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ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाया गेहूं चोरी के झूठे मामले में फंसाने का आरोप, उरलाना कलां पुलिस चौकी के खिलाफ किया प्रदर्शन

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थर्मल। गांव उरलाना कलां के लोगों ने उरलाना पुलिस चौकी पर चोरी के झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाते हुए वीरवार को अनाज मंडी उरलाना के बूथों में पुलिस प्रसाशन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने पुलिस पर चोरी के केस में एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। लोगों का आरोप है कि पुलिस ने घर में खाने के लिए खरीदे गए गेहूं को चोरी का माल बनाकर कब्जे में ले लिया और वाहन के चालक पर केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उरलाना में पुलिस आमजन पर जुल्म कर रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन के रवैये का खमियाजा रविंद्र पुत्र बीर सिंह व सोनू पुत्र रघबीर निवासी गांव उरलाना को भुगतना पड़ रहा है। दोनों पीड़ितों के परिवार से माता कमलेश ने बताया कि उनके जेठ का बेटा सोनू उनकी गाड़ी में अनाज मंडी उरलाना से करोड़ीमल राजेंद्र कुमार की दुकान से 28 कट्टे गेहूं खरीद कर ला रहे थे। जिसे उरलाना चौकी के पुलिस कर्मियों ने पकड़ कर चोरी के आरोप में केस दर्ज कर बेटे का चलान कर गाड़ी को इंपाउंड कर लिया। गाड़ी के चालक रविंद्र ने बताया की उन्होंने पुलिस कर्मियों से कहा कि वे करोड़ीमल राजेंद्र कुमार की दुकान से गेहूं खरीद कर लाए हैं। इधर, पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और चोरी का केस दर्ज कर जेल भेज दिया। इधर, अनाज मंडी के आढ़ती करोडीमल राजेंद्र कुमार ने कहा कि उन्होंने पुलिस चौकी स्टापु को उनकी दुकान से गेहूं खरीद का बिल भी दिखाया और कहा कि ये गेहूं के कट्टे उनसे ही खरीदे हुए हैं। लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। इधर, पुलिस चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर जगबीर सिंह ने बताया कि कई दिन पहले लिछमन बतरा की दुकान से गेहूं के कट्टे चोरी हो गए थे। इस मामले की जांच की जा रही थी, वहीं 28 कट्टे गेहूं सरकारी बारदाने में पैक गाड़ी में लाद कर ले जाया जा रहा था। सरकारी बारदाना होने पर उन्होंने गाड़ी के चालक व गाड़ी को पकड़कर मामला के अनुसार चालान काट कर आगे भेज दिया। मामले की जांच कर रहे हैं।
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