थे।
एनएसएस में स्वयं सेवक थे दोनों
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी कृष्ण व सिमरन एक दूसरे को पहले से ही जानते थे। पुलिस ने उन दोनों को जानने वाली एक लड़की से बात की। उक्त छात्रा ने बताया कि कृष्ण थर्ड ईयर व वह सिमरन के साथ सेकंड ईयर में पढ़ती है। वे तीनों एनएसएस में स्वयं सेवक हैं। यहां पर उन दोनों की पहचान हुई। कृष्ण व सिमरन अक्सर बात भी करते थे। कृष्ण व सिमरन मंगलवार को कॉलेज में आए थे। वे करीब 11 बजे एक के बाद एक कॉलेज से चले गए थे।
डुप्लीकेट कार्ड भी कर रखा था तैयार
पुलिस के अनुसार हत्यारोपी कृष्ण व ज्योति बड़े ही शातिर थे। उन्होंने सिमरन की डुप्लीकेट आईडी प्रूफ तैयार कर रखे थे। जिनमें चेहरा काफी धुंधला नजर आता था। इसी तरीके से कृष्ण ने अपना खुद व ज्योति के बाद भी डुप्लीकेट डॉक्यूमेंट तैयार कर रखे थे।
सिमरन के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
पुलिस द्वारा मामला सामने लाने के बाद सिमरन के परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है। पिता आलोक दुबे ने बताया कि सिमरन तीन बच्चों में बड़ी थी। उसको वीरवार सुबह थाना शहर में जाने के बाद पूरे मामले की जानकारी लगी। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने सिमरन के पोस्टमार्टम में खानापूर्ति की और ज्योति के परिजनों ने भी पूरे मामले में पर्दा डाले रखा। उन्होंने ज्योति के परिजनों का भी पूरे मामले में हाथ होने का शक जताया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम से लेकर संस्कार करने तक कई क्रियाएं की जाती हैं। परिवार के सदस्यों को उस वक्त शव की पहचान कर लेनी चाहिए थी। आलोक दुबे ने बताया कि वह पिछले दिनों ही बिहार से पानीपत आया था और उसको वीरवार को ट्रेन से वापस बिहार जाना था।
मंदिर में कमरा देना भी बना बड़ा सवाल
जीटी रोड स्थित गोशाला परिसर के मंदिर में बने कमरे में छात्रा की हत्या करना गोशाला प्रबंधन व पुजारी को सवालों के घेरे में ले रहा है। हालांकि राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रेखा शर्मा ने पुलिस अधिकारियों को गोशाला प्रबंधक व पुजारी को जांच में शामिल करने के निर्देश दिए थे, लेकिन गोशाला व मंदिर में इस तरह लड़का व लड़की को मिलने के लिए कमरा देना चिंता का विषय है। गोशाला प्रबंधन इसमें सीधे पुजारी पर सवाल उठा रहे हैं। गोशाला प्रबंधक कमेटी के प्रधान रामनिवास गुप्ता ने बताया कि हाल व कमरों को साफ सफाई के लिए खोला गया था और इसकी सारी जिम्मेदारी पुजारी की होती है। पुलिस ने इस मामले में दोनों को शामिल किया है।
शव को खुर्द बुर्द करने की धारा भी जोड़ी
थाना चांदनी बाग पुलिस ने छात्रा की हत्या के मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर रखा है। फिलहाल मुकदमा अज्ञात पर दर्ज है। पुलिस अटावला निवासी कृष्ण देशवाल को मुख्य आरोपी मानकर जांच कर रही थी। कृष्ण व ज्योति के मिलने के बाद पुलिस ने हत्या के इस मामले में हत्या के साथ शव को खुर्द बुर्द करने की धाराओं को भी जोड़ लिया है।
यह है मामला
विदित है कि मंगलवार सायं जीटी रोड स्थित गोशाला परिसर में बने मंदिर के पीछे बने एक कमरे में एक युवती का शव पड़ा मिला था। थाना चांदनी बाग पुलिस ने शव की शिनाख्त ज्योति निवासी बराना के रूप में की थी। ज्योति आर्य कॉलेज में बीए फाइनल ईयर की छात्रा थी। थाना चांदनी बाग पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया था। वहीं आजाद नगर निवासी आलोक दुबे ने एसडी कॉलेज में बीए सेकंड ईयर में पढ़ने वाली अपनी लड़की सिमरन के अपहरण का आरोप लगाया था। थाना शहर पुलिस ने उसकी शिकायत के आधार पर कृष्ण निवासी अटावला के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने इन सबके बीच छात्रा की हत्या के आरोपी की पहचान भी अटावला निवासी कृष्ण के रूप में कर ली थी। वह एसडी कॉलेज में बीए थर्ड ईयर में ही पढ़ता था।
वारदात में दो-तीन और लड़के भी शामिल
पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने बताया कि हत्यारोपी कृष्ण व ज्योति से पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में इस वारदात में दो-तीन और लड़कों का नाम सामने आया है। वे इस पूरे एपिसोड में हत्यारोपियों के साथ थे। एसपी के अनुसार आरोपी कृष्ण कॉलेज में एनएसएस फाइनल ईयर का इंचार्ज था। छात्रा सिमरन दुबे भी एनएसएस में अच्छा काम कर रही थी। इस तरह से उनकी एक दूसरे से ज्यादा बातचीत भी हो जाती थी। उसने इसी विश्वास में मंगलवार को सिमरन को किसी काम के बहाने मंदिर में बुलाया था। आरोपी कृष्ण ने बताया कि कॉलेज के एक फंक्शन में गोशाला के कमरों में बच्चे ठहरे थे। उनको ये कमरे सबसे सुरक्षित नजर आए। उसके बाद वे एसडी कॉलेज का नाम लेकर आसानी से अकसर कमरों में आने-जाने लगे। उसका व ज्योति का पिछले एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा है। वे दोनों शादी करना चाहते थे। लेकिन दोनों में से किसी के भी परिजन उनकी शादी को तैयार नहीं थे। उन्होंने एक माह पहले अपने प्रेम को परवान चढ़ाने की दिशा में योजना बनाना शुरू किया।