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पर्दा व्यापारी के अपहरणकर्ताओं में एक आरोपी का पिता भी था साजिश में शामिल

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पर्दा व्यापारी के अपहरणकर्ताओं में एक आरोपी का पिता भी था साजिश में शामिल
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नौ आरोपियों में पानीपत का एक ट्रांसपोर्टर भी शामिल, सभी जेल भेजे गए

अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। रानी महल निवासी पर्दा व्यापारी गौरव के अपहरणकर्ताओं में मुख्य आरोपी सुहेल का पिता भी साजिश में शामिल था। थाना शहर पुलिस ने नौ आरोपियों से पूछताछ के बाद उसके पिता को भी गिरफ्तार कर लिया। वहीं अपहरण में गिरफ्तार एक आरोपी पानीपत का ट्रांसपोर्टर निकला। सुहेल ने गौरव पर 70 हजार रुपये लेने की बात कही है, लेकिन पुलिस ने प्राथमिक जांच में पैसों का लेन-देन सामने न आने की बात कही है। पुलिस ने सभी दस आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
डीएसपी शहर आत्माराम लांबा ने वीरवार को पूरे मामले का पटाक्षेप किया। उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर बाद करीब तीन बजे दो गाड़ियों में सवार नौ लोगों ने थाना शहर क्षेत्र के अंतर्गत सनौली रोड स्थित हैदराबादी अस्पताल के पास से पर्दा व्यवसायी गौरव निवासी रानी महल पानीपत का अपहरण कर लिया था। गौरव उस समय अपने बड़े भाई सन्नी को दवाई दिलवाने के लिए अस्पताल में गया था। अपहरण की सूचना पर पुलिस हरकत में आई और नाकाबंदी कर नौ अपहरणकर्ताओं को काबू कर गौरव का सकुशल मुक्त करा लिया। पुलिस ने आरोपियों की पहचान मोहल्ला आलकलां थाना कैराना शामली निवासी दिलशाद सोहेब, सद्दाम व सुहेल, तोसिब निवासी मोहल्ला इकरामपुरा कैराना, शामली, कशीश निवासी मस्ताना चौक पानीपत, सचिन निवासी गांव महराना, पानीपत व संदीप निवासी पूठर पानीपत के रूप में की। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की। इनमें से सुहेल अपहरण का मास्टर माइंड मिला।
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सुहेल ने प्राथमिक पूछताछ में बताया कि उसने दिल्ली में अपने नजदीकी ताऊ लियाकत की कपड़ों की दुकान से 12 जून को तीन लाख रुपये चोरी किए थे। उसकी कानपुर में गौरव से मुलाकात हुई। उसने गौरव को 70 हजार रुपये दे दिए। वह बाद में नोएडा में परिवार के लोगों को मिल गया। उसने परिवार के लोगों को 1.70 लाख रुपये दे दिए और 70 हजार रुपये गौरव को देने की बात कही। परिजनों ने पैसों को लेकर गौरव से बात की, लेकिन गौरव अब पैसे देने से इनकार कर रहा था। डीएसपी ने बताया कि इस मामले में प्राथमिक जांच में सामने आया कि गौरव व सुहेल के साथ पैसों का कोई लेन-देन नहीं था। आरोपी सुहेल ने परिजनों की डाट फटकार से बचने के लिए गौरव को 70 हजार रुपये देने की बात कही थी।
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सुहेल का पिता, लॉ का स्टूडेंट साथी व एक ट्रांसपोर्टर भी फंसा
पर्दा व्यापारी के अपहरण में मुख्य आरोपी सुहेल का पिता मुकरीम साजिशकर्ता निकला। गौरव का अपहरण करने कि लिए सचिन निवासी महराना पानीपत से संपर्क किया। सचिन की ट्रांसपोर्ट नगर पानीपत में कार्यालय है। सचिन की गाड़ी कैराना में जाती थी तो मुकरीम गाड़ी लोड करवाने में उसकी मदद करता था। यहां पर दोनों में जान पहचान थी। सचिन भी इसमें शामिल हो गया। वहीं एक अन्य आरोपी दिलशाद एलएलबी तृतीय सेमेस्टर का विद्यार्थी मिला। वह मेरठ यूनिवर्सिटी में पढ़ता है। वे सब पानीपत आकर सचिन से उसके ट्रांसपोर्ट कार्यालय में मिले। यहां से सचिन अपनी स्वीफ्ट कार में दो अन्य साथियों को साथ लेकर हैदराबादी अस्पताल के पास पहुंचा और वहां से पर्दा व्यवसायी गौरव के अपहरण की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने सभी दस आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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