पानीपत। हाईवे पर लिफ्ट देकर पिस्तौल के बल पर नकदी व एटीएम कार्ड का पासवर्ड पूछकर नकदी निकालने वाले अंतर जिला गिरोह के सरगना को सीआईए-वन ने बबैल नाका से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सरगना विरेंद्र उर्फ विरेन को शनिवार को कोर्ट में पेश कर पुलिस ने 3 दिन का रिमांड पर लिया है। रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से पुलिस अन्य वारदातों को कबूलनामा करवाने का प्रयास करेगी।
जानकारी देते हुए सीआईए-वन टीम प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि शुक्रवार शाम एएसआई दिलबाग सिंह के नेतृत्व में थाना चांदनी बाग क्षेत्र के अंतर्गत गश्त के दौरान मौजूद थी। टीम को गुप्त सूचना मिली की हाईवे पर लिफ्ट देकर पिस्तौल के बल पर नकदी व एटीएम कार्ड का पासवर्ड पूछ कर नकदी निकालने की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का मुख्य सरगना किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा है। सूचना पर टीम उक्त पते पर पहुंची। जहां पहुंच कर टीम ने आरोपी को काबू किया। पूछताछ में आरोपी ने उसकी पहचान विरेंद्र उर्फ विरेन निवासी हरिनगर पानीपत के रूप में बताई। गहनता से पूछताछ में आरोपी ने पानीपत समेत कई जिलों में वारदातों को अंजाम देना कबूल किया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।
गिरोह के 4 आरोपियों को पहले कर चुकी है पुलिस काबू
गिरोह मे शामिल आरोपी के चार अन्य साथी रविंद्र, मनोज, अंकित व आजाद निवासी हरिनगर पानीपत को गत फरवरी माह में सीआईए वन पानीपत पुलिस टीम ने अवैध पिस्तौल व कारतूस सहित काबू कर चुकी है। आरोपियों से पानीपत व अन्य कई जिलों की 15 वारदातों का खुलासा कर तीन दिन की पुलिस रिमांड अवधि के दौरान 15 हजार रुपये की नकदी व वारदातों को अंजाम देने मे प्रयोग की कार बरामद कर आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जा चुका है।
वारदात के लिए अलग-अलग गाड़ियों का करते थे प्रयोग
वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी अलग-अलग गाड़ियों का प्रयोग करते थे। आरोपी किराये पर गाड़ियों को लेकर खुद ड्राईव करते थे और वारदात को अंजाम देने के लिए गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करते थे। जीटी रोड पर स्थित टोल प्लाजा को पार करते समय आरोपी नंबर प्लेट के अक्षरों में हेराफेरी करते थे। एक टोल को पार करने के बाद दूसरे टोल को पार करते समय उस नंबर प्लेट का प्रयोग नहीं करते थे।