फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संयुक्त व्यापार मंडल ने नगर निगम को दिया दस दिन का अल्टीमेटम, मांग पूरी नहीं हुई तो धरना प्रदर्शन शुरू

विज्ञापन
विज्ञापन
संयुक्त व्यापार मंडल ने नगर निगम को दिया दस दिन का अल्टीमेटम, मांग पूरी नहीं हुई तो धरना प्रदर्शन शुरू
विज्ञापन

फोटो संख्या- 17,18,19
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
संयुक्त व्यापार मंडल ने नगर निगम को दस दिन का अल्टीमेटम दे दिया है। यदि इन दस दिनों में उनकी मांगों पर नगर निगम ने कोई ध्यान नहीं दिया तो दस दिनों के बाद नुक्कड़ नाटक कर धरना प्रदर्शन शुरू किया गया। यदि फिर भी नगर निगम ने उनकी मांग नहीं वे सभी व्यापारी अपनी दुकानों को ताला लगाकर उनकी चाबियां नगर निगम कार्यालय के बाहर फेंक आएंगे। संयुक्त व्यापार मंडल ने यह अल्टीमेटम रविवार को तोता राम धर्मशाला में प्रेसवार्ता के दौरान दिया। इस दौरान लगभग तीस बाजारों के प्रधान शामिल थे। संयुक्त व्यापार मंडल के प्रधान अनिल मदान ने कहा कि जिस तहत पानीपत में नगर परिषद् से नगर निगम बनाया गया है। उसके अनुसार अभी तक शहर में एक भी कार्य नहीं हुआ है। नगर निगम बनने पर अधिकारियों की संख्या तो बढ़ गई है। लेकिन काम पहले से भी कम हो गए हैं और भ्रष्टाचार ज्यादा हो गया है। नगर निगम में सरकार द्वारा करोड़ों रुपये विकास कार्य के लिए आते हैं, लेकिन अधिकारी मिलीभगत कर उन पैसों को डकार जाते हैं और किसी को पता भी नहीं लगने देते। इसी तरह स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर में साफ-सफाई, सुलभ शौचालयों के लिए करोड़ों रुपया आ चुका है। लेेकिन शहर के हातल ऐसे बने हुए हैं कि यहां की गलियों से गुजरा भी नहीं जाता, क्योंकि गलियों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जो शौचालय बनाए गए हैं उनपर ताले लटके हुए हैं, आधे से ज्यादा शौचालय खस्ता हालत में हैं। मजबूरन लोगों को खुले में शौच जाना पड़ रहा है। नगर निगम द्वारा शहर में कोई कार्य ठीक ढंग से नहीं कराया जा रहा, सभी अपने कमीश्न पर ध्यान दे रहे हैं। इस दौरान ये रहे मौजूद दर्शन लाल वधवा, गौरव लिखा, लक्की शर्मा, सुशील भराडा, सुनील अरोड़ा, बाबू भाई बरेजा, मुरली, राजू चावला, विजय कक्कड़, राजीव खरबंदा, कर्मचंद नारंग आदि मौजूद रहे।

बाक्स
ये रहे रखी मांग
मंडल के प्रधान अनिल मदान ने कहा कि बाजार में नगर निगम या फिर कोई कंपनी कूड़ा उठा रही है तो वह एक बार संयुक्त व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठकर मीटिंग करें और बताएं कि वह बाजार से कूड़ा कैसे उठाएंगे। क्योंकि बाजार में अधिकतर गलियां भिड़ी है, वहां ट्रैक्टर-ट्राली नहीं जा सकती और उन गलियों में गंदगी के ढ़ेर लगे हुए हैं।
विज्ञापन


अंबाला और पंचकूला की तर्ज पर पानीपत नगर निगम को भी भंग किया जाए। क्योंकि जब से नगर निगम बना है अभी तक कोई भी कार्य ठीक से नहीं हुआ, बल्कि नगर निगम में भ्रष्टाचार बढ़ गया है।
बाजार में हर दसवीं दुकान के बाहर आमने व सामने स्ट्रीट लाइट लगवाई जाए।
शहर में नगर निगम द्वारा जो सुलभ शौचालय बनवाए गए हैं, उनके ताले खोले जाएं और वहां एक कर्मचारी तैनात किया जाए।
पानीपत एक ऐतिहासिक नगरी है, लेकिन यहां कोई पर्यटन स्थल नहीं बनाया गया, पानीपत में भी कुरूक्षेत्र की तर्ज पर पर्यटन स्थल बनाया जाए, ताकि बाहर से लोग यहां आए और पानीपत के इतिहास से रूबरू हों।
विज्ञापन

शहर में दो साल में चोरी व स्नेचिंग की घटनाओं को लेकर आरटीआई लगाई जाएगी।
बाजार को अतिक्रमण मुक्त किया जाए, रेहड़ियों को बाजार से बाहर किया जाए, इसके लिए संयुक्त व्यापार मंडल नगर निगम के साथ है।

सभी व्यापारियों ने ली शपथ
बैठक के दौरान सभी व्यापारियों ने संयुक्त रूप से शपथ ली और कहा कि वे प्रशासन को ज्ञापन देकर थक चुके हैं, अभी वे प्रशासन को कोई ज्ञापन नहीं देंगे। यदि नगर निगम ने उनकी मांगों को गंभीर नहीं लिया तो वे नगर निगम के साथ आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। यदि नगर निगम को उनकी कहीं आवश्यकता है तो वे नगर निगम के साथ खड़े हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें