सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता का पुलिस ने किया फोन जब्त, पीड़िता बोली: अब उसके पास नहीं बचा कोई सबूत
पानीपत। सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता से वारदात की हकीकत तक जाने की बात कह कर पुलिस ने उसका मोबाइल फोन, स्क्रीनशॉर्ट के प्रिंटआउट, चिप सहित अन्य सबूत की ऑरिजनल कॉपी पुलिस ने जब्त कर ली है। पुलिस को चिप में पुख्ता प्रमाण देने के बाद भी पुलिस ने महिला से सभी ऑरिजनल कॉपी वारदात की तह तक जाने के नाम पर ले लिए। वहीं पीड़िता का कहना है कि अब उसके पास किसी तरह का कोई अन्य सबूत नहीं बचा है। वहीं पुलिस का अभी तक का रवैया देख पीड़िता को भय बना हुआ है कि कही उसके सबूतों को नष्ट ना किया जाए।
गौरतलब है कि वीरवार को केस दर्ज करने में महिला थाना पुलिस ने काफी अड़चने पीड़िता के समक्ष रखी थी। साथ ही पीड़िता को उसके नेपाल का ऐड्र्रस प्रूफ ना देने की बात कह कर केस भी दर्ज करने से इंकार कर दिया था। इसके बाद मामला डीजीपी के संज्ञान में लाया गया। जिसके बाद डीजीपी ने पानीपत पुलिस को लताड़ लगाई। जिसके बाद केस दर्ज किया गया। वहीं पीड़िता ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज करने के नाम पर उसे थाने में रात साढ़े 10 बजे तक बिठाये रखा। पुलिस ने पीड़िता के बयान के अनुसार वारदात में केस दर्ज करते हुए वो धाराएं भी नहीं लगाई, जोकि आरोपियों पर लगनी चाहिए थी। पीड़िता का कहना है कि उसके साथ धोखाधड़ी कर उसके 2 लाख रुपये भी आरोपियों ने ऐंठ लिए थे। पुलिस ने इसमें 420 की धारा भी नहीं लगाई।
साइबर सेल से मोबाइल की जांच करवाई जाएगी। जांच में पता लगाया जाएगा कि ये वीडियो इसी फोन में बनाई गई है या फिर इस फोन में भेजी गई है। इसका पता लगते ही पीड़िता को उसका फोन दे दिया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है। मीना, महिला थाना प्रभारी, पानीपत।