अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जीआरपी के पास सीसीटीवी की 20 दिनों तक की रिकॉर्डिंग होती है। लेकिन, लापता हुए एक नाबालिग के परिजन जब जीआरपी थाने में सीसीटीवी रिकॉर्डिंग देखने पहुंचे, तो उन्हें सिर्फ लाइव चलने की बात कहकर लौटा दिया गया।
जाटल रोड स्थित आरके पुरम निवासी दीपक घर से 29 जून से लापता है। उसके परिजन रविवार को जीआरपी थाने सीसीटीवी फुटेज देखने के लिए आए थे। परिजनों को आशंका है कि दीपक पानीपत स्टेशन से ट्रेन में बैठकर कहीं निकल गया है या उसे ले जाया गया है। इसलिए वे जीआरपी थाने पहुंचे थे। वहां पर जीआरपी अधिकारियों ने उन्हें सीसीटीवी का रिकॉर्ड उनके पास न होने और सिर्फ लाइव चलने की बात कहकर लौटा दिया। दीपक के भाई धीरज कुमार ने बताया कि वह और भाई 11:30 बजे स्टेशन पर बने जीआरपी थाने में सीसीटीवी फुटेज देखने के लिए आए थे, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उन्हें यहां पर सिर्फ लाइव चलने की बात कही। कहा कि यहां पर सिर्फ एक ही दिन का स्टोरेज होता है। उसके बाद थाने से धमकाकर बाहर निकाल दिया। इस बारे में जीआरपी थाना प्रभारी का कहना है कि जो सीसीटीवी फुटेज देखने के लिए लापता बच्चे के परिजन आए थे, उन्हें उससकी सीसीटीवी फुटेज दिखाई गई थी। उनके पास 20 दिन की स्टोरेज का बैकअप रखा हुआ है।