‘पाइप लीकेज से नहीं बॉयलर फटने से हुआ था पानीपत रिफाइनरी में हादसा, लापरवाही का केस’
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत/मतलौडा/थर्मल। इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी के डीसीयू प्लांट में हादसा पाइप लीकेज होने पर नहीं बल्कि बॉयलर फटने से हुआ था। हादसे में मारे गए स्टोंडी करनाल निवासी सुपरवाइजर अनिल सिंह के परिजनों ने यह आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि इसमें रिफाइनरी अधिकारी, कर्मचारी और हाईटेक कंपनी ठेकेदार की लापरवाही है। परिजनों ने बोहली चौकी में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने इसमें रिफाइनरी अधिकारी, कर्मचारी व कंपनी ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
स्टोंडी निवासी अनिल सिंह के परिजन शुक्रवार को बोहली चौकी में पहुंचे। उनके साथ सरपंच पवन ढाकला भी थे। स्टोंडी निवासी ब्रह्मपाल ने शिकायत में बताया कि उसका लड़का अनिल सिंह हाईटेक कंपनी में 2012 से काम कर रहा था। इस कंपनी का पानीपत रिफाइनरी में ठेका चल रहा है। 17 नवंबर को आठ और नौ बजे के बीच उसका लड़का अनिल कंपनी में अपनी ड्यूटी पर था। करीब 11 बजे किसी कर्मचारी ने उसको फोन कर अनिल को चोट लगने की जानकारी दी। उनको बताया गया कि अनिल पानीपत एक अस्पताल में ले गए हैं। वे पानीपत अस्पताल में पहुंचे तो उनको बताया कि अनिल को सफदरजंग अस्पताल दिल्ली ले जाया गया है। जहां पर अनिल की झुलसने और चोट गलने के चलते मौत हो गई। पिता ने आरोप लगाया कि हादसे में रिफाइनरी के दो अधिकारी जिम्मेदार हैं। कई अधिकारी उन पर अनावश्यक रूप से दबाव भी बना रहे हैं। पुलिस ने परिजनों की शिकायत लेकर तुरंत रिफाइनरी अधिकारी, कर्मचारी व हाईटेक कंपनी के ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज कर लिया। चौकी प्रभारी श्रीभगवान ने परिजनों को मामले में उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया।
पिता बोला- अफसर डाल रहे मामले पर पर्दा
ब्रह्मपाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि पानीपत रिफाइनरी में सुरक्षा की दृष्टि से बैरिकेडिंग नहीं की गई थी और न ही साइट पर सुरक्षा उपक्रम मुहैया कराए गए थे। अधिकारियों द्वारा काम शुरू कराने से पहले किसी तरह की चेतावनी भी नहीं दी गई। कंपनी अधिकारी, कर्मचारी व ठेकेदारों की लापरवाही के चलते उनके लड़के अनिल की मौत हुई है। उसके लड़के के दो बच्चे व पत्नी आश्रित थी। कंपनी अधिकारी आज तक हादसे पर पर्दा डाल रहे हैं। हादसा पाइप लिकेज से नहीं बल्कि बॉयलर फटने से हुआ था। इसी हादसे में शेखपुरा करनाल निवासी जसप्रीत की मौत हुई है।
यह है मामला
पानीपत रिफाइनरी में शुक्रवार 17 नवंबर को डीसीयू प्लांट में भाप सप्लाई करने वाले पाइप में लीकेज की बात कही गई थी। बताया गया था कि, पाइप लीक होने से ब्लैक हॉट वाटर आईओसीएल के प्रबंधक प्रदीप, हरमन इंजीनियरिंग के तहत कार्यरत मजदूर जसप्रीत, हाईटेक इंजीनियरिंग के तहत कार्यरत सुपरवाइजर अनिल कुमार व पाल कंस्ट्रक्शन में कार्यरत अंकित के ऊपर गिर गया। हादसे में आईओसएल के प्रबंधक प्रदीप व तीनों कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे। पानीपत रिफाइनरी टाउनशिप अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने अनिल कुमार, अंकित व जसप्रीत को पानीपत स्थित सोनी अस्पताल में रेफर कर दिया था। यहां पर चिकित्सकों ने अनिल व जसप्रीत को चिंताजनक हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रेफर कर दिया था। अधिकारियों के अनुसार आईओसीएल का प्रबंधक प्रदीप करीब 10 प्रतिशत झुलसा हुआ है। जबकि अंकित 35 प्रतिशत, अनिल व जसप्रीत का शरीर 80-80 प्रतिशत झुलसे हुए थे। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में सुपरवाइजर अनिल निवासी स्टोंडी करनाल ने रविवार शाम को दम तोड़ दिया था। वहीं मंगलवार को जसप्रीत निवासी शेखपुरा घरौंडा ने दम तोड़ दिया था।
पुलिस को करनाल के स्टोंडी निवासी ब्रह्मपाल की शिकायत मिली है। उसने अपने लड़के अनिल सिंह की पानीपत रिफाइनरी में हुए धमाके में मौत रिफाइनरी अधिकारी, कर्मचारी व हाईटेक कंपनी के ठेकेदारों की लापरवाही में होने के आरोप लगाए हैं। इसी हादसे में शेखपुरा घरौंडा निवासी जसप्रीत की भी मौत हो गई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर रिफाइनरी अधिकारी, कर्मचारी व हाईटेक कंपनी के ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इसमें जल्द ही आरोपी अधिकारी, कर्मचारी व ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
श्रीभगवान, प्रभारी, बोहली चौकी, पानीपत।